फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   असफल छात्रों को न्याय की उम्मीद कम

असफल छात्रों को न्याय की उम्मीद कम

Thu, 15 Jun 2017 09:39 PM IST
Updated Thu, 15 Jun 2017 09:39 PM IST
विज्ञापन
असफल छात्रों को न्याय की उम्मीद कम
कॉपियां नष्ट होने से असफल छात्रों की उम्मीद टूटी
विज्ञापन

0 कॉपियों की जांच नहीं हुई तो न्याय मिलने के आसार कम
0 प्रतियोगियों ने सीएम को भेजी शिकायत पर कार्रवाई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पीसीएस-2014 की उत्तर पुस्तिकाओं को नष्ट किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में शामिल उन छात्रों के लिए न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है, जो परीक्षाओं में असफल हो गए थे और आरोप लगा रहे थे कि भर्तियों में धांधली के कारण उन्हें असफल कर दिया गया। ऐसे प्रतियोगी छात्रों का मानना है कि जब कॉपियों की जांच ही नहीं हो सकेगी तो धांधली कैसे पकड़ में आएगी। इस बाबत तमाम प्रतियोगियों ने सीएम को शिकायत भी भेजी थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रतियोगी छात्र एक अभियान के तहत पिछले कुछ दिनों से सीएम योगी आदित्य नाथ को उनके मेल आईडी पर शिकायत भेज रहे हैं कि आयोग में कॉपियों से छेड़छाड़ की जा रही है और भर्तियों में हुई धांधली के सुबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है लेकिन सरकार ने इस अब तक इस मामले में कुछ नहीं किया। प्रतियोगियों का कहना है कि अगर उनकी मांग पर सरकार भर्तियों में हुई धांधली की सीबीआई जांच कराती भी है तो सिर्फ उन्हीं छात्रों के मामले में गड़बड़ी पकड़ में आ सकेगी, जिनका चयन गलत ढंग से हुआ। सफल छात्रों की कॉपियां बचाकर रख जाने का प्रावधान है लेकिन जो छात्र परीक्षाओं में असफल हो गए और उन्हें लग रहा था कि जांच में गड़बड़ी का खुलासा होने पर उन्हें मौका मिलेगा, उन्हें अब न्याय मिलने की उम्मीद बहुत कम रह गई है। ऐसे ही एक मामले के शिकार प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने आरोप लगाया है कि पीसीएस के साथ ही लोअर, आरओ-एआरओ, पीसीएस-जे, एपीओ परीक्षा की कॉपियां भी आयोग नष्ट कर चुका है। प्रतियोगी छात्रों की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर लगातार मांग की जा रही है कि शासन मामले में सीधे हस्तक्षेप करे और आयोग की इस कार्यप्रणाली पर लगाम कसे लेकिन सरकार ने अब तक कुछ नहीं किया। अगर यही हालत रही तो परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले बच निकलेंगे और धांधली के शिकार छात्रों को कभी राहत नहीं मिलेगी।
विज्ञापन

00
‘ उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में सब कुछ नियमों के अनुरूप होता है। कॉपियों को संरक्षित रखने के नियम में संशोधन मेरे कार्यकाल से पहले हुआ। संशोधित नियम से ज्यादातर लोग वाकिफ हैं। पीसीएस-2014 परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी भी यह जानते होंगे। ऐसे में उन्हें उत्तर पुस्तिका देखने के लिए समय से आवेदन करना चाहिए था।’ -अनुरुद्ध यादव, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed