निशानेबाज हिमानी सिंह ने कहा कि जब उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेलकूद का सर्वोच्च पुरस्कार रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड दिया तो वह जीवन का एक दुर्लभ क्षण रहा।
लोधीपुरम कॉलोनी, सासनीगेट निवासिनी हिमानी ने बताया कि वर्ष 2005 में निशानेबाजी शुरू की थी। उन्होंने कहा कि इनाम में जो तीन लाख 11 हजार रुपये मिले हैं, उससे 10 मीटर एयर रायफल खरीदेंगी। अवार्ड लेने के बाद वह अपने पिता आरएस राघव के पास आईं, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए।
हिमानी ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर फर्रुखाबाद में उनका सम्मान किया जाएगा। अब उनका सपना ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना है और मेडल जीतना है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मीबाई अवार्ड पाने की कभी कल्पना नहीं की थी, क्योंकि उनका पूरा फोकस निशानेबाजी पर था। अवार्ड का श्रेय अपने पति व अंतरराष्ट्रीय शूटिंग कोच आनंद विक्रम सिंह, पिता आरएस राघव, रिश्तेदारों व शुभचिंतकों को देती हूं।