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Aligarh News: अलीगढ़ ः हमने तो पुलिस पर विश्वास किया, अब हम क्या करें
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बेटे की हत्या के दुख से जैसे तैसे उबर रहे हाकिम सिंह को शुक्रवार शाम जब कुरेदा गया तो वे बिफर पड़े। बोले, हमने तो पुलिस पर विश्वास किया था। अब हत्या की घटना सही खोली या फर्जी? इसमें हम क्या कर सकते हैं? बोले, मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। हम तारीख पर जाते हैं। बेटा तो चला गया। उस समय के पुलिस थानेदार व अन्य ने जो किया, हमने मान लिया। अब सच क्या है, ये पुलिस की बताएगी। हम क्या बता सकते हैं?
ये दर्द उभरा दादों के गांव नगला सोरन खुशीपुरा के हाकिम सिंह का। हाकिम सिंह के अनुसार उनका 30 वर्षीय बेटा नरेंद्र कपड़ों की फेरी लगाता था। 24 जनवरी 2021 की शाम करीब 6:30 बजे वह बाइक पर सवार होकर दादों से गांव लौट रहा था। तभी नगला भूड़ गेट के पास बदमाशों ने उससे बाइक, मोबाइल व पर्स आदि लूट लिया। साथ में उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। नरेंद्र को मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां उसे मृत घोषित किया गया था। खुद हाकिम ने अज्ञात बदमाशों पर यह मुकदमा दर्ज कराया था। ताजा घटनाक्रम पर जब उनसे बात करने की कोशिश की गई तो वे ज्यादा कुछ नहीं बोले।
मोबाइल की मदद से ऐसे किया पुलिस ने खुलासा
पुलिस रिकार्ड के अनुसार इस घटना के बाद अप्रैल 2021 में दादों में ही एक और बाइक सवार से मोबाइल आदि लूट की घटना हुई। उस लूट में गए मोबाइल को सर्विलांस पर लिया गया तो पुलिस महुआखेड़ा याकूतपुर के कालीचरन तक पहुंची। गिरफ्तारी के समय वह अपनी ससुराल में था। उसने अप्रैल 2021 में लूटा गया मोबाइल बरामद कराते हुए उस लूट को स्वीकारा। उससे एक तमंचा व नरेंद्र की हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद होना दर्शाया। बाद में पुलिस दावे के अनुसार उसने जनवरी 2021 की नरेंद्र की हत्या सहित लूट भी स्वीकारी और अपने साथियों के रूप में इगलास के कोमल, हसायन हाथरस जाऊ के विजेंद्र व पहासू बुलंदशहर के टीटू के नाम भी बताए। इस खुलासे व नरेंद्र को जेल भेजने के बाद तत्कालीन एसओ अजब सिंह ने कालीचरन को जेल भेज दिया, जबकि एसओ बदल गए। वहां इंस्पेक्टर गोविंद बल्लभ शर्मा तैनात किए गए। उन्होंने आगे की विवेचना करते हुए चारों पर चार्जशीट सितंबर 2021 में दायर कर दी। अब इस मुकदमे का ट्रायल एडीजे-14 की अदालत में चल रहा है। नरेंद्र की हत्या के मुकदमे में कालीचरन की जमानत भी खारिज हो चुकी है और वह जेल में है।
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कोमल व अन्य पर और भी मुकदमे दर्ज हैं
पुलिस रिकार्ड के अनुसार खैर पुलिस ने कोमल, विजेंद्र, टीटू को 12 अप्रैल 2021 को एसओजी के सहयोग से गिरफ्तार किया था। उनसे खैर, विजयगढ़, जवां, सिकंदराराऊ, सासनी, टप्पल के मुकदमे खोले थे। उसी समय एसओजी की मदद से कालीचरन का नाम दादों पुलिस को मिला और खैर पुलिस ने उन तीनों को, जबकि दादों पुलिस ने कालीचरन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
एटा में तैनात हैं अब तत्कालीन एसओ
