{"_id":"6171ba56ac9b004d7d5e7aaa","slug":"two-policemen-terminated-due-to-indiscipline-city-office-news-ali2763281109","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः अनुशासनहीनता पर दो पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः अनुशासनहीनता पर दो पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पुलिस के दो सिपाहियों की अनुशासनहीनता पर बृहस्पतिवार को सेवा समाप्त कर दी गई है। एसएसपी कलानिधि नैथानी के स्तर से यह निर्णय विभागीय जांच के आधार पर इस कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। इनमें एक सिपाही पर सरकारी कार्बाइन से युवक की हत्या का आरोप है, जबकि दूसरी महिला सिपाही पर नौ साल तक गायब रहने का आरोप लगा है। दोनों मामलों में लंबे समय तक चली जांच के निर्णय पर यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार जिला पुलिस के सिपाही मनीष कुमार पर हत्या का आरोप है। वह जेल में निरुद्ध है। आरोप है कि अनुसार वाकया 15 नवंबर 2017 की रात करीब 8 बजे का है। मनीष भाजपा के तत्कालीन मेयर प्रत्याशी राजीव अग्रवाल की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात था। वह अपने एडीए सासनी गेट स्थित कमरे पर कुछ दोस्तों संग मौजूद था। तभी उसकी सरकारी कार्बाइन से सासनी गेट लड़िया के नितिन माहौर नाम के युवक की मौत हो गई। उसमें सिपाही पर कहासुनी में गोली मारने का आरोप लगा था। युवक की मौत इलाज के दौरान तीन दिन बाद हुई। मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया। तभी से जेल में है। इस आधार पर उसे सेवा से मुक्त किया गया है।
इधर, दूसरे मामले में सिपाही कांती को एटा से अलीगढ़ जनपद के लिए 16 दिसंबर 2011 को तबादले पर रवाना किया गया। मगर सिपाही ने नियत तारीख 24 दिसंबर को अपना अलीगढ़ में आगमन न कराकर 9 साल बाद 24 अक्तूबर 2020 को आमद कराई। इस मामले में हुई जांच के आधार पर आरोपी सिपाही की सेवा समाप्त की गई है।
विज्ञापन
- जिला पुलिस के कुछ साल के अनुशासनहीनता के पुराने लंबित मामलों में जांच के आधार पर निर्णय लिए गए हैं, जिनमें आरोप मिथ्या पाए गए हैं और आरोपी जांच में बरी हुए हैं, उन्हें बहाल करने के साथ आरोपों से बरी किया गया है। वहीं इन दो मामलों में आरोपी दोषी करार दिए गए हैं, जिनकी सेवा समाप्त की गई है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
विज्ञापन
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार जिला पुलिस के सिपाही मनीष कुमार पर हत्या का आरोप है। वह जेल में निरुद्ध है। आरोप है कि अनुसार वाकया 15 नवंबर 2017 की रात करीब 8 बजे का है। मनीष भाजपा के तत्कालीन मेयर प्रत्याशी राजीव अग्रवाल की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात था। वह अपने एडीए सासनी गेट स्थित कमरे पर कुछ दोस्तों संग मौजूद था। तभी उसकी सरकारी कार्बाइन से सासनी गेट लड़िया के नितिन माहौर नाम के युवक की मौत हो गई। उसमें सिपाही पर कहासुनी में गोली मारने का आरोप लगा था। युवक की मौत इलाज के दौरान तीन दिन बाद हुई। मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया। तभी से जेल में है। इस आधार पर उसे सेवा से मुक्त किया गया है।
विज्ञापन
इधर, दूसरे मामले में सिपाही कांती को एटा से अलीगढ़ जनपद के लिए 16 दिसंबर 2011 को तबादले पर रवाना किया गया। मगर सिपाही ने नियत तारीख 24 दिसंबर को अपना अलीगढ़ में आगमन न कराकर 9 साल बाद 24 अक्तूबर 2020 को आमद कराई। इस मामले में हुई जांच के आधार पर आरोपी सिपाही की सेवा समाप्त की गई है।
विज्ञापन
- जिला पुलिस के कुछ साल के अनुशासनहीनता के पुराने लंबित मामलों में जांच के आधार पर निर्णय लिए गए हैं, जिनमें आरोप मिथ्या पाए गए हैं और आरोपी जांच में बरी हुए हैं, उन्हें बहाल करने के साथ आरोपों से बरी किया गया है। वहीं इन दो मामलों में आरोपी दोषी करार दिए गए हैं, जिनकी सेवा समाप्त की गई है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी