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जागो उपभोक्ता जागो : न्याय पाना है तो उपभोक्ता को जागरूक होना होगा
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अगर आपने किसी दुकान या प्रतिष्ठान से कोई सामान खरीदा है और वह तय गारंटी से पहले ही खराब हो गया है अथवा सामान को इस्तेमाल करने के बाद आपको लग रहा है कि उसकी गुणवत्ता अथवा संबंधित कंपनी या दुकानदार के दावे में एक बड़ा अंतर है। जिसे बदलने को दुकानदार तैयार नहीं हो रहा है तो ऐसे में आप जागरुक उपभोक्ता बनकर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट) के तहत इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद आपको अधिकतम 45 दिन में शिकायत का निस्तारण एवं न्याय मिल सकेगा। 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। पहली बार उपभोक्ता आंदोलन की शुरुआत अमेरिका में हुई थी। 15 मार्च 1962 को अमेरिकी कांग्रेस में उपभोक्ता संरक्षण पर एवं भारत में 1986 में विधेयक पारित हुआ था।
केस- एक
महावीरगंज के मुकेश कुमार ने रेलवे रोड से एक फ्रिज खरीदा। कुछ दिन बाद ही फ्रिज में खराबी आ गई। मुकेश ने शिकायत की तो दुकानदार ने कोई सुनवाई नहीं की। उपभोक्ता फोरम में शरण ली तो अदालत ने उनके पक्ष में आदेश देते हुए दुकानदार को दूसरा फ्रिज देने के आदेश दिए।
केस - दो
अतरौली के शिवकुमार शर्मा ने शहर की एक दुकान से मोबाइल फोन खरीदा। कुछ दिन बाद मोबाइल में खराबी आ गई। दुकानदार के मोबाइल न बदले जाने पर उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करायी। जहां हुई सुनवाई के बाद अदालत ने शिवकुमार के पक्ष में आदेश सुना दिया।
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कहीं से भी खरीदें सामान तब भी कर सकते हैं स्थानीय स्तर पर शिकायत
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रतीक चौधरी के अनुसार आपने कोई भी सामान अलीगढ़ या किसी दूसरे शहर से खरीदा है अथवा आपने ऑनलाइन ही सामान खरीदा है और उसकी गुणवत्ता आदि को लेकर कोई शिकायत है तो आप जिले में ही उपभोक्ता फोरम में जाकर कानूनी रूप से मदद ले सकते हैं। ऑनलाइन भी शिकायत भेज सकते हैं। पांच लाख रुपये तक के मुकदमे में किसी प्रकार का कोई भी स्टांप नहीं लगाना पड़ता है। पीड़ित व्यक्ति शिकायत दर्ज करता है तो विपक्षी को 30 दिन का नोटिस भेजकर 15 दिन की समय सीमा में तलब किया जाता है। जहां शिकायत एवं साक्ष्यों को लेकर विपक्षी के जबाव से संतुष्ट न होने पर अदालत उपभोक्ता के साक्ष्यों पर विश्वास करते हुए आदेश पारित कर सकती है।
उपभोक्ताओं को जागरुक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उपभोक्ता फोरम में उपभोक्ता यदि शिकायत दर्ज कराता है तो उसकी सुनवाई करते हुए विपक्षी को तलब किया जाता है। फिर साक्ष्य, गवाही आदि के आधार पर सही, गलत का निर्णय पारित किया जाता है। अदालत का मुख्य उद्देश्य पीड़ित को त्वरित न्याय दिलवाना है।
- हसनैन कुरैशी, अध्यक्ष, न्यायाधीश जिला उपभोक्ता आयोग
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केस- एक
महावीरगंज के मुकेश कुमार ने रेलवे रोड से एक फ्रिज खरीदा। कुछ दिन बाद ही फ्रिज में खराबी आ गई। मुकेश ने शिकायत की तो दुकानदार ने कोई सुनवाई नहीं की। उपभोक्ता फोरम में शरण ली तो अदालत ने उनके पक्ष में आदेश देते हुए दुकानदार को दूसरा फ्रिज देने के आदेश दिए।
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केस - दो
अतरौली के शिवकुमार शर्मा ने शहर की एक दुकान से मोबाइल फोन खरीदा। कुछ दिन बाद मोबाइल में खराबी आ गई। दुकानदार के मोबाइल न बदले जाने पर उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करायी। जहां हुई सुनवाई के बाद अदालत ने शिवकुमार के पक्ष में आदेश सुना दिया।
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कहीं से भी खरीदें सामान तब भी कर सकते हैं स्थानीय स्तर पर शिकायत
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रतीक चौधरी के अनुसार आपने कोई भी सामान अलीगढ़ या किसी दूसरे शहर से खरीदा है अथवा आपने ऑनलाइन ही सामान खरीदा है और उसकी गुणवत्ता आदि को लेकर कोई शिकायत है तो आप जिले में ही उपभोक्ता फोरम में जाकर कानूनी रूप से मदद ले सकते हैं। ऑनलाइन भी शिकायत भेज सकते हैं। पांच लाख रुपये तक के मुकदमे में किसी प्रकार का कोई भी स्टांप नहीं लगाना पड़ता है। पीड़ित व्यक्ति शिकायत दर्ज करता है तो विपक्षी को 30 दिन का नोटिस भेजकर 15 दिन की समय सीमा में तलब किया जाता है। जहां शिकायत एवं साक्ष्यों को लेकर विपक्षी के जबाव से संतुष्ट न होने पर अदालत उपभोक्ता के साक्ष्यों पर विश्वास करते हुए आदेश पारित कर सकती है।
उपभोक्ताओं को जागरुक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उपभोक्ता फोरम में उपभोक्ता यदि शिकायत दर्ज कराता है तो उसकी सुनवाई करते हुए विपक्षी को तलब किया जाता है। फिर साक्ष्य, गवाही आदि के आधार पर सही, गलत का निर्णय पारित किया जाता है। अदालत का मुख्य उद्देश्य पीड़ित को त्वरित न्याय दिलवाना है।
- हसनैन कुरैशी, अध्यक्ष, न्यायाधीश जिला उपभोक्ता आयोग