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काली रात में पेट्रोल पंप पर क्या हुआ रात 3 बजे
अभिषेक शर्मा
Updated Wed, 03 May 2017 01:59 AM IST
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काली रात में पेट्रोल पंप पर क्या हुआ रात 3 बजे
- फोटो : file photo
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रिमोट कंट्रोल से पेट्रोल पंपों पर चोरी का पहला मामला अलीगढ़ के अतरौली में ही पकड़ा गया। इसके बाद प्रदेश भर में पेट्रोल पंपों में रिमोट-चिप के जरिये घटतौली को लेकर हायतौबा मच उठी। इसके बाद भी अपने जिले का आपूर्ति विभाग किस कदर चुप्पी साधे बैठा है। यह नजारा सोमवार व मंगलवार की मध्य रात तीन बजे जीटी रोड पर देखने को मिला। यहां रात के अंधेरे में पेट्रोल पंप परिसरों में घुप अंधेरा कर पेट्रोल डिस्पेंसर यूनिटों में क्या हो रहा था, कुछ नहीं पता। मगर यह बड़ा सवाल है कि आखिर क्या हो रहा था। जब इन पंपों के स्वामियों से पूछा गया तो सभी सवालों को टाल गए। मगर रात के तीन बजे अचानक हुए इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। वैसे हकीकत का पता तो पंपों पर लगे सीसीटीवी से हो सकती है। वह अगर चालू होंगे तो वहां क्या हो रहा था, सब कुछ कैद हो गया होगा।
पहले पंप पर वाकया पढ़िए- यह पंप देव मोटर्स के पास है और देव मोटर्स के मालिक अनिल अग्रवाल की देखरेख में चलता है। इस पंप पर रात तीन बजे के करीब दो-तीन लोग कुर्सियां डालकर बैठे थे और लाइटें जल रही थीं। तभी एक बाइक पर वर्दीधारी सिपाही आया और वह बाइक में तेल डलवाकर चला गया। उसके जाने के चंद मिनट बाद सारसौल की ओर से कार आकर रुकी और पेट्रोल डिस्पेंसर यूनिट के पास खड़ी हो गई। इसके बाद अचानक से पंप पर घुपाघुप अंधेरा हो गया।
सभी लाइटें मानो बंद कर दी गई हों। इसके बाद पंप में एक साइड खड़े ट्रक को स्टार्ट कर डिस्पेंसर यूनिटों के सामने इस तरह से खड़ा किया गया कि सड़क से कोई डिस्पेंसर यूनिटों और वहां होने वाली गतिविधियों को देख न पाए। जो लोग वहां कुर्सियों पर बैठे थे, वह सड़क की ओर देखकर चौकीदारी करने लगे। काफी देर तक डिस्पेंसर यूनिटों में कुछ जांच पड़ताल सी हुई और फिर सब कुछ सामान्य हो गया। इस विषय में जब अनिल अग्रवाल को फोन किया गया तो विदेश में होने के कारण उनसे बात नहीं हुई। उनके भतीजे सुमित ने बताया कि चाचा अनिल अग्रवाल मंगलवार सुबह 6 बजे आस्ट्रेलिया चले गए हैं। इसलिए अधिक जानकारी तो वही देंगे। पंप पर रात में कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं रुकता और कुछ ऐसा वैसा हुआ भी नहीं होगा।
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दूसरा पंप भाजपा नेता नितुल भार्गव का है जिसका नाम कृष्णा ऑटोमोबाइल्स है। ये पंप मसूदाबाद के कोठी लंकराम के पास है। इस पंप पर रात तीन बजे दो लोग घुप अंधेरे में पेट्रोल डिस्पेंसर यूनिट में कुछ कर रहे थे। पंप के अंदर जाकर झांकने की कोशिश पर वह हड़बड़ा गए और पंप बंद होने की बात कहकर चलता कर दिया गया। इस पर नितुल भार्गव का कहना है कि अचानक अगर कोई परिचित आ जाता है तो उसको ईंधन देना पड़ जाता है। इसलिए दो लोग वहां मौजूद थे। इसके अलावा कोई बात नहीं है।
- पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन सभी पेट्रोल पंप की जांच कराने के लिए तैयार है। पेट्रोलियम कंपनी के एक्सपर्ट, जिला पूर्ति अधिकारी, बांट माप विभाग सब मिल कर एक टीम बनाएं और सार्वजनिक रूप से जांच कर लोगों के मन में विश्वास पैदा कराएं तभी बात बनेगी। वरना सभी को शक की नजरों से ही देखा जाएगा।
-विजय मंगल, अध्यक्ष पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन
