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Aligarh News: टप्पल में 30 हेक्टेयर भूमि पर चला यीडा का बुलडोजर
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टप्पल क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ यीडा ने बृहस्पतिवार को बड़ी कार्रवाई की। नूरपुर-लालपुर मार्ग पर बिना अनुमति विकसित की जा रही कथित अवैध कॉलोनी में करीब 30 हेक्टेयर (तीन लाख वर्गमीटर) भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। आठ बुलडोजरों से कॉलोनी के रास्ते, कार्यालय, चारदीवारी, बिजली के पोल समेत अन्य निर्माण ध्वस्त कर दिए गए।
कार्रवाई यीडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश तथा अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार और शैलेंद्र सिंह के निर्देशन में हुई। भूलेख एवं प्रोजेक्ट विभाग के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सीओ अभिषेक कुमार पटेल के नेतृत्व में टप्पल पुलिस बल तैनात रहा।
कार्रवाई का किसान नेताओं ने विरोध किया। अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। किसानों ने बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप लगाया। वहीं, यीडा ने इसे अधिसूचित क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण एवं अनधिकृत विकास के खिलाफ चल रहे प्रवर्तन अभियान का हिस्सा बताया। टप्पल नगर पंचायत का दर्जा समाप्त होने के बाद यह क्षेत्र में यीडा की छठी बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले 11 जुलाई को सिमरौठी और मरोरगढ़ी क्षेत्र में भी अवैध कॉलोनियों के निर्माण ध्वस्त कर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई थी।
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किसान नेताओं ने किया विरोध
ध्वस्तीकरण के दौरान किसान नेता मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उनका आरोप था कि प्राधिकरण ने प्रभावित लोगों को नोटिस दिए बिना कार्रवाई की। यीडा ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जे, अनधिकृत निर्माण और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी।
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कार्रवाई यीडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश तथा अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार और शैलेंद्र सिंह के निर्देशन में हुई। भूलेख एवं प्रोजेक्ट विभाग के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सीओ अभिषेक कुमार पटेल के नेतृत्व में टप्पल पुलिस बल तैनात रहा।
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कार्रवाई का किसान नेताओं ने विरोध किया। अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। किसानों ने बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप लगाया। वहीं, यीडा ने इसे अधिसूचित क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण एवं अनधिकृत विकास के खिलाफ चल रहे प्रवर्तन अभियान का हिस्सा बताया। टप्पल नगर पंचायत का दर्जा समाप्त होने के बाद यह क्षेत्र में यीडा की छठी बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले 11 जुलाई को सिमरौठी और मरोरगढ़ी क्षेत्र में भी अवैध कॉलोनियों के निर्माण ध्वस्त कर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई थी।
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किसान नेताओं ने किया विरोध
ध्वस्तीकरण के दौरान किसान नेता मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उनका आरोप था कि प्राधिकरण ने प्रभावित लोगों को नोटिस दिए बिना कार्रवाई की। यीडा ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जे, अनधिकृत निर्माण और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी।