फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   नोएडा सेवा नियमावली में संशोधन को चुनौती

नोएडा सेवा नियमावली में संशोधन को चुनौती

Sat, 07 Jul 2018 09:08 PM IST
Updated Sat, 07 Jul 2018 09:08 PM IST
विज्ञापन
नोएडा सेवा नियमावली में संशोधन को चुनौती
नोएडा सेवा नियमावली में संशोधन को चुनौती
विज्ञापन

0 नोएडा से बाहर तबादले, केंद्रीय सेवा का विकल्प अनिवार्य करने के खिलाफ कोर्ट पहुंचे कर्मचारी
0 महाधिवक्ता को नोटिस जारी, जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (नोएडा) की सेवा नियमावली में संशोधन को कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने महाधिवक्ता को नोटिस जारी कर इस मामले में सरकार का पक्ष रखने का निर्देश दिया है। नोएडा इंपलाइज एसोसिएशन और अन्य की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है।
याची एसोसिएशन के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि नोएडा के गठन के समय अधिकतर उन लोगों को इसमें रखा गया जो स्थानीय थे और उनकी जमीनें अधिग्रहीत कर ली गईं थीं। अथॉरिटी का गठन यूपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट 1976 के तहत हुआ। इसकी सेवा नियमावली में स्थानांतरण का कोई प्रावधान नहीं था। नियमावली के मुताबिक कर्मचारी स्थानीय होंगे और यहीं नौकरी करेंगे। नोएडा अधिनियम की धारा 05 के अनुसार अथॉरिटी अपने कर्मचारियों का चयन स्वयं करेगी और कर्मचारी का नोएडा से बाहर स्थानांतरण नहीं होगा। बाद में सरकार ने एक्ट में संशोधन कर नई धारा 5(ए) जोड़ दी। नए नियम के अनुसार नियुक्तियां सरकार करेगी और इसे केंद्रीय सेवा बनाया जाएगा तथा कर्मचारियों का स्थानांतरण उत्तर प्रदेश में कही भी किया जा सकेगा। कर्मचारियों को अब अनिवार्य रूप से एक विकल्प भरना है कि वह केंद्रीय सेवा में जाना चाहते हैं या नहीं। विकल्प न भरने वाले को सेवा से बाहर कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

अधिवक्ता का कहना था कि सरकार ने एक्ट की धारा 05 में संशोधन किए बिना धारा 5(ए) जोड़ दी, जिससे दोनों धाराएं अल्ट्रा वायरस हो गईं, जो कि असंवैधानिक है। मूल धारा में संशोधन के बिना ऐसा नहीं किया जा सकता है। कर्मचारियों को कोई विकल्प नहीं दिया गया है। वह केंद्रीय सेवा का विकल्प देने के लिए बाध्य हैं। कोर्ट ने महाधिवक्ता और नोएडा को 30 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed