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लापारवाही: नसबंदी के बाद भी गर्भवती हो गईं 64 महिलाएं, विभाग ने दिया मुआवजा, देर से दावे पर आठ केस किए निरस्त

Tue, 06 Jan 2026 03:37 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 06 Jan 2026 03:37 PM IST
सार

अलीगढ़ में ऐसे मामले भी आए हैं जब नसबंदी कराने के बाद भी महिला गर्भवती हो गई। ऐसे 64 मामलों में विभाग ने मुआवजा प्रदान किया है।

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Women became pregnant after sterilization
गर्भवती महिला - फोटो : एएनआई

विस्तार

अलीगढ़ जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत 2025 में नसबंदी कराने के बावजूद 64 महिलाएं दोबारा गर्भवती हो गईं। इन मामलों में विभाग ने मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है, हालांकि नियमों की अनदेखी के कारण आठ महिलाओं के दावे निरस्त भी कर दिए गए हैं।

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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नसबंदी के बाद गर्भवती हुई महिलाओं द्वारा अपील किए जाने पर अब तक 62 केसों की मुआवजा राशि विभाग के पास आ गई है। वहीं, छह ब्लॉकों से आए आठ दावों को निरस्त कर दिया गया है। नियमानुसार, गर्भधारण की सूचना 90 दिनों के भीतर विभाग को देनी अनिवार्य है। खारिज किए गए दावों में लोधा और छर्रा के दो-दो केस हैं, जबकि अकराबाद, जवां, टप्पल, गोंडा का एक-एक केस है।

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 90 दिन के बाद दावा करने पर नसबंदी के बाद गर्भवती होने के आठ केस निरस्त किए गए हैं। इनके संबंध में संबंधित सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षकों को सूचना दे दी है। जिले में 64 केस नसबंदी फेलियर के हुए हैं। - डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ

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महिलाओं का रुझान अधिक, पुरुष अभी भी पीछे

वर्ष 2024 
महिला नसबंदी- 6000 के मुकाबले 6200 यानी 103 प्रतिशत
पुरुष नसबंदी- 80 के मुकाबले 40 यानी 50 प्रतिशत
वर्ष 2025
महिला नसबंदी- 6000 के मुकाबले 3000 यानी 50 प्रतिशत
पुरुष नसबंदी- 80 के मुकाबले 42 यानी 52.2 प्रतिशत
( आंकड़ों से स्पष्ट है कि वर्ष 2024 में महिलाओं ने लक्ष्य से अधिक भागीदारी की थी, जबकि वर्ष 2025 में अभी तक लक्ष्य का आधा हिस्सा ही पूरा हो पाया है। वहीं, पुरुषों की भागीदारी अभी भी चिंताजनक रूप से कम बनी हुई है।)

वैकल्पिक साधनों पर बढ़ा भरोसा
स्थायी नसबंदी के अलावा, वर्ष 2025 में हजारों महिलाओं ने प्रसव के बाद परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों जैसे कॉपर टी और अंतरा इंजेक्शन को प्राथमिकता दी है।

इतनी मिलती है प्रोत्साहन राशि

  • महिला नसबंदी- 2,000
  • प्रसव पश्चात नसबंदी - 3,000
  • पुरुष नसबंदी - 3,000
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