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हाईकोर्ट के आदेश पर यथास्थिति का आदेश

Fri, 13 Jul 2018 10:49 PM IST
Updated Fri, 13 Jul 2018 10:49 PM IST
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हाईकोर्ट के आदेश पर यथास्थिति का आदेश
फ्लैग: 29334 गणित-विज्ञान सहायक अध्यापक भर्ती मामला
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हेडिंग: हाईकोर्ट के आदेश पर यथास्थिति का आदेश

0 बीएड, बीटीसी से पहले ही टीईटी पास करने वालों को नौकरी से हटाने का था आदेश

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/इलाहाबाद। बीएड या बीटीसी की डिग्री लेने से पहले ही टीईटी पास कर नौकरी कर रहे शिक्षकों को सुप्रीमकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत ने हाईकोर्ट के उस आदेश पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, जिसमें इन शिक्षकों को सेवा से हटाने के लिए कहा गया था। हाईकोर्ट के 30 मई के आदेश को सुप्रीमकोर्ट में एसएलपी दाखिल कर चुनौती दी गई थी। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण मिश्र और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने शिक्षकों की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट में इन शिक्षकों के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाले छात्र को भी सुप्रीमकोर्ट ने नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह के बाद होगी।

क्या था मामला
29334 गणित विज्ञान के सहायक अध्यापक भर्ती को सबसे पहले एकल न्यायपीठ में चुनौती दी गई थी। कहा गया कि जिन लोगों ने प्रशिक्षण के पहले वर्ष में ही टीईटी पास कर नियुक्ति पा ली है, उनकी नियुक्तियां अवैध हैं। क्योंकि टीईटी प्रशिक्षण प्राप्त या प्रशिक्षण के अंतिम वर्ष में बैठा जा सकता है। दूसरा मुद्दा स्नातक में गणित-विज्ञान विषय का उठाया गया। कई ऐसे अभ्यर्थियों को इसमें चयनित कर लिया गया, जिनका स्नातक में गणित या विज्ञान विषय नहीं था। इसमें तकनीकी विषयों से स्नातक करने वाले भी काफी संख्या में थे। एकलपीठ ने इस दलील को स्वीकार करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों का पक्ष सुनकर निर्णय लेने का निदेश दिया था।
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विशेष अपील भी हुई खारिज
एकलपीठ के फैसले को विशेष अपील में चुनौती दी गई। जस्टिस दिलीप गुप्ता और जस्टिस जयंत बनर्जी की पीठ ने भी माना कि प्रशिक्षण के प्रथम वर्ष में पढ़ने वालों को टीईटी में बैठने का अधिकार नहीं है। स्नातक में गणित या विज्ञान में से किसी एक विषय का होना नियुक्ति के लिए अनिवार्य है। खंडपीठ ने 30 मई के अपने आदेश में ऐसे शिक्षकों को चिह्नित कर उनका पक्ष सुनने के बाद सेवा से हटाने का आदेश दिया था, जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने से पहले ही टीईटी पास कर ली या जिनका स्नातक में गणित और विज्ञान दोनों विषय नहीं था। हाईकोर्ट के इस आदेश से ऐसे हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया जिन्होंने गलत तरीके से टीईटी पास किया या जिनका स्नातक में गणित और विज्ञान विषय नहीं है।
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2013 में जारी हुआ था विज्ञापन
सीनियर बेसिक स्कूलों में गणित और विज्ञान के 29334 सहायक अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन जुलाई 2013 में जारी किया गया। इसे लेकर जारी शासनादेश में नियुक्ति की शर्तें दी गई थी। अंतिम रूप से चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभात कुमार वर्मा और 23 अन्य लोगों ने नियुक्तियां शासनादेश के अनुसार नहीं की गई हैं, जिस पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 30 मई को आदेश देते हुए अपात्र शिक्षकों को सेवा से हटाने का आदेश दिया था।


अन्य भर्तियों में भी है गड़बड़ी
शिक्षक भर्ती के लिए प्रशिक्षण के पहले वर्ष में ही टीईटी पास करने और प्रशिक्षण के बाद नियुक्ति पाने की गड़बड़ी अन्य शिक्षक भर्तियों में भी है। मगर जानकार बताते हैं कि हाईकोर्ट का मौजूदा आदेश 29334 सहायक अध्यापक भर्ती को लेकर है इसलिए ऐसे लोगों पर ही लागू होगा जो इस भर्ती के तहत नियुक्ति हुए हैं।
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