फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   गवाह विश्वसनीय तो संबंधह होने से कमजोर नहीं होगा साक्ष्य

गवाह विश्वसनीय तो संबंधह होने से कमजोर नहीं होगा साक्ष्य

Sat, 20 Apr 2019 08:30 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 20 Apr 2019 08:30 PM IST
विज्ञापन
गवाह विश्वसनीय तो संबंधह होने से कमजोर नहीं होगा साक्ष्य
बरेली के ध्यानार्थ
विज्ञापन

00000000000000000

गवाह विश्वसनीय तो संबंधी होने
से कमजोर नहीं होगा साक्ष्य: कोर्ट
0 चाचा के हत्यारे की अपील खारिज, उम्रकैद की सजा बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि गवाह की मौके पर उपस्थिति विश्वसनीय है तो उसका साक्ष्य इस आधार पर कमजोर नहीं माना जाएगा कि वह मरने वाले का निकट संबंधी या रिश्तेदार है। इस दृष्टांत के आलोक में कोर्ट ने बरेली के शिशुपाल की आपराधिक अपील खारिज करते हुए उसे मिली उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। अपील पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ ने सुनवाई की।
शिशुपाल को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बरेली ने 30 नवंबर 2013 को अपने चाचा की हत्या के जुर्म में उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी। बरेली के भमोरा थानाक्षेत्र के मृतक नेतराम की पत्नी रुनका देवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उसके सगे भतीजे शिशुपाल की उसकी जमीनें हड़पने की नीयत थी चूंकि उनके कोई संतान नहीं है, इसलिए शिशुपाल जमीनें हड़पना चाहता था। इसी नीयत ने 11 अक्तूबर 2010 को सुबह शिशुपाल ने घर के पिछवाड़े सो रहे नेतराम के सिर पर ईंट से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। पति की चींख सुनकर वह बाहर निकली तो देखा शिशुपाल नेतराम को मार रहा था। इसके बाद वह भाग गया।
विज्ञापन

अधीनस्थ न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर शिशुपाल को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई। अपीलार्थी के पक्ष से कहा गया कि चश्मदीद गवाह रुनका देवी की मौके पर उपस्थिति संदिग्ध है। वह मृतक की पत्नी है, इसलिए उसकी गवाही नहीं मानी जा सकती है। कोई अन्य स्वतंत्र चश्मदीद साक्षी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयान से रुनका देवी की मौके पर उपस्थिति साबित होती है, इसलिए सिर्फ मृतक की करीबी संबंधी होने के आधार पर उसकी गवाही को संदिग्ध नहीं माना जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed