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हाथों में पूजा की थाली, आई रात सुहागों वाली...

Thu, 13 Oct 2022 12:56 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 12:56 AM IST
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Worship plate in hands, came the night with honey...
हाथों में पूजा की थाली, आई रात सुहागों वाली... फिल्मी गीत पर करवा चौथ का त्योहार सटीक साबित हो रहा है। आखिरकार वह दिन आ ही गया, जिसका पूरे साल महिलाएं अपने पति की दीर्घायु एवं अच्छे स्वास्थ्य की कामना को लेकर करवा चौथ का त्योहार मनाती हैं। अखंड सौभाग्य का प्रतीक एवं सुहागिनों का प्रमुख त्योहार करवा चौथ बृहस्पतिवार को पूरे उल्लास एवं पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा।
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इस बार कृतिका नक्षत्र और सिद्धि योग में पड़ने से यह त्योहार बेहद खास हो गया है। विवाहित स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए तो अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की कामना को लेकर करवा चौथ का व्रत रखेंगी। महिलाएं विशेष शृंगार कर पूजा-अर्चना करती हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ कई दिनों से महिलाओं के सजने-संवरने और पूजा-पाठ की सामग्री से बाजारों पटे पड़े हैं। पुरुष भी अपनी पत्नियों के लिए करवा चौथ का व्रत रखेंगे।
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त्योहार की पूर्व संध्या पर महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। बाजार में खूब चहल-पहल रही। कपड़े, जेवरात, चूड़ी खरीदने और मेहंदी लगवाने के साथ ही देर रात तक ब्यूटी पार्लर और बुटीक में ग्राहकों की भीड़ रही। सुबह से ही कॉस्मेटिक और कपड़ों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। इस बार साड़ियों में सिर्फ लाल रंग ही नहीं, बल्कि फैंसी कलर और डिजाइन की भी मांग रही।
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बाजार में मेहंदी लगाने वालों के पास भी कतार लगी रही। अलग-अलग डिजाइन की मेहंदी का क्रेज देखने को मिला। आमतौर पर ब्यूटी पार्लर में इतनी भीड़ भले ही नहीं दिखे, पर करवाचौथ का क्रेज ही अलग है। ब्यूटी पार्लर में प्री-अपॉइंटमेंट बुकिंग हुई। महिलाओं को लुभाने के लिए पार्लर संचालकों ने जहां छूट का ऐलान किया, वहीं कई तरह की सर्विस साथ मिलाकर पैकेज बनाए, जिनके लिए स्पेशल ऑफर्स भी निकाले गए।
ग्रहों की स्थिति बेहद शुभ
इस साल करवा चौथ के दिन एक साथ कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। व्रत के दिन की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि योग से हो रही है। साथ ही इस दिन शुक्र और बुध के कन्या राशि में रहने से लक्ष्मी नारायण योग बन रहा है। बुध और सूर्य भी एक ही राशि में रहकर बुधादित्य योग बना रहे हैं। जबकि शनि स्वराशि मकर और गुरु स्वराशि मीन में रहेंगे। चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे। कुल मिलाकर ये सभी ग्रह मिलकर बेहद शुभ स्थितियां बना रहे हैं।
करवा चौथ पूजन का समय
कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी 13 अक्तूबर को रात एक बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी और 14 अक्तूबर को सुबह तीन बजकर आठ मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि में पूजन का समय शाम छह बजकर एक मिनट से शाम सात बजकर 15 मिनट तक रहेगा। चंद्रमा का उदय रात आठ बजकर 19 मिनट पर होगा। ब्रह्म मुहूर्त 4:41 से सुबह 5:31 तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11: 44 से 12:30 तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:03 से 2:49 तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 5:42 से 06:06 तक रहेगा।
पूजा की थाली में छलनी का महत्व
करवा चौथ की पूजा में छलनी का काफी महत्व माना गया है। महिलाएं पूजा की थाली सजाते समय बाकी चीजों के साथ छलनी को भी थाली में जगह देती हैं। इसी छलनी से पति का मुंह देखकर करवा चौथ का व्रत पूरा करती हैं।
पूजा के दौरान महिलाएं छलनी में दीपक रखकर चांद को देखने के बाद पति का चेहरा देखती हैं। जिसके बाद पति के हाथों से पानी पीकर महिलाएं व्रत पूरा करती हैं। मान्यता है कि पति-पत्नी एक दसरे के दोष को छानकार सिर्फ गुणों को देखें, जिससे उनका दांपत्य रिश्ता प्यार और विश्वास की मजबूत डोर के साथ हमेशा बंधा रहे।
नव विवाहिताएं बोलीं ...
करवा चौथ का पर्व प्यार, विश्वास और त्याग का पर्व है। पहली बार यह त्योहार ससुराल में मना रही हूं। काफी दिनों से इसकी तैयारी में जुटी थी। - साक्षी शर्मा, शिवपुरी, छर्रा
करवा चौथ को लेकर काफी उत्साहित हूं। पति की दीर्घायु के लिए पूरे दिन निर्जल उपवास रखूंगी। कई दिन से व्रत की तैयारी कर रही हूं। - भावना शर्मा, कृष्णा कॉलोनी
विधि-विधान से इस बार करवा चौथ का व्रत रखूंगी। घर की बुजुर्ग महिलाओं से भी व्रत को लेकर जानकारी ली है। काफी अच्छा लग रहा है। - आरती दुबे, स्वर्ण जयंती नगर
पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने को लेकर काफी उत्साह है। कई दिन से बाजार में जाकर सजने-संवरने को खूब खरीदारी की है। - प्रीति, बैंक कॉलोनी
बुजुर्ग महिलाएं बोलीं ...
हर साल इस खास दिन पर मैं और मेरे पति काम से छुट्टी लेकर एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं। मैं दिनभर अन्न-जल ग्रहण नहीं करती हूं। - प्रोफेसर सीमा यादव, सेंटर प्वाइंट
साल भर में यह त्योहार आता है। जब पति के साथ प्यार, तकरार के साथ ही मनुहार करने का अवसर मिलता है। इस बार त्योहार को लेकर खास तैयारी है। - इंदु गौतम, समद रोड
पिछले 40 वर्षों से करवा चौथ का व्रत रख रही हूं। अब बदलते जमाने के साथ काफी बदलाव आ गया है। इस बार भी निर्जल व्रत रखूंगी। - संजू खन्ना, वसुंधरा कॉलोनी

करवा चौथ ऐसा व्रत है जो पति के प्रति प्यार, समर्पण करने का दिन होता है। इस बार भी पूरे उल्लास से यह व्रत मनाऊंगी। - प्रीति देवी, रामबाग कॉलोनी, रामघाट रोड

दुबे का पड़ाव स्थित एक दुकान में करवा चौथ की पूर्व संध्या पर खरीदारी करती महिलाएं। अमर उजाला

दुबे का पड़ाव स्थित एक दुकान में करवा चौथ की पूर्व संध्या पर खरीदारी करती महिलाएं। अमर उजाला- फोटो : CITY OFFICE

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