{"_id":"631a444ac4c8e17f2e54620f","slug":"water-crisis-aligarh-news-ali299949991","type":"story","status":"publish","title_hn":"इसी तरह निकालते रहे पानी तो पांच साल में होगी बड़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इसी तरह निकालते रहे पानी तो पांच साल में होगी बड़ी परेशानी
विज्ञापन
इकराम वारिस
बारिश न होने से आने वाले पांच साल में लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ सकता है। सासनी, मुरसान इलाके में औसत से ज्यादा जल का दोहन हो रहा है, जबकि इगलास, हाथरस, कासगंज में जल की उपलब्धता नाजुक दौर में है। वहीं, लोधा, गंगीरी, शहर, सिकंदराराऊ, एटा नाजुक मुहाने पर पहुंच गया है। यह खुलासा इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) के सर्वे में सामने आया है। यह सर्वे एएमयू के अर्थशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद कैसर आलम ने दो साल में किया है। अलीगढ़ जिले में एक महीने तक अलग-अलग इलाकों में पांच शोधार्थियों ने सर्वे किया था। सर्वे करने के लिए 36 प्रश्नों का एक प्रारूप बनाया गया था। यह सर्वे करीब 250 लोगों से किया गया था।
आईसीएसएसआर की तरफ से वर्ष 2019 में ‘मैनेजमेंट चैलेंजेज एंड प्रास्पेक्टस ऑफ वाटर रिसोर्स इन उत्तर प्रदेश : ए स्टडी ऑफ डिस्ट्रिक्ट अलीगढ़ एंड बुलंदशहर’ में दो साल के लिए प्रोजेक्ट मिला था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया था। सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे के आधार पर जलदोहन के मामले में सासनी, मुरसान खतरनाक जोन में हैं, जबकि इगलास, हाथरस, कासगंज की हालत ठीक नहीं है। अतरौली, हसायन, अकराबाद, धनीपुर में गनीमत स्थिति है।
-डॉ. मोहम्मद कैसर आलम, एएमयू
भूमिगत जल की उपलब्धता (बिलियन क्यूबिक मीटर)
राज्य 2011 2013 2017
आंध्र प्रदेश 18.88 18.48 20.15
अरुणाचल प्रदेश 4.06 3.99 2.67
असोम 25.79 28.9 24.26
बिहार 26.87 28.49 28.99
चंडीगढ़ 0.22 28.49 28.99
छत्तीसगढ़ 11.63 11.9 10.57
मणिपुर 0.4 0.426 0.39
मेघालय 1.6 2.98 1.64
मिजोरम 0.03 0.04 1.98
नागालैंड 0.55 1.75 1.98
ओडिशा 16.69 16.69 15.57
दिल्ली 0.29 0.31 0.3
गोवा 0.15 0.15 0.16
गुजरात 17.59 19.79 21.25
हरियाणा 9.79 10.3 9.13
हिमाचल प्रदेश 0.53 0.53 0.46
जम्मू-कश्मीर 3.83 4.82 2.6
झारखंड 5.76 5.99 5.69
कर्नाटक 14.81 14.83 14.79
केरला 6.07 5.66 5.21
मध्यप्रदेश 33.29 34.48 34.47
पंजाब 20.32 23.39 21.58
राजस्थान 10.83 11.26 11.99
सिक्किम 0.04 - 1.52
तमिलनाडु 19.38 18.59 18.2
त्रिपुरा 2.36 2.27 1.24
उत्तर प्रदेश 71.66 71.58 65.32
उत्तराखंड 2 1.97 2.89
पश्चिम बंगाल 26.58 25.56 25.56
तेलंगाना 13.68 13.39 12.37
जल की उपलब्धता क्यूबिक मीटर प्रति वर्ष
1951 में 5177
1955 में 4732
1991 में 2209
2001 में 1820
2025 में 1341
2050 में 1140
विज्ञापन
बारिश न होने से आने वाले पांच साल में लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ सकता है। सासनी, मुरसान इलाके में औसत से ज्यादा जल का दोहन हो रहा है, जबकि इगलास, हाथरस, कासगंज में जल की उपलब्धता नाजुक दौर में है। वहीं, लोधा, गंगीरी, शहर, सिकंदराराऊ, एटा नाजुक मुहाने पर पहुंच गया है। यह खुलासा इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) के सर्वे में सामने आया है। यह सर्वे एएमयू के अर्थशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद कैसर आलम ने दो साल में किया है। अलीगढ़ जिले में एक महीने तक अलग-अलग इलाकों में पांच शोधार्थियों ने सर्वे किया था। सर्वे करने के लिए 36 प्रश्नों का एक प्रारूप बनाया गया था। यह सर्वे करीब 250 लोगों से किया गया था।
आईसीएसएसआर की तरफ से वर्ष 2019 में ‘मैनेजमेंट चैलेंजेज एंड प्रास्पेक्टस ऑफ वाटर रिसोर्स इन उत्तर प्रदेश : ए स्टडी ऑफ डिस्ट्रिक्ट अलीगढ़ एंड बुलंदशहर’ में दो साल के लिए प्रोजेक्ट मिला था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया था। सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे के आधार पर जलदोहन के मामले में सासनी, मुरसान खतरनाक जोन में हैं, जबकि इगलास, हाथरस, कासगंज की हालत ठीक नहीं है। अतरौली, हसायन, अकराबाद, धनीपुर में गनीमत स्थिति है।
विज्ञापन
-डॉ. मोहम्मद कैसर आलम, एएमयू
भूमिगत जल की उपलब्धता (बिलियन क्यूबिक मीटर)
राज्य 2011 2013 2017
आंध्र प्रदेश 18.88 18.48 20.15
अरुणाचल प्रदेश 4.06 3.99 2.67
असोम 25.79 28.9 24.26
बिहार 26.87 28.49 28.99
चंडीगढ़ 0.22 28.49 28.99
छत्तीसगढ़ 11.63 11.9 10.57
मणिपुर 0.4 0.426 0.39
मेघालय 1.6 2.98 1.64
मिजोरम 0.03 0.04 1.98
नागालैंड 0.55 1.75 1.98
ओडिशा 16.69 16.69 15.57
दिल्ली 0.29 0.31 0.3
गोवा 0.15 0.15 0.16
गुजरात 17.59 19.79 21.25
हरियाणा 9.79 10.3 9.13
हिमाचल प्रदेश 0.53 0.53 0.46
जम्मू-कश्मीर 3.83 4.82 2.6
झारखंड 5.76 5.99 5.69
कर्नाटक 14.81 14.83 14.79
केरला 6.07 5.66 5.21
मध्यप्रदेश 33.29 34.48 34.47
पंजाब 20.32 23.39 21.58
राजस्थान 10.83 11.26 11.99
सिक्किम 0.04 - 1.52
तमिलनाडु 19.38 18.59 18.2
त्रिपुरा 2.36 2.27 1.24
उत्तर प्रदेश 71.66 71.58 65.32
उत्तराखंड 2 1.97 2.89
पश्चिम बंगाल 26.58 25.56 25.56
तेलंगाना 13.68 13.39 12.37
जल की उपलब्धता क्यूबिक मीटर प्रति वर्ष
1951 में 5177
1955 में 4732
1991 में 2209
2001 में 1820
2025 में 1341
2050 में 1140