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बेखौफ... महाजन होटल तक पैदल गए कातिल
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घटनास्थल पर एसएसपी कलानिधि नैथानी स्थानीय लोगों से पूछताछ करते हुए।
- फोटो : CITY OFFICE
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महानगर के सुरेंद्र नगर की सिंघल सदन के सामने वाली गली में ज्वैलर्स की पत्नी और बेटे की हत्या किसने? और क्यों की? ये तो खुलासे के बाद तय होगा। मगर अब तक की जांच और मिले साक्ष्यों से ये जरूर साफ है कि बदमाश बेहद बेखौफ थे और इलाके से भी परिचित थे। करीब 50 मिनट तक घर में रहने के बाद उन्होंने दोनों के बेरहमी से कत्ल किए और फिर आराम से पैदल-पैदल घर से निकलकर महाजन होटल तक सीसीटीवी में कैद पाए गए हैं। देर रात तक इससे आगे के सीसीटीवी खंगाले जा रहे थे। इसके अलावा फील्ड यूनिट व डॉग स्क्वॉयड से भी सुराग तलाशे जा रहे हैं।
रोज गली में खेलते थे बच्चे, आज नहीं दिखे
इस घटना के विषय ललित सराफ के पड़ोसियों और खुद ललित से बातचीत में जो तथ्य उजागर हुए हैं। उसके अनुसार ललित की दो बेटियां खुशी व राधिका बुधवार को ही अपनी बुआ के घर स्कूल की छुट्टी होने के चलते गई थीं। इनमें से बड़ी बेटी अवर लेडी फातिमा में, छोटी बेटी व छोटा बेटा थ्री डॉट्स में पढ़ते थे। रोजाना शाम के समय बच्चे घर के दरवाजे पर ही खेलते दिखाई दे जाते थे। मां गैलरी में बैठकर निगरानी में रहती थी। व्यापारिक सिलसिले में अक्सर लोगों का उनके घर आना जाना रहता था। इसलिए किसी पड़ोसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया कि कौन घर आया और कौन नहीं आया। वहीं शाम को आज बच्चे खेलते हुए भी नहीं देखे गए। करीब पौने आठ बजे एक पड़ोसी टहलते हुए निकल रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि घर का दरवाजा खुला है और कोई दिखाई नहीं दे रहा। जब उन्होंने अंदर झांककर देखा तो दंग रह गए। अलग अलग कमरों में दोनों की लाश पड़ी थी। इस पर उन्होंने करीब 7:48 बजे ललित को घटना की खबर दी। तब मोहल्ले में घटना को लेकर शोर मचा और पुलिस पहुंची।
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रोज गली में खेलते थे बच्चे, आज नहीं दिखे
इस घटना के विषय ललित सराफ के पड़ोसियों और खुद ललित से बातचीत में जो तथ्य उजागर हुए हैं। उसके अनुसार ललित की दो बेटियां खुशी व राधिका बुधवार को ही अपनी बुआ के घर स्कूल की छुट्टी होने के चलते गई थीं। इनमें से बड़ी बेटी अवर लेडी फातिमा में, छोटी बेटी व छोटा बेटा थ्री डॉट्स में पढ़ते थे। रोजाना शाम के समय बच्चे घर के दरवाजे पर ही खेलते दिखाई दे जाते थे। मां गैलरी में बैठकर निगरानी में रहती थी। व्यापारिक सिलसिले में अक्सर लोगों का उनके घर आना जाना रहता था। इसलिए किसी पड़ोसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया कि कौन घर आया और कौन नहीं आया। वहीं शाम को आज बच्चे खेलते हुए भी नहीं देखे गए। करीब पौने आठ बजे एक पड़ोसी टहलते हुए निकल रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि घर का दरवाजा खुला है और कोई दिखाई नहीं दे रहा। जब उन्होंने अंदर झांककर देखा तो दंग रह गए। अलग अलग कमरों में दोनों की लाश पड़ी थी। इस पर उन्होंने करीब 7:48 बजे ललित को घटना की खबर दी। तब मोहल्ले में घटना को लेकर शोर मचा और पुलिस पहुंची।
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