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अलीगढ़ में ऑनलाइन सुने जाएंगे वित्तीय वर्ष 2016-17 के वैट के मामले
Sun, 13 Sep 2020 12:57 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2020 12:57 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
कारोबारी सुगमता रैकिंग में लगातार आगे बढ़ रहे उत्तर प्रदेश में पुराने कर मामलों की सुनवाई जल्द से जल्द करने की कवायद शुरू हो चुकी है, ताकि व्यापारियों को बड़ी राहत दी जा सके। वित्तीय वर्ष 2016-17 के वैट के लंबित पड़े मामलों में अब आनलाइन सुनवाई होगी। इसके लिए व्यापारियों को ‘डीलर ई पासबुक’ एप डाउनलोड करना पड़ेगा। प्रदेश की वाणिज्य कर आयुक्त अमृता सोनी ने 11 सितंबर को इसके निर्देश जारी किए हैं।
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इसके तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 के वादों में कर निर्धारण या पुन: कर निर्धारण की समय सीमा बढ़ा कर आगामी 31 अक्तूबर कर दी गई है। इससे पहले ये तारीख 21 मार्च से बढ़ा कर 30 जून 2020 की गई थी। कोरोना काल में इसको दोबारा बढ़ाया गया है। उत्तर प्रदेश मूल्य संवंर्धित कर अधिनियम 2008 की धारा 29 उपधारा (11) के तहत हुए इस निर्णय के अनुसार अब वैट के मामलों की सुनवाई ‘ई-हियरिंग’ यानी आनलाइन ही होगी। अलीगढ़ वाणिज्य कर कार्यालय में अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज और मथुरा जिले शामिल हैं, जिनके लगभग 18 हजार के करीब मामले इस नई व्यवस्था में आएंगे। सोमवार 14 सितंबर से तालानगरी स्थित वाणिज्य कर कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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प्रदेश मुख्यालय का निर्देश पत्र मिला है। सोमवार को इस संबंध में अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक बुला कर उनको पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी। हम जीएसटी में आनलाइन नोटिस देकर पूछताछ करते थे, अब वैट के मामलों की सुनवाई आनलाइन होगी, ताकि केस जल्द से जल्द निपट सके।
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-विनय अस्थाना, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन
ऐसे होगी आनलाइन सुनवाई
1-वाणिज्य कर निर्धारण अधिकारी अपने सिस्टम से आर-5-ए नोटिस निकाल कर व्यापारी को उसके ई मेल पर केस की तारीख देते हुए आनलाइन नोटिस देंगे। एक वीडियो कॉल से भी तारीख की जानकारी दी जाएगी।
2-व्यापारी को उसके पंजीकृत ईमेल पर आनलाइन नोटिस मिलने के साथ ही ‘डीलर ईपास बुक’ एप का लिंक मिलेगा। इसी एप से वैट संबंधी वादों की आनलाइन सुनवाई होगी।
3-व्यापारी जीएसटीएन डाटा में अपने पंजीकृत नंबर के डाटा में उपलब्ध एक नंबर के माध्यम से ही इसी एप को डाउनलोड कर सकेंगे। डाटा के आनलाइन सत्यापन से एप डाउलोड हो जाएगा।
4-इसी एप में ‘ई-हियरिंग’ के मैन्यू के अंतर्गत कर निर्धारण कार्यालय से भेजे गए वीडियो के लिंक भी मिल जाएंगे। जिससे व्यापारी को उसके केस की तारीख समय एवं लिंक मिलेगा।
5-एप डाउनलोड होने के बाद व्यापारी को उसके मोबाइल नंबर से लिंक जीएसटीआईएन नंबर से जीएसटी पोर्टल पर उसके केस से संबंधित कार्यवाही का पूरा विवरण मिलेगा।
6-यदि किसी व्यापारी के पास वीडियो कॉल का एप डाउनलोड नहीं है, तो उसको एक बार उस एप को डाउनलोड करना पड़ेगा। उसके बाद ही वीडियो काल से आनलाइन हियरिंग होगी।
7-यदि व्यापारी किसी कठिनाई के कारण तयशुदा तारीख में सुनवाई नहीं करा पाता है तो वह एप के माध्यम से ही दूसरी तारीख ले सकेगा।
8-सुनवाई से संबंधित साक्ष्य आनलाइन अपलोड करने के लिए व्यापारी को ईमेल के माध्यम से प्रपत्र अपलोडिंग से संबंधित यूआरएल, लॉगिन आईडी तथा पासवर्ड मिलेगा। जिससे प्रपत्र अपलोड होंगे।
9-इस संबंध में कोई व्यावहारिक समस्या होने पर कमांड सेंटर वाणिज्य कर मुख्यालय से संपर्क किया जा सकेगा।