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जब लोग ई-बस में सवार... तब टिर्री-टेंपो की क्या दरकार

Sat, 04 Jun 2022 01:21 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2022 01:21 AM IST
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When people board the e-bus... then what is the need of e-rickshaw tempo
कंपनी बाग चौराहे पर खड़े ऑटो और ई रिक्शा के कारण लगता है जाम। - फोटो : CITY OFFICE
महानगर में जाम कारण दौड़ रहे ऑटो- टेंपो और ई-रिक्शा हैं। कहने को तो इनके परिचालन के कुछ नियम हैं मगर ये हर दिन और हर समय नियम तोड़ते नजर आते हैं। किसी भी चौराहों के 100 मीटर रेडियस के अंदर इनका जमावड़ा दिख जाएगा। सवाल यह है कि जब स्मार्ट सिटी के तहत ई बस शुरू हो गईं है तो टिर्री, टेंपो और ई रिक्शा क्यों दौड़ लगा रहे हैं।
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स्थिति यह है कि हर चौराहे पर यातायात पुलिसकर्मियों सब कुछ जानते हुए शांत रहती है। कभी कभार वीआईपी या किसी वरिष्ठ अधिकारी का आना होता है तो थोड़ी देर डंडा चलता है। फिर वही जाम की स्थिति हो जाती है । सबसे बुरा हाल शहर के क्वार्सी, सारसौल और कंपनी बाग चौराहे का है। कहने को शासन स्तर से अवैध अड्डे कतई न चलाने के निर्देश हैं। हाल ही में ये अड्डे बंद कराने का दावा किया गया। मगर इन चौराहों से अड्डे चल रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक इनका परिचालन शहरी सीमा के बाहर या प्रमुख मार्गों से अलग नहीं होगा, तब तक यातायात नहीं सुधारा जा सकता।
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- शहर का यातायात बिगाड़ने के लिए ऑटो, टेंपो व टिर्री जिम्मेदार हैं, जिन्हें व्यवस्थित करना जरूरी है।-गोपाल बाबू गुप्ता, केशव नगर
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- किसी भी रोड पर चले जाइए। टेंपो, टिर्री तथा ऑटो इस कदर दौड़ते हैं कि दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। - ऋषि गुप्ता, सराय हकीम
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- अब तो इनकी आड़ में अपराध भी होने लगा है। ताजा उदाहरण अकराबाद में हुई घटना इसका उदाहरण है।-नवीन सिंह, सुरेंद्र नगर
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- पुलिस ने टेंपो, ऑटो तथा टिर्री की नंबरिंग कर दी है, जिससे इतना फायदा है कि कौन सा ऑटो कहां दौड़ रहा है यह पता चलता है। -देवेंद्र कुमार गुप्ता, विष्णुपुरी
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- शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए ऑटो टिर्री को कुछ मार्गों पर पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाए और कुछ मार्गों पर एकल व्यवस्था कराना जरूरी है। तभी शहर की यातायात व्यवस्था सुधारी जा सकती है। दूसरा यह कि इनको किसी भी चौराहे से 100 मीटर दायरे में स्थान देकर वहां से चलाया जाए तभी जाम से राहत मिल सकती है। - अरुण श्रीवास्तव, यातायात सलाहकार
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- शहर के ऑटो-टेंपो व टिर्री को व्यवस्थित करने की योजना बहुत तेजी से चल रही है। कुछ मार्गों पर ये अभी वनवे हैं। कुछ मार्गों पर इन्हें पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाना है। इसके अलावा बिना कागज या नियमों के दौड़ रहे ऐसे वाहनों पर लगातार सीज करने की कार्रवाई भी जारी है।-मुकेश कुमार उत्तम, एसपी यातायात

इन चौराहों पर लगता जाम: - क्वार्सी, एटा चुंगी, गांधीपार्क, कबर कुत्ता, मसूदाबाद, सारसौल, सासनी गेट, हाथरस अड्डा ।
इन बाजारों में लगता है:-रेलवे रोड, जयगंज, महावीरगंज, बड़ा बाजार, फूल चौराहा, सब्जी मंडी, देहली गेट, तुर्कमान गेट, खटीकान, घास की मंडी, बाबरी मंडी, पत्थर बाजार, बारहद्वारी, खैर रोड, दोदपुर, जीवनगढ़, जमालपुर
जिले भर में इतनी संख्या में दौड़ रहे ऑटो, टेंपो, ई-रिक्शा
- 1550 टेंपो अप्रैल तक हैं पंजीकृत।
-5665 ऑटो अप्रैल तक हैं पंजीकृत।
-801 सीएनजी ऑटो अप्रैल तक हैं पंजीकृत।
-1540 ई रिक्शा नगर निगम स्तर में पंजीकृत।
-2786 ई रिक्शा परिवहन विभाग में पंजीकृत।
ये हैं वर्तमान में परिचालन व्यवस्था
-16 किमी दायरे में ऑटो-टेंपो शहर व देहात में दौड़ रहे हैं।
-शहर के सात क्षेत्रों में ई रिक्शा का परिचालन कराया जा रहा।
-ऑटो टेंपो का शहर में न रूट निर्धारित और न ही दायरा।
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