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Aligarh: 13 साल पहले हुई बुजुर्ग की हत्या में युवक को आजीवन कारावास, एक आरोपी बरी
Thu, 26 Sep 2024 04:26 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 26 Sep 2024 04:26 PM IST
सार
नई दिल्ली के उत्तम नगर निवासी मनोज कुमार ने तहरीर देकर कहा था कि उनकी ससुराल थाना जवां क्षेत्र के गांव बरौली में हैं। ससुर जगदीश दोपहर 12 बजे घर से दुकान पर गए थे, जो तेज सिंह की सीमेंट-बदरपुर की दुकान पर काम करते थे। दोपहर तीन बजे पता चला कि नहर किनारे किसी ने उनकी हत्या कर दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
अलीगढ़ के थाना जवां क्षेत्र में 13 साल पहले हुई बुजुर्ग की हत्या के मामले में एडीजे 14 अमित कुमार तिवारी की अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 40 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है। जिसकी आधी धनराशि मृतक के वारिसान को देने के लिए आदेश दिया गया है। इस मामले में एक आरोपी को संदेह के लाभ में बरी कर दिया गया।
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एडीजीसी प्रमेंद्र जैन ने बताया कि नई दिल्ली के उत्तम नगर निवासी मनोज कुमार ने तहरीर देकर कहा था कि उनकी ससुराल थाना जवां क्षेत्र के गांव बरौली में हैं। ससुर जगदीश दोपहर 12 बजे घर से दुकान पर गए थे, जो तेज सिंह की सीमेंट-बदरपुर की दुकान पर काम करते थे। दोपहर तीन बजे पता चला कि नहर किनारे किसी ने उनकी हत्या कर दी है। शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। शरीर पर चाकू के निशान थे।
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पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर जांच की और थाना क्षेत्र के गांव श्यामपुर निवासी हर्षवीर उर्फ चुनमुन को जेल भेज दिया। पुलिस ने दावा किया कि तांत्रिक ने गहरी आत्माओं की बलि देने के लिए कहा था, जिसके बाद उसने जगदीश की हत्या कर डाली। तांत्रिक बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र के वैरूनी सराय निवासी बबलेश वार्ष्णेय बताया गया। पुलिस ने हर्षवीर, बबलेश समेत चार लोगों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
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दोषी ने समृद्धि पाने के लिए तांत्रिक के कहने पर हत्या की थी। सत्र परीक्षण के दौरान दो नाबालिग की फाइल अलग कर दी गई। कुल 11 गवाह अपनी गवाही के लिए प्रस्तुत हुए। इनमें कोई चश्मदीद नहीं था। लेकिन, जगदीश की बेटी खुशबू ने आखिरी बार पिता जगदीश को हर्षवीर के साथ जाते हुए देखा था। इसे महत्वपूर्ण मानते हुए अदालत ने हर्षवीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, बबलेश के खिलाफ कोई सुबूत न मिलने पर उसे बरी कर दिया गया।