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श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लौटे श्रमिकों के खिल उठे चेहरे
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अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : CITY OFFICE
कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के कारण गुजरात में फंसे उत्तर प्रदेश के श्रमिकों के लिए रविवार की सुबह उनके चेहरे पर मुस्कान लेकर आई। श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार 1277 श्रमिकों व उनके परिवार को सुबह साढ़े सात बजे रेलवे जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर सात पर उतारा गया। भूख-प्यास को भूलकर जिला प्रशासन द्वारा संबंधित जिलों को भेजने के लिए लगाई बसों की ओर चल दिए। जिला प्रशासन ने खाना-पानी देकर श्रमिकों को उनके घरों की ओर रवाना किया।
स्टेशन अधीक्षक डीके गौतम ने बताया कि 22 बोगी की श्रमिक स्पेशल ट्रेन में 1177 मजदूर और 100 बच्चे थे। गुजरात के दाहोद स्टेशन से शनिवार रात 8.30 बजे चली ट्रेन रविवार सुबह 7.30 बजे अलीगढ़ जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर सात पर पहुंची। जिला प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, आरपीएफ और मानव उपकार सेवा संस्था की टीम के सदस्यों ने मजदूरों को उतारा। प्लेटफार्म पर बनाए काउंटरों पर उनका विवरण दर्ज किया गया। एसडीएम कोल संजीव ओझा ने सभी को खाना-पानी के पैकेट उपलब्ध कराए। सुबह दस बजे से बसों को संबंधितों जिलों के लिए रवाना किया गया। संपूर्ण व्यवस्था के प्रभारी एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी ने बताया कि 55 बसों के जरिये श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाया गया है। ट्रेन में अकराबाद के केलापुर गांव के एक परिवार के दो भाई, एक महिला और एक बच्चा भी ट्रेन से अलीगढ़ आया। उनको खैर रोड स्थित आईटीएम कालेज में बनाए क्वारंटीन सेंटर में भेजा गया है। सभी का सैंपल लिया गया है।
खिले चेहरे, बोले-शुक्रिया योगी-मोदी
गुजरात में लॉकडाउन के चलते फंसने के बाद परिवार वाले हर रोज चिंता में जी रहे थे। वहां संक्रमितों की संख्या को देखते हुए जीने की उम्मीद ही छूट गई थी। मगर, उत्तर प्रदेश के सीएम और प्रधानमंत्री मोदी ने मजदूरों का दर्द समझा। घर तक पहुंचाने के लिए शुक्रिया।
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- विजय, कासगंज
पेट को पालने के लिए घर से सैकड़ों किमी दूर काम करने गुजरात गए थे। मगर, वहां कोरोना महामारी ने ऐसा पैर पसारा कि जीने की उम्मीद तो दूर घर लौटने की आस तक खत्म हो गई थी। पैसे भी लगभग खत्म हो गए। सरकार ने देर से ही सही मगर घर पहुंचाने का इंतजाम कर दिया। इसके लिए धन्यवाद।
- नफीस, श्रावस्ती
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स्टेशन अधीक्षक डीके गौतम ने बताया कि 22 बोगी की श्रमिक स्पेशल ट्रेन में 1177 मजदूर और 100 बच्चे थे। गुजरात के दाहोद स्टेशन से शनिवार रात 8.30 बजे चली ट्रेन रविवार सुबह 7.30 बजे अलीगढ़ जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर सात पर पहुंची। जिला प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, आरपीएफ और मानव उपकार सेवा संस्था की टीम के सदस्यों ने मजदूरों को उतारा। प्लेटफार्म पर बनाए काउंटरों पर उनका विवरण दर्ज किया गया। एसडीएम कोल संजीव ओझा ने सभी को खाना-पानी के पैकेट उपलब्ध कराए। सुबह दस बजे से बसों को संबंधितों जिलों के लिए रवाना किया गया। संपूर्ण व्यवस्था के प्रभारी एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी ने बताया कि 55 बसों के जरिये श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाया गया है। ट्रेन में अकराबाद के केलापुर गांव के एक परिवार के दो भाई, एक महिला और एक बच्चा भी ट्रेन से अलीगढ़ आया। उनको खैर रोड स्थित आईटीएम कालेज में बनाए क्वारंटीन सेंटर में भेजा गया है। सभी का सैंपल लिया गया है।
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खिले चेहरे, बोले-शुक्रिया योगी-मोदी
गुजरात में लॉकडाउन के चलते फंसने के बाद परिवार वाले हर रोज चिंता में जी रहे थे। वहां संक्रमितों की संख्या को देखते हुए जीने की उम्मीद ही छूट गई थी। मगर, उत्तर प्रदेश के सीएम और प्रधानमंत्री मोदी ने मजदूरों का दर्द समझा। घर तक पहुंचाने के लिए शुक्रिया।
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- विजय, कासगंज
पेट को पालने के लिए घर से सैकड़ों किमी दूर काम करने गुजरात गए थे। मगर, वहां कोरोना महामारी ने ऐसा पैर पसारा कि जीने की उम्मीद तो दूर घर लौटने की आस तक खत्म हो गई थी। पैसे भी लगभग खत्म हो गए। सरकार ने देर से ही सही मगर घर पहुंचाने का इंतजाम कर दिया। इसके लिए धन्यवाद।
- नफीस, श्रावस्ती

अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर मजदूरों का परीक्षण करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - फोटो : CITY OFFICE

गुजरात से मजदूरों को लेकर अलीगढ़ स्टेशन पहुंची स्पेशल ट्रेन। - फोटो : CITY OFFICE