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किस्त बाकी रहने पर जब्त किया वाहन तो होगी गिरफ्तारी

Wed, 24 Jul 2013 11:39 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Wed, 24 Jul 2013 11:39 AM IST
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allahabad high court verdict finance company auto loan

फाइनेंस कंपनियों से लोन लेकर वाहन खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर है।

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कुछ किस्तें बाकी रह जाने के बाद भी अगर फाइनेंस कंपनियों वाहन उठाती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

लोन लेकर खरीदे गए वाहनों को फाइनेंस कंपनियों द्वारा जबरिया उठाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाया है।

उच्च न्यायलय ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से कहा है कि वे ऐसे मामलों में सभी एसएसपी, एसपी व थानेदारों को तत्काल एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दें।

कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में लोन न चुका पाने के मामलों में गाड़ी उठाने वालों की गिरफ्तारी और जब्त वाहनों की वापसी की समुचित कार्रवाई करने का आदेश दे रखा है।
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कोर्ट ने मुख्य सचिव और डीजीपी से यह भी कहा कि अपने निर्देशों के साथ अदालत के आदेश की कॉपी भी अफसरों को भेजें।

जस्टिस सिबगतुल्ला खां व न्यायमूर्ति डॉ. सतीश चंद्र की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश मोहम्मद लियाकत की याचिका पर दिया।

याची का कहना था कि उसने इंडिया बुल्स फाइनेंशियल सर्विसेज से ट्रक खरीदने के लिए कर्ज लिया था। इसकी 44 में से 41 किस्तें चुका दी थीं। इसके बाद किस्तों का भुगतान न किए जाने पर फाइनेंस कंपनी ने जबरिया उसका ट्रक छीन लिया।
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मामले में याची ने कोर्ट के आदेश से रायबरेली की लालगंज कोतवाली में लूट का मामला भी दर्ज कराया था।

अदालत ने सख्ती भरे लहजे में कहा कि 44 में से महज तीन किस्तें अदा न किए जाने पर पुलिस अफसरों ने फाइनेंसरों को जबरिया ट्रक खींचने की इजाजत दे दी और छह साल तक ट्रक उन्हीं के पास रहा, जिससे वह बेकार हो गया।

कोर्ट ने इस पर आश्चर्य जताया कि फतेहपुर कोतवाली प्रभारी (जहां ट्रक को उठाया गया था) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट की फैसले से वाकिफ नहीं थे।

रायबरेली के थाना प्रभारी ने रिपोर्ट दी कि मामले की तफ्तीश फतेहपुर के संबंधित थाने को स्थानांतरित कर दी गई है जबकि फतेहपुर पुलिस का कहना है कि अभी इसकी औपचारिक सूचना नहीं मिली है।


अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को तय कर सरकारी वकील से कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है और आला अफसरों को ऐसे सभी मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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