बीज उत्पादन विधायन विपणन केंद्र : हरे चारे का बीज तैयार करने वाली यूनिट ही सूख गई, लग गया ताला
रामघाट रोड पर स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (पराग डेयरी) के कैंपस में स्थित बीज विधायन विपणन यूनिट के द्वारा तैयार कराया जाने वाला हरे चारे का बीज उत्तर प्रदेश की सभी 29 डेयरियों से जुड़े किसानों तक जाता था।
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पशुओं में दूध की मात्रा बढ़े इसके लिए हरे चारे का उन्नत बीज तैयार करने के लिए पराग डेयरी में ही एक यूनिट 1994 में स्थापित की गई। नौ लोगों की लंबी चौड़ी फौज थी। इस यूनिट के द्वारा हरे चारे का बीज तैयार करवाया जाता था और फिर प्रदेश भर के दुग्ध उत्पादक किसानों को दिया जाता था। इसमें बरसीम, मक्का, ज्वार और लोभिया था। लेकिन बजट न मिलने और अनदेखी के कारण प्रदेश की यह इकलौती यूनिट बंद हो गई है। हालांकि अफसरों का कहना है कि इस यूनिट को शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
रामघाट रोड पर स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (पराग डेयरी) के कैंपस में स्थित बीज विधायन विपणन यूनिट के द्वारा तैयार कराया जाने वाला हरे चारे का बीज उत्तर प्रदेश की सभी 29 डेयरियों से जुड़े किसानों तक जाता था। किसान इसी बीज से हरे चारे को उगाकर अपने दुधारू पशुओं को खिलाते थे। इससे दूध का उत्पादन भी बढ़ता था। लेकिन आहिस्ता आहिस्ता यह प्लांट ही बंदी की कगार पर पहुंचता गया। शासन स्तर से जो बजट जारी होता था वह भी मिलना बंद हो गया। अफसरों का कहना है कि किसानों के माध्यम से बीज उगवाया जाता था और फिर उसे पराग डेयरी परिसर में बीज विधायन विपणन केंद्र पर लाकर प्रोसेसिंग होती थी।
वर्ष 2015 से बजट मिलना हो गया था बंद
विधायन विपणन इकाई से जुड़े कर्मचारियों के अनुसार ( नाै कर्मचारी जिन्हें अब पीसीडीएफ में मर्ज कर लिया गया है ) वर्ष 2016 से इकाई की स्थिति खराब होने लगी थी। पहले बजट कम किया गया और फिर बिलकुल ही बंद कर दिया।
आठ राज्यों को होती थी हरे चारे के बीज की सप्लाई
इस यूनिट द्वारा तैयार कराया जाने वाला हरे चारे का बीज उत्तर प्रदेश के साथ ही मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल , छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान और हरियाणा तक सप्लाई होता था।
बीज विधायन विपणन इकाई के बंद हो जाने से अब जिले व अन्य प्रदेशों में बीज नहीं जा पा रहा है। शासन को इस संबंध में कई बार पत्र लिखकर वस्तुस्थिति बता दी गई है। यदि शासन से कुछ मदद मिली तो इकाई को फिर से पहले वाली स्थिति में लाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा ।-संजीव वर्मा, जीएम पराग डेयरी