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Aligarh News: हलवाई हत्याकांड में 17 साल बाद आया फैसला, दोषी को उम्रकैद की सजा
Tue, 19 Mar 2024 10:33 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 19 Mar 2024 10:33 PM IST
सार
17 साल पहले 22 फरवरी 2007 को हलवाई अपने घायल पिता को देखने के लिए बाइक से अस्पताल गए थे। कुछ देर बाद अपनी हलवाई की दुकान में आ गए। रात में दुकान बंद करके हलवाई पैदल ही वापस अस्पताल को जा रहे थे। रास्ते में कहासुनी हुई और आरोपी ने तमंचे से गोली चला दी। इससे हलवाई की मौत हो गई।
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अदालत का फैसला
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अलीगढ़ महानगर के सासनी गेट में मडराक के अनुसूचित युवक की हत्या के मामले में दोषी युवक को उम्रकैद व पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे विशेष एससी-एसटी एक्ट राजेश भारद्वाज अदालत ने सुनाया है। अर्थदंड में से 20 हजार रुपये वादी को देने के लिए कहा है।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी महेंद्र कुमार व चमन प्रकाश शर्मा के अनुसार घटना 22 फरवरी 2007 की है। वादी मुकदमा मडराक के राजवीर सिंह माहौर ने तहरीर दी थी कि राजवीर व उसके बड़े भाई उमेश कुमार अपने घायल पिता को देखने के लिए बाइक से अस्पताल गए थे। कुछ देर बाद राजवीर अपनी हलवाई की दुकान मोहल्ला सराय हरनारायण में आ गए।
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रात में दुकान बंद करके पैदल ही वापस अस्पताल को जा रहे थे। रास्ते में कुछ दूर ही बाइक पर भाई उमेश दिख गए। उसके साथ सराय हरनारायण निवासी पंकज बघेल व जयप्रकाश यादव खड़े थे। इन दोनों से उमेश की कहासुनी हो रही थी। राजवीर भाई के पास पहुंचने ही वाले थे कि दोनों ने तमंचे से गोली चला दी। इससे उमेश की मौत हो गई।
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जांच में पता चला कि पंकज व प्रकाश की भी दूध की दुकान है। व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में दोनों मनमुटाव रखते थे। इसी रंजिश में यह हत्या की गई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की। मगर अदालत में हाजिर न होने पर पंकज को भगौड़ा घोषित कर दिया है। वहीं साक्ष्यों व गवाही के आधार पर जयप्रकाश को दोषी करार देकर सजा सुनाई है।