इस घटना को लेकर तत्कालीन एसओ अजब सिंह से बात हुई तो उन्होंने बताया कि उनकी वर्तमान तैनाती एटा के जैथरा में बतौर एसएसआई है। इस मामले में उनकी भूमिका शून्य है। उन्हें एसओजी ने इनपुट दिया। उसी आधार पर कालीचरन को पकड़ा। अब आगे के विवेचक ने क्या विवेचना की इस विषय में वे ज्यादा कुछ नहीं बता सकते।
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ये दर्द उभरा दादों के गांव नगला सोरन खुशीपुरा के हाकिम सिंह का। हाकिम सिंह के अनुसार उनका 30 वर्षीय बेटा नरेंद्र कपड़ों की फेरी लगाता था। 24 जनवरी 2021 की शाम करीब 6:30 बजे वह बाइक पर सवार होकर दादों से गांव लौट रहा था। तभी नगला भूड़ गेट के पास बदमाशों ने उससे बाइक, मोबाइल व पर्स आदि लूट लिया। साथ में उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। नरेंद्र को मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां उसे मृत घोषित किया गया था। खुद हाकिम ने अज्ञात बदमाशों पर यह मुकदमा दर्ज कराया था। ताजा घटनाक्रम पर जब उनसे बात करने की कोशिश की गई तो वे ज्यादा कुछ नहीं बोले।
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मोबाइल की मदद से ऐसे किया पुलिस ने खुलासा
पुलिस रिकार्ड के अनुसार इस घटना के बाद अप्रैल 2021 में दादों में ही एक और बाइक सवार से मोबाइल आदि लूट की घटना हुई। उस लूट में गए मोबाइल को सर्विलांस पर लिया गया तो पुलिस महुआखेड़ा याकूतपुर के कालीचरन तक पहुंची। गिरफ्तारी के समय वह अपनी ससुराल में था। उसने अप्रैल 2021 में लूटा गया मोबाइल बरामद कराते हुए उस लूट को स्वीकारा। उससे एक तमंचा व नरेंद्र की हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद होना दर्शाया। बाद में पुलिस दावे के अनुसार उसने जनवरी 2021 की नरेंद्र की हत्या सहित लूट भी स्वीकारी और अपने साथियों के रूप में इगलास के कोमल, हसायन हाथरस जाऊ के विजेंद्र व पहासू बुलंदशहर के टीटू के नाम भी बताए। इस खुलासे व नरेंद्र को जेल भेजने के बाद तत्कालीन एसओ अजब सिंह ने कालीचरन को जेल भेज दिया, जबकि एसओ बदल गए। वहां इंस्पेक्टर गोविंद बल्लभ शर्मा तैनात किए गए। उन्होंने आगे की विवेचना करते हुए चारों पर चार्जशीट सितंबर 2021 में दायर कर दी। अब इस मुकदमे का ट्रायल एडीजे-14 की अदालत में चल रहा है। नरेंद्र की हत्या के मुकदमे में कालीचरन की जमानत भी खारिज हो चुकी है और वह जेल में है।
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कोमल व अन्य पर और भी मुकदमे दर्ज हैं
पुलिस रिकार्ड के अनुसार खैर पुलिस ने कोमल, विजेंद्र, टीटू को 12 अप्रैल 2021 को एसओजी के सहयोग से गिरफ्तार किया था। उनसे खैर, विजयगढ़, जवां, सिकंदराराऊ, सासनी, टप्पल के मुकदमे खोले थे। उसी समय एसओजी की मदद से कालीचरन का नाम दादों पुलिस को मिला और खैर पुलिस ने उन तीनों को, जबकि दादों पुलिस ने कालीचरन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
एटा में तैनात हैं अब तत्कालीन एसओ
इस घटना को लेकर तत्कालीन एसओ अजब सिंह से बात हुई तो उन्होंने बताया कि उनकी वर्तमान तैनाती एटा के जैथरा में बतौर एसएसआई है। इस मामले में उनकी भूमिका शून्य है। उन्हें एसओजी ने इनपुट दिया। उसी आधार पर कालीचरन को पकड़ा। अब आगे के विवेचक ने क्या विवेचना की इस विषय में वे ज्यादा कुछ नहीं बता सकते।