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अल्ट्रासाउंड सेंटर ने परमाणु ऊर्जा बोर्ड का फर्जी लाइसेंस लिया
Sun, 26 May 2019 01:39 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 26 May 2019 01:39 AM IST
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सिविल लाइन क्षेत्र के एक नामी अल्ट्रासाउंड सेंटर ने एटोमिक एनर्जी रेग्यूलेटरी बोर्ड (एईआरबी) के नाम पर फर्जी लाइसेंस हासिल किया और इसी के आधार पर अपनी प्रैक्टिस जारी रखी।
मामला खुलने पर ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य लोकसभा सांसद राम चंद्र हंसदा ने मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश शासन से की। जिसके बाद संबंधित सेंटर के लिए सीएमओ ने जांच गठित की है। जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजनी है।
सांसद रामचंद्र हंसदा ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को भेजे पत्र में कहा है कि संबंधित अल्ट्रासाउंड एईआरबी से बिना वैध लाइसेंस हासिल किए बिना ही काम कर रहा है। इस सेंटर ने धोखाधड़ी करके पंजीयन करने वाले कार्यालय में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए और पंजीकरण करवा लिया। इस तरह यह पूरी तरह अवैध है। इसका इस तरह संचालन होना मनुष्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है।
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इस पत्र के बाद प्रमुख सचिव ने मामला निदेशक को सौंपा। निदेशक ने सीएमओ को जांच कर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा। सीएमओ ने इस मामले की जांच एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा कोे सौंपी है। डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि वह मामले की जांच कर रहे हैं।
क्यों लेना होता है लाइसेंस
अल्ट्रासाउंड और एक्सरे आदि में रेडियोएक्टिव पदार्थों का प्रयोग होता है। परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड संबंधित सेंटर में रेडियो एक्टिव उत्सर्जन की स्थिति और उसके मानकों की निगरानी करता है।
लिंग परीक्षण करने वालों की पहचान शुरू
जिले में लिंग परीक्षण के काम में लगे अल्ट्रासाउंड सेंटरों के चिह्नीकरण का काम शुरू किया गया है। सीएमओ के अनुसार जल्द ही इनके खिलाफ कार्यवाही का अभियान छेड़ा जाएगा। सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल कहते हैं कि शहर में ही नहीं बल्कि कस्बे में भी नर्सिंग होमों को चिह्नित करने का काम शुरू किया गया है। विगत में शहर में कुछ जगहों पर लिंग परीक्षण होना पाया गया है। लिंग परीक्षण कानूनन जुर्म है।
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मामला खुलने पर ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य लोकसभा सांसद राम चंद्र हंसदा ने मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश शासन से की। जिसके बाद संबंधित सेंटर के लिए सीएमओ ने जांच गठित की है। जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजनी है।
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सांसद रामचंद्र हंसदा ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को भेजे पत्र में कहा है कि संबंधित अल्ट्रासाउंड एईआरबी से बिना वैध लाइसेंस हासिल किए बिना ही काम कर रहा है। इस सेंटर ने धोखाधड़ी करके पंजीयन करने वाले कार्यालय में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए और पंजीकरण करवा लिया। इस तरह यह पूरी तरह अवैध है। इसका इस तरह संचालन होना मनुष्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है।
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इस पत्र के बाद प्रमुख सचिव ने मामला निदेशक को सौंपा। निदेशक ने सीएमओ को जांच कर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा। सीएमओ ने इस मामले की जांच एसीएमओ डॉ. पीके शर्मा कोे सौंपी है। डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि वह मामले की जांच कर रहे हैं।
क्यों लेना होता है लाइसेंस
अल्ट्रासाउंड और एक्सरे आदि में रेडियोएक्टिव पदार्थों का प्रयोग होता है। परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड संबंधित सेंटर में रेडियो एक्टिव उत्सर्जन की स्थिति और उसके मानकों की निगरानी करता है।
लिंग परीक्षण करने वालों की पहचान शुरू
जिले में लिंग परीक्षण के काम में लगे अल्ट्रासाउंड सेंटरों के चिह्नीकरण का काम शुरू किया गया है। सीएमओ के अनुसार जल्द ही इनके खिलाफ कार्यवाही का अभियान छेड़ा जाएगा। सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल कहते हैं कि शहर में ही नहीं बल्कि कस्बे में भी नर्सिंग होमों को चिह्नित करने का काम शुरू किया गया है। विगत में शहर में कुछ जगहों पर लिंग परीक्षण होना पाया गया है। लिंग परीक्षण कानूनन जुर्म है।