पेट्रोल पंपों पर चिप लगा कर रिमोट से चोरी करने के प्रकरण सामने आने के बाद शासन ने और सख्ती कर दी है। अब हरेक पेट्रोल पंप की एक -एक मशीन को चेक किया जाएगा। तकनीकी जानकार बताएंगे किस पेट्रोल पंप में चिप या रिमोट लगा कर चोरी हो रही है..? ये चेकिंग होने तक किसी भी पंप संचालक को मशीन की मरम्मत कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिससे मशीन में लगी सील से छेड़छाड़ न हो और पंप जस की तस स्थिति में चेक किया जाए। इस चेकिंग में चिप, रिमोट और इस तरह की तकनीकी का इस्तेमाल करने वाले एक्सपर्ट को टीम में शामिल किया गया है। जब तक वो एक्सपर्ट नहीं होगा तब तक चेकिंग नहीं होगी।
मंगलवार की शाम को कलेक्ट्रेट में हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव राजीव भटनागर, आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव, प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडेय, डीजीपी सुलखान सिंह ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को विस्तृत दिशा निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद ने कहा कि जिला पूर्ति अधिकारी, बांट माप निरीक्षक, एसडीएम, संबंधित तेल कंपनी के अधिकारी और पुलिस के साथ तकनीकी एक्सपर्ट टीम में शामिल होंगे। ये टीम एक एक पंप की एक एक मशीन को जांचेगी। अगर कहीं चोरी पकड़ी गई तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि बांट माप विभाग, जिला पूर्ति कार्यालय से अब मशीन की मरम्मत की कोई अनुमति तब तक नहीं मिलेगी जब तक चेकिंग नहीं हो जाती। अगर किसी ने बिना अनुमति लिए अपनी डिस्पेंसर मशीन से छेड़छाड़ की तो उसको विधि संगत धारा में जेल भेजा जाएगा।
वीसी में शामिल हुए एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि टीम में शामिल तकनीकी के जानकार ये बता देंगे कि किस पंप पर कब डिस्पेंसर मशीन से छेड़छाड़ हुई है..? किस जगह चिप लगी है या रिमोट लगाया गया है। अगर चिप या रिमोट लगा हुआ मिला तो उस पंप का लाइसेंस, एनओसी मौके पर ही रद्द कर दिया जाएगा। हर जिले के लिए तकनीकी के जानकार दो दिन में आ जाएंगे। उनके साथ ही ये जांच होगी।
छर्रा अड्डा पुल के पंप की जांच हुई
अलीगढ़। भाजपा नेता भूपेंद्र वार्ष्णेय के बेटे को कम पेट्रोल देने के प्रकरण में शिकायत होने के बाद मंगलवार को छर्रा अड्डा पुल के पेट्रोल पंप की जांच हुई। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जांच में कोई ऐसी चीज नहीं मिली जिससे घटतौली हो सके। जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी जाएगी।
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पहले पंप पर वाकया पढ़िए- यह पंप देव मोटर्स के पास है और देव मोटर्स के मालिक अनिल अग्रवाल की देखरेख में चलता है। इस पंप पर रात तीन बजे के करीब दो-तीन लोग कुर्सियां डालकर बैठे थे और लाइटें जल रही थीं। तभी एक बाइक पर वर्दीधारी सिपाही आया और वह बाइक में तेल डलवाकर चला गया। उसके जाने के चंद मिनट बाद सारसौल की ओर से कार आकर रुकी और पेट्रोल डिस्पेंसर यूनिट के पास खड़ी हो गई। इसके बाद अचानक से पंप पर घुपाघुप अंधेरा हो गया।
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सभी लाइटें मानो बंद कर दी गई हों। इसके बाद पंप में एक साइड खड़े ट्रक को स्टार्ट कर डिस्पेंसर यूनिटों के सामने इस तरह से खड़ा किया गया कि सड़क से कोई डिस्पेंसर यूनिटों और वहां होने वाली गतिविधियों को देख न पाए। जो लोग वहां कुर्सियों पर बैठे थे, वह सड़क की ओर देखकर चौकीदारी करने लगे। काफी देर तक डिस्पेंसर यूनिटों में कुछ जांच पड़ताल सी हुई और फिर सब कुछ सामान्य हो गया। इस विषय में जब अनिल अग्रवाल को फोन किया गया तो विदेश में होने के कारण उनसे बात नहीं हुई। उनके भतीजे सुमित ने बताया कि चाचा अनिल अग्रवाल मंगलवार सुबह 6 बजे आस्ट्रेलिया चले गए हैं। इसलिए अधिक जानकारी तो वही देंगे। पंप पर रात में कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं रुकता और कुछ ऐसा वैसा हुआ भी नहीं होगा।
