Aligarh: कब पूरा होगा डिफेंस कॉरिडोर, निर्माण का है इंतजार, पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास
14 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इसकी आधारशिला रखी थी। अभी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस- वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ( यूपीडा) की ओर से कॉरिडोर स्थल पर बुनियादी सुविधाएं मिलने का इंतजार है।
विस्तार
अंडला के पास निर्माणाधीन डिफेंस कॉरिडोर नोड का एक साल बाद भी निर्माण गति नहीं पकड़ रहा है। इसमें निवेश करने वालों को पूरा होने का इंतजार है। जबकि सरकार का दावा था कि जल्द ही डिफेंस कॉरिडोर में सेना के लिए इस्तेमाल होने वाले ड्रोन, अग्निशमन यंत्र, इंसोलेटेड मैट तथा अन्य उपकरण बनने शुरू हो जाएंगे। यहां बनने वाले उपकरण से भारतीय सेना के लिए इस्तेमाल हो सकेंगे। इस प्रोजेक्ट में 8000 करोड़ के निवेश के साथ ही करीब आठ हजार लोगों को रोजगार दिलाने का लक्ष्य है।
14 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इसकी आधारशिला रखी थी। अभी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस- वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ( यूपीडा) की ओर से कॉरिडोर स्थल पर बुनियादी सुविधाएं मिलने का इंतजार है। पहले फेज में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण 100 हेक्टेयर जमीन में होना है।
यहां अब तक सड़क, पानी की टंकी विद्युत सब स्टेशन की बिल्डिंग का निर्माण पूरा हो चुका है। बाउंड्रीवाल का निर्माण भी नवंबर तक पूरा होने की संभावना है। यह डिफेंस कॉरिडोर अलीगढ़ - पलवल स्टेट हाईवे के दोनों ओर है। हाईवे के समानांतर पलवल की ओर 33 हेक्टेयर और अलीगढ़ की ओर 45 हेक्टेयर जमीन बंटी हुई है। सरकार की मंशा है कि इस प्रोजेक्ट में निवेशकों की संख्या बढ़ी तो पास में ही गभाना के ख्यामई गांव से इसका विस्तारीकरण किया जाएगा।
यह होगा निर्माण
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अलीगढ़ नोड में आधुनिक ड्रोन बनाए जाएंगे। ड्रोन डिजास्टर मैनेजमेंट, सुरक्षा, कृषि, व्यापार, मीडिया के साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों एवं दूर दराज के इलाकों में दवाइयां पहुंचाने में मददगार होंगे। ड्रोन निर्माण प्लांट लगाने के लिए एलन एंड अल्वन प्राइवेट लिमिटेड ने 30.75 करोड़ रुपये और एंकोर रिसर्च लैब एलएलपी ने 550 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं। दोनों कंपनियों को अलीगढ़ में ड्रोन की फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है। निवेश करने वाली सडिकेट इनोवेशन इंटरनेशनल, जय साई अनु ओवरसीज, मिल्कर डिफेंस प्रा.लि., ट्रैकट्रिक्स आप्टो डायनामिक को भी जमीन आवंटित कर दी गई है।
डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने का काम यूपीडा द्वारा किया जा रहा है। फिर भी समय-समय पर इस बारे में जिला प्रशासन व शासन स्तर पर अपडेट लिया जाता है। वहां सड़क, बिजली, पानी की सुविधा हो चुकी हैं। इसी सप्ताह में यूनिट लगाने वाले उद्यमियों व संबंधित विभागों के अधिकारियों के संग जिलाधिकारी की बैठक प्रस्तावित है। जिसमें इसकी प्रगति पर चर्चा होगी। -वीरेंद्र सिंह, उपायुक्त डीआईसी