प्रयागराज : 10वीं के छात्र ने फंदे से लटककर दी जान, आवासीय स्कूल से निकाले जाने से था दुखी
ज्ञानेंद्र शुक्ला मूल रूप से प्रतापगढ़ के बासूपुर, थाना मानधाता के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी मायके में रहती हैं। जबकि दो बेटों में बड़ा रोहन इन दिनों धूमनगंज के प्रीतम नगर में रहने वाले अपने दादा देवीशंकर शुक्ला व चाचा देवेंद्र शुक्ला के साथ रह रहा था।
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धूमनगंज के प्रीतम नगर में रहने वाले 10वीं के छात्र रोहन शुक्ला (15) ने बुधवार दोपहर फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि तीन महीने पहले उसे आवासीय स्कूल से निकाल दिया गया था और इसी से दुखी होकर उसने यह कदम उठाया। पोस्टमार्टम हो गया है लेकिन अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को कराया जाएगा।
ज्ञानेंद्र शुक्ला मूल रूप से प्रतापगढ़ के बासूपुर, थाना मानधाता के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी मायके में रहती हैं। जबकि दो बेटों में बड़ा रोहन इन दिनों धूमनगंज के प्रीतम नगर में रहने वाले अपने दादा देवीशंकर शुक्ला व चाचा देवेंद्र शुक्ला के साथ रह रहा था। देवेंद्र ने बताया कि बुधवार दोपहर 1.30 बजे के करीब घरवाले अपने-अपने काम में व्यस्त थे। इसी दौरान रोहन दूसरे तल पर बने कमरे में चला गया। बहुत देर तक वापस नहीं आने पर घरवाले खाने के लिए बुलाने पहुंचे तो वह फांसी के फंदे पर लटका मिला।
फंदे से उतारकर अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस भी आ गई और शव मोर्चरी भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव परिजनों को सौंप दिया गया। चाचा देवेंद्र ने बताया कि अंतिम संस्कार सुबह कराया जाएगा। एसीपी धूमनगंज वरुण कुमार का कहना है कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। न ही कोई तहरीर मिली है।
‘बदमाशी बहुत करता है’, कहकर निकाल दिया था स्कूलवालों ने
देवेंद्र ने बताया कि रोहन प्रतापगढ़ के ही राजकीय आश्रम शिक्षा पद्धति विद्यालय, नारायणपुर जेठवारा में रहकर पढ़ता था। कक्षा छह से उसका दाखिला हुआ था। करीब तीन महीने पहले स्कूलवालों ने उसे निकाल दिया। परिजन वजह पूछने गए तो बताया कि वह बहुत बदमाशी करता है। ऐसे में इसे अपने साथ ले जाएं और सिर्फ परीक्षा दिलाने के लिए ले आइएगा। फिलहाल परिजनाें की ओर से किसी तरह की तहरीर नहीं दी गई है।
12 दिन में तीसरा मामला
शहर में छात्र-छात्राओं की खुदकुशी का यह 12 दिन के भीतर तीसरी घटना है। आठ सितंबर को कैंट के नेवादा में रहने वाली 11वीं की छात्र पलक जायसवाल (16) ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। आरोप है कि मेरी वानामेकर स्कूल में पढ़ने वाली पलक ने शिक्षिका की ओर से फोन पर डांटे जाने के बाद यह कदम उठाया। शिक्षक दिवस पर कॉलेज की एक शिक्षिका की डांस परफॉर्मेंस का वीडियो छात्रा ने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाया था। उधर 15 सितंबर को खुल्दाबाद के गाड़ीवान टोला निवासी एंग्लोबंगाली इंटर कॉलेज के 12वीं के छात्र यथार्थ केशरवानी ने फंदे पर लटककर मौत को गले लगा लिया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि वह स्कूल से नाम कटने से दुखी था।