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एमपी की डिग्री को यूपी में मान्यता देने पर जवाब तलब
Updated Thu, 21 Sep 2017 09:27 PM IST
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एमपी की डिग्री को यूपी में मान्यता देने पर जवाब तलब
0 कोर्ट ने पूछा एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त डिग्री क्यों नहीं है मान्य
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मध्य प्रदेश की शिक्षक प्रशिक्षण डिग्री डीएड को यूपी में मान्यता नहीं देने पर हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर इस मामले में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि यदि सचिव जवाब दाखिल नहीं करते हैं तो उनको व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होना होगा।
श्यामवीर और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने कहा कि डीएड की डिग्री एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त है। एनसीटीई द्वारा लागू नियम उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली पर प्रभावी होंगे। याचिका में कहा गया कि याचीगण मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भोपाल से मान्यता प्राप्त संस्थान से डीएड डिग्री धारी हैं। यह एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान है। एनसीटीई द्वारा 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कक्षा एक से पांच तक स्कूलों में पढ़ाने के लिए एलीमेंट्री एजूकेशन में दो वर्षीय डिप्लोमा (जो किसी भी नाम से जाना जाता हो) प्राप्त होना अनिवार्य है। हर्ष कुमार केस में सुप्रीमकोर्ट ने भी कहा है कि एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त डिग्री धारकों को कक्षा एक से पांच तक पढ़ाने का अधिकार है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर कोर्ट ने कहा कि विभाग ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा सचिव से छह अक्तूबर तक हलफनामा मांगा है।
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एमपी की डिग्री को यूपी में मान्यता देने पर जवाब तलब
0 कोर्ट ने पूछा एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त डिग्री क्यों नहीं है मान्य
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मध्य प्रदेश की शिक्षक प्रशिक्षण डिग्री डीएड को यूपी में मान्यता नहीं देने पर हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर इस मामले में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि यदि सचिव जवाब दाखिल नहीं करते हैं तो उनको व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होना होगा।
श्यामवीर और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने कहा कि डीएड की डिग्री एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त है। एनसीटीई द्वारा लागू नियम उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली पर प्रभावी होंगे। याचिका में कहा गया कि याचीगण मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भोपाल से मान्यता प्राप्त संस्थान से डीएड डिग्री धारी हैं। यह एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान है। एनसीटीई द्वारा 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कक्षा एक से पांच तक स्कूलों में पढ़ाने के लिए एलीमेंट्री एजूकेशन में दो वर्षीय डिप्लोमा (जो किसी भी नाम से जाना जाता हो) प्राप्त होना अनिवार्य है। हर्ष कुमार केस में सुप्रीमकोर्ट ने भी कहा है कि एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त डिग्री धारकों को कक्षा एक से पांच तक पढ़ाने का अधिकार है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर कोर्ट ने कहा कि विभाग ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा सचिव से छह अक्तूबर तक हलफनामा मांगा है।
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