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उपचार के अभाव में युवा साधु की मौत, पीएम, सीएम एवं डीएम तक से लोगों ने मांगी थी मदद

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2020 04:05 PM IST
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Young monk dies due to lack of treatment
अलीगढ़। क्वार्सी थाना क्षेत्र के पंचनगरी लोधी विहार स्थित मरघट में उपचार के अभाव में एक ३३ वर्ष के साधु की मौत हो गई। लोगों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी के पास ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई थी। ४८ घंटे बीत जाने के बावजूद किसी के कान पर जू नहीं रेंगा और अंतत: बाबा चल बसे।
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३३ वर्षीय नेत सिंह उर्फ अजयनाथ तिवारी की मौत रविवार सुबह पंचनगरी स्थित मरघट में हो गई। समाज सेवियों ने उनके शव को इगलास स्थित उनके गांव भिजवा दिया है।
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हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व महानगर अध्यक्ष भारत गोस्वामी ने बताया कि साधु बाबा पंचनगरी पोखर के पास स्थित मंदिर में ३-४ साल से रह रहे थे। वर्ष २०१४ में दुर्घटना में उनके बाये पैर की हड्डी टूट गई थी। सीढ़ी से गिरने के कारण फिर से हड्डी फ्रैक्चर हो गई थी। इसलिए पैर में गहरे जख्म थे और चलने-फिरने में दिक्कत थी। वह मंदिर में लेटे रहते थे। स्थानीय लोग भोजन आदि पहुंचा देते थे। २१ अप्रैल को तबियत खराब हुई तो लोगों ने ११२ नंबर पर फोन कर स्वास्थ्यकर्मियों को बुला लिया। सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। चिकित्सकों ने उन्हें छेरत व बाद में जीटी रोड स्थित क्वारंटीन में रखा। भारत का कहना है कि साधु बाबा की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें क्वारंटीन से निकाल दिया गया। वह किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ २९ अप्रैल को मंदिर पहुंचे लेकिन कोरोना वायरस के डर से कुछ लोगों ने आपत्ति दर्ज की। उसके बाद बाबा पंचनगरी लोधी विहार चौराहे के पास स्थित मरघट में पहुंच गए और वहीं रहने लगे। भारत गोस्वामी और उनके साथी ३० अप्रैल को मरघट पहुंचे और जिलाधिकारी से संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए फेसबुक पर लाइव चलाया। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी को ट्वीट कर मदद का आग्रह किया गया। २ मई की रात्रि में जब युवक खाना लेकर गए तो साधु बाबा ज्यादा परेशान दिखे। भारत गोस्वामी कहते हैं कि ४८ घंटे तक कोई मदद नहीं मिलने के कारण आखिरकार साधु बाबा दुनिया छोड़कर चले गए। उन्होंने बताया कि लोगों के सहयोग से साधु बाबा के शव को उनके इगलास स्थित गांव टीकापुर भेज दिया गया है।
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