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दूसरा पंप भाजपा नेता नितुल भार्गव का है जिसका नाम कृष्णा ऑटोमोबाइल्स है। ये पंप मसूदाबाद के कोठी लंकराम के पास है। इस पंप पर रात तीन बजे दो लोग घुप अंधेरे में पेट्रोल डिस्पेंसर यूनिट में कुछ कर रहे थे। पंप के अंदर जाकर झांकने की कोशिश पर वह हड़बड़ा गए और पंप बंद होने की बात कहकर चलता कर दिया गया। इस पर नितुल भार्गव का कहना है कि अचानक अगर कोई परिचित आ जाता है तो उसको ईंधन देना पड़ जाता है। इसलिए दो लोग वहां मौजूद थे। इसके अलावा कोई बात नहीं है।
- पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन सभी पेट्रोल पंप की जांच कराने के लिए तैयार है। पेट्रोलियम कंपनी के एक्सपर्ट, जिला पूर्ति अधिकारी, बांट माप विभाग सब मिल कर एक टीम बनाएं और सार्वजनिक रूप से जांच कर लोगों के मन में विश्वास पैदा कराएं तभी बात बनेगी। वरना सभी को शक की नजरों से ही देखा जाएगा।
-विजय मंगल, अध्यक्ष पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन
पेट्रोल पंपों पर चिप लगा कर रिमोट से चोरी करने के प्रकरण सामने आने के बाद शासन ने और सख्ती कर दी है। अब हरेक पेट्रोल पंप की एक -एक मशीन को चेक किया जाएगा। तकनीकी जानकार बताएंगे किस पेट्रोल पंप में चिप या रिमोट लगा कर चोरी हो रही है..? ये चेकिंग होने तक किसी भी पंप संचालक को मशीन की मरम्मत कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिससे मशीन में लगी सील से छेड़छाड़ न हो और पंप जस की तस स्थिति में चेक किया जाए। इस चेकिंग में चिप, रिमोट और इस तरह की तकनीकी का इस्तेमाल करने वाले एक्सपर्ट को टीम में शामिल किया गया है। जब तक वो एक्सपर्ट नहीं होगा तब तक चेकिंग नहीं होगी।
मंगलवार की शाम को कलेक्ट्रेट में हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव राजीव भटनागर, आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव, प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडेय, डीजीपी सुलखान सिंह ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को विस्तृत दिशा निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद ने कहा कि जिला पूर्ति अधिकारी, बांट माप निरीक्षक, एसडीएम, संबंधित तेल कंपनी के अधिकारी और पुलिस के साथ तकनीकी एक्सपर्ट टीम में शामिल होंगे। ये टीम एक एक पंप की एक एक मशीन को जांचेगी। अगर कहीं चोरी पकड़ी गई तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि बांट माप विभाग, जिला पूर्ति कार्यालय से अब मशीन की मरम्मत की कोई अनुमति तब तक नहीं मिलेगी जब तक चेकिंग नहीं हो जाती। अगर किसी ने बिना अनुमति लिए अपनी डिस्पेंसर मशीन से छेड़छाड़ की तो उसको विधि संगत धारा में जेल भेजा जाएगा।
वीसी में शामिल हुए एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि टीम में शामिल तकनीकी के जानकार ये बता देंगे कि किस पंप पर कब डिस्पेंसर मशीन से छेड़छाड़ हुई है..? किस जगह चिप लगी है या रिमोट लगाया गया है। अगर चिप या रिमोट लगा हुआ मिला तो उस पंप का लाइसेंस, एनओसी मौके पर ही रद्द कर दिया जाएगा। हर जिले के लिए तकनीकी के जानकार दो दिन में आ जाएंगे। उनके साथ ही ये जांच होगी।
छर्रा अड्डा पुल के पंप की जांच हुई
अलीगढ़। भाजपा नेता भूपेंद्र वार्ष्णेय के बेटे को कम पेट्रोल देने के प्रकरण में शिकायत होने के बाद मंगलवार को छर्रा अड्डा पुल के पेट्रोल पंप की जांच हुई। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जांच में कोई ऐसी चीज नहीं मिली जिससे घटतौली हो सके। जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी जाएगी।