{"_id":"66142ee5a604ee651e08296a","slug":"worship-of-nine-forms-of-mother-goddess-for-nine-days-in-chaitra-navratri-2024-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chaitra Navratri: नवरात्र 9 अप्रैल से, सज गया मां का दरबार, नौ दिन तक होंगे भजन-कीर्तन और देवी जागरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chaitra Navratri: नवरात्र 9 अप्रैल से, सज गया मां का दरबार, नौ दिन तक होंगे भजन-कीर्तन और देवी जागरण
Tue, 09 Apr 2024 01:24 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 09 Apr 2024 01:24 AM IST
सार
गांधीपार्क चामुंडा देवी मंदिर, महेंद्र नगर स्थित काली मंदिर, अचल ताल स्थित मां दुर्गा मंदिर, नौ देवी मंदिर, गायत्री मंदिर, कामाख्या देवी मंदिर में नौ दिनों तक देवी पूजन के साथ भजन-कीर्तन समेत धार्मिक अनुष्ठान होंगे। घरों में भी देवी का पूजन होगा।
विज्ञापन
नौरंगाबाद स्थित नौ देवी मदिंर पर नवरात्रि को लेकर लगाई गई लाइटिंग
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ महानगर के देवी मंदिरों में माता का प्यारा दरबार सज गया है। चैत्र नवरात्र का 9 अप्रैल से शुभारंभ हो रहा है। पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना होगी। नौ दिनों तक माता रानी का पूजन होगा।
विज्ञापन
सभी देवी मंदिरों में खास तैयारी की गई है। नौरंगाबाद स्थित नौ देवी मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। यहां नवरात्र में मेले का आयोजन होता है। परिसर में बैरीकेडिंग लगा दी गई है। भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए सेवादार मुस्तैद रहेंगे।
विज्ञापन
गांधीपार्क चामुंडा देवी मंदिर, महेंद्र नगर स्थित काली मंदिर, अचल ताल स्थित मां दुर्गा मंदिर, नौ देवी मंदिर, गायत्री मंदिर, कामाख्या देवी मंदिर में नौ दिनों तक देवी पूजन के साथ भजन-कीर्तन समेत धार्मिक अनुष्ठान होंगे। घरों में भी देवी का पूजन होगा। भक्तों ने 8 अप्रैल को पूजन सामग्री खरीदी। देर रात तक बाजारों में ग्राहकों की भीड़ रही।
विज्ञापन
घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां जगदंबा
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित ह्रदय रंजन शर्मा ने बताया कि मां जगदंबा घोड़े पर सवार होकर आएंगी। मनुष्य पर बैठकर पृथ्वी से देवलोक के लिए प्रस्थान करेंगी। उन्होंने बताया कि नवरात्र में घट स्थापना का बहुत महत्त्व होता है। शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित किया जाता है। दिवाकाल 10:45 से 01:54 बजे तक कलश स्थापना अधिक शुभ रहेगा। इसके बाद दोपहर अभिजित मुहूर्त 11:39 से 12:25 तक रहेगा। इसमें भी घटस्थापना करना शुभ माना जाता है।