Aligarh: खैर विधायक ने ली यमुना नदी किनारे कटान की जानकारी, बनेगी टक्कर, मिलेंगे सीएम योगी से
गांव मालव में हुई किसानों की पंचायत के बाद खैर विधायक सुरेंद्र दिलेर ने यमुना नदी के किनारे पहुंचकर कटान की भी जानकारी ली। साथ ही यूपी-हरियाणा सीमा विवाद पर डीएम और सीएम के समक्ष टप्पल क्षेत्र के किसानों की समस्या रखने की बात कही।
विस्तार
टप्पल क्षेत्र में यमुना की कटान से प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए खैर विधायक सुरेंद्र दिलेर ने यमुना के किनारे टक्कर बनवाने की बात कही, ताकि यमुना की कटान में जमीन के हरियाणा की सीमा में जाने से रोका जा सके।
28 दिसंबर को गांव मालव में हुई किसानों की पंचायत के बाद विधायक ने यमुना नदी के किनारे पहुंचकर कटान की भी जानकारी ली। साथ ही यूपी-हरियाणा सीमा विवाद पर डीएम और सीएम के समक्ष टप्पल क्षेत्र के किसानों की समस्या रखने की बात कही। गांव मालव के आदर्श सत्यदेव इंटर कॉलेज में आयोजित किसान पंचायत में किसान प्रेमपाल सिंह ने बताया कि जब भी यमुना में बाढ़ आती है तो दो से ढाई हजार बीघा जमीन हरियाणा सीमा की ओर चली जाती है। कटान का खतरा गांव शेरपुर से लेकर गांव रामगढ़ी तक ज्यादा रहता है क्यों कि यहां कोई टक्कर नहीं बनी है। दशकों से किसान यमुना नदी के किनारे टक्कर बनवाए जाने की मांग कर रहे हैं। यह समस्या टप्पल और दूसरी तरफ हरियाणा के पलवल जिले के किसानों के बीच टकराव की स्थित पैदा करती है।
यमुना में कटान होने से टप्पल क्षेत्र के किसानों की जमीन हरियाणा के पलवल जिले की सीमा में चली जाती है। बाद में शासन-प्रशासन की उदासीनता के चलते इससे विवाद की स्थिति बनती है। यमुना में टक्कर बने तो इसका स्थाई समाधान संभव है।- प्रकाश सिंह फौजी, मालव।
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तीन पीढि़यों से हम इस समस्या को झेल रहे हैं। इसे लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन हुआ। कई बार यूपी-हरियाणा के किसानों के बीच गोलियां चलीं हैं, लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया। -लक्ष्मण सिंह, रामगढ़ी।
खादर के किसानों की समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा। यमुना किनारे मौका मुआयना किया है। किसानों की मांग पर यमुना में टक्कर बनवाई जाएगी। सीमा विवाद की समस्या पर जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करूंगा। -सुरेंद्र दिलेर, खैर विधायक।
ये रहे मौजूद
पंचायत में चौधरी ऋषिपाल सिंह प्रधानाचार्य, पप्पू मुखिया, हरपाल फौजदार, घनेंद्र नेताजी, भूपेंद्र सिंह, राजकुमार, सुरेश नंबरदार, केशराज सिंह, शेर सिंह, चंद्रपाल फौजी, बुद्ध सिंह आदि मौजूद रहे।