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Hariyali Teej: हरियाली तीज से एक दिन पहले महिलाओं ने मनाया सिंजारा, जिसका है विशेष महत्व
Fri, 18 Aug 2023 08:42 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 18 Aug 2023 08:42 PM IST
सार
हरियाली तीज से एक दिन पहले द्वितीया को श्रृंगार दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे सिंजारा कहते हैं। बहू बेटियों को नौ-नौ प्रकार के मिष्ठान एवं पकवान बनाकर खिलाए जाते हैं। तीज में हरी चूड़ियां, हरा वस्त्र और मेंहदी का विशेष महत्व है।
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रेलवे रोड पर तीज को लेकर चूड़ियां पसंद करती महिलाएं
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हरियाली तीज (मधुश्रवातीज) 19 अगस्त को मनाया जाएगा। श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि श्रावण माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है।
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मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या की थी। प्रसन्न होकर शिव ने इसी दिन पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इस दिन महिलाओं के व्रत रखने से सुहाग की उम्र लंबी होती है। एक दिन पहले द्वितीया को श्रृंगार दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे सिंजारा कहते हैं।
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बहू बेटियों को नौ-नौ प्रकार के मिष्ठान एवं पकवान बनाकर खिलाए जाते हैं। तीज में हरी चूड़ियां, हरा वस्त्र और मेंहदी का विशेष महत्व है। शाम के समय भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन के बाद चंद्रमा की पूजा की जाती है। सुहागिनों को श्रृंगार का सामान भेंट किया जाता है। घर के बड़े-बुजुर्ग या सास-ससुर बहू को श्रृंगार दान देते हैं।
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