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बेमौसम वर्षा व ओलावृष्टि ने गिराए आलू के दाम
Sun, 24 Jan 2021 02:16 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, आशीष श्रीवास्तव, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, आशीष श्रीवास्तव, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 24 Jan 2021 02:16 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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आलू के दाम अचानक गिरने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। पिछले दो सप्ताह में आलू के दाम आधे रह गए हैं। दो सप्ताह पहले तक धनीपुर मंडी में 800 से 850 रुपये बोरी के भाव बिक रहा आलू अब 400 से 450 रुपये बोरी के भाव बिक रहा है। इसका कारण माना जा रहा है माह की शुरुआत में हुई बेमौसम वर्षा व ओलावृष्टि।
वर्षा का पानी खेतों में भरने से आलू के सड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया। इससे बचने के लिए किसानों को कच्चा आलू खोदने पर विवश होना पड़ा। फिर मची इसे बेचने की होड़। मंडी में एकाएक बड़ी मात्रा में आलू आने का असर यह रहा कि उसके दाम गिर गए। यह स्थिति अकेले अलीगढ़ ही नहीं पूरे प्रदेश में रही। बताते चलें कि जनवरी माह में आलू के दाम आमतौर पर 800 से 850 रुपये बोरा रहते हैं।
क्या कहते हैं किसान
- बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से आलू के खेतों में बनी नालियों में पानी भर गया। इससे आलू के सड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया। मजबूरन किसानों को कच्चा आलू खोदना पड़ा और उसे सीधे मंडी ले जाना पड़ा।
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- सत्यप्रकाश सिंह, किसान
-कच्चा आलू 15 दिन में ही सड़ने लगता है। ऐसे में उसे कोल्ड स्टोर में भी नहीं रखा जा सकता है। यही वजह रही कि किसान अपना आलू सीधे मंडी ले गया। आलू की बहुतायत होने और दाम गिरने तो लाजमी ही हैं।
- डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह, किसान
क्या कहते हैं आढ़ती
-दो सप्ताह में मंडी में कायमगंज, अलीगंज, फर्रुखाबाद, बेवर के साथ स्थानीय स्तर से बड़ी मात्रा में आलू आया है। इस वजह से धनीपुर मंडी में आलू के दाम 400 से 450 रुपये बोरा रह गए हैं। दो सप्ताह पहले तक पंजाब का आलू चल रहा था। उस समय आलू के दाम 800 से 850 रुपया बोरी थे। बताते चलें कि एक बोरी में 50 किलो आलू आता है।
- बाबू भाई, धनीपुर मंडी सब्जी आढ़ती
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वर्षा का पानी खेतों में भरने से आलू के सड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया। इससे बचने के लिए किसानों को कच्चा आलू खोदने पर विवश होना पड़ा। फिर मची इसे बेचने की होड़। मंडी में एकाएक बड़ी मात्रा में आलू आने का असर यह रहा कि उसके दाम गिर गए। यह स्थिति अकेले अलीगढ़ ही नहीं पूरे प्रदेश में रही। बताते चलें कि जनवरी माह में आलू के दाम आमतौर पर 800 से 850 रुपये बोरा रहते हैं।
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क्या कहते हैं किसान
- बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से आलू के खेतों में बनी नालियों में पानी भर गया। इससे आलू के सड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया। मजबूरन किसानों को कच्चा आलू खोदना पड़ा और उसे सीधे मंडी ले जाना पड़ा।
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- सत्यप्रकाश सिंह, किसान
-कच्चा आलू 15 दिन में ही सड़ने लगता है। ऐसे में उसे कोल्ड स्टोर में भी नहीं रखा जा सकता है। यही वजह रही कि किसान अपना आलू सीधे मंडी ले गया। आलू की बहुतायत होने और दाम गिरने तो लाजमी ही हैं।
- डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह, किसान
क्या कहते हैं आढ़ती
-दो सप्ताह में मंडी में कायमगंज, अलीगंज, फर्रुखाबाद, बेवर के साथ स्थानीय स्तर से बड़ी मात्रा में आलू आया है। इस वजह से धनीपुर मंडी में आलू के दाम 400 से 450 रुपये बोरा रह गए हैं। दो सप्ताह पहले तक पंजाब का आलू चल रहा था। उस समय आलू के दाम 800 से 850 रुपया बोरी थे। बताते चलें कि एक बोरी में 50 किलो आलू आता है।
- बाबू भाई, धनीपुर मंडी सब्जी आढ़ती