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अलीगढ़ : पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका से ट्रांसपोर्टर चिंतित
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ठा. अजय पाल सिंह
- फोटो : CITY OFFICE
पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि होने की आशंका से जिले के ट्रांसपोर्टर चिंतित हैं। इसके चलते कुछ ट्रांसपोर्टरों ने माल बुक करना बंद कर दिया है। उनका कहना है कि दो साल से कोरोना के चलते व्यापारियों ने भाड़ा बढ़ाया नहीं है। अब अगर पेट्रोल-डीजल पर दाम बढ़े तो बहुत नुकसान होगा।
जिले में करीब 125 ट्रांसपोर्टर व 100 से ऊपर कमीशन एजेंट हैं, जिनके सहारे जिले का माल बाहर जाता है व बाहर से जिले में आता है। इस कार्य में दस हजार से अधिक ट्रक लगे हैं। अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका से ट्रकों के पहिये थम गए हैं। लंबी दूरी की बुकिंग पर ब्रेक लगने से मसाला, रेडीमेड, इलेक्ट्रॉनिक सहित अन्य सामग्री की आपूर्ति पर असर पड़ेगा। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कच्चा माल महंगा होने से पहले से ही ऑर्डर नहीं है। अब पेट्रोल-डीजल के दामों में 10 से 15 रुपये की तेजी आने की आशंका ने व्यापार चौपट कर दिया है। कोरोना काल में व्यापारियों ने कम मांग का हवाला देते हुए माला भाड़ा नहीं बढ़ाया। जबकि ईंधन अपने सर्वोच्च स्तर पर है। बाजार में अस्थिरता के चलते व्यापार की दृष्टि से माहौल सुरक्षित नहीं है।
कच्चे माल पर दाम बढ़ने से काम पहले ही कम है। कोरोना काल में पहले से ही ट्रांसपोर्टर नुकसान की मार झेल रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। लेकिन व्यापारी माल भाड़ा बढ़ाने को तैयार नहीं है। ईंधन के दाम अभी और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लंबी दूरी के भाड़े की बुकिंग कम कर रहे हैं।
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ठा. अजय पाल सिंह, अध्यक्ष, दि गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन
वर्तमान में काम बहुत कम है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर माल भाड़ा बढ़ाना पड़ेगा। बुकिंग काफी कम हैं, क्योंकि कच्चे माल पर दामों में काफी तेजी आई है। अगर अब ईंधन पर दाम बढ़े तो ट्रांसपोर्टर सड़क पर आ जाएंगे। अब दस मार्च के बाद ही हालात पता चलेेंगे।
रोबिन डंग, स्वामी, ग्रीन टांसपोर्ट
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जिले में करीब 125 ट्रांसपोर्टर व 100 से ऊपर कमीशन एजेंट हैं, जिनके सहारे जिले का माल बाहर जाता है व बाहर से जिले में आता है। इस कार्य में दस हजार से अधिक ट्रक लगे हैं। अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका से ट्रकों के पहिये थम गए हैं। लंबी दूरी की बुकिंग पर ब्रेक लगने से मसाला, रेडीमेड, इलेक्ट्रॉनिक सहित अन्य सामग्री की आपूर्ति पर असर पड़ेगा। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कच्चा माल महंगा होने से पहले से ही ऑर्डर नहीं है। अब पेट्रोल-डीजल के दामों में 10 से 15 रुपये की तेजी आने की आशंका ने व्यापार चौपट कर दिया है। कोरोना काल में व्यापारियों ने कम मांग का हवाला देते हुए माला भाड़ा नहीं बढ़ाया। जबकि ईंधन अपने सर्वोच्च स्तर पर है। बाजार में अस्थिरता के चलते व्यापार की दृष्टि से माहौल सुरक्षित नहीं है।
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कच्चे माल पर दाम बढ़ने से काम पहले ही कम है। कोरोना काल में पहले से ही ट्रांसपोर्टर नुकसान की मार झेल रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। लेकिन व्यापारी माल भाड़ा बढ़ाने को तैयार नहीं है। ईंधन के दाम अभी और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लंबी दूरी के भाड़े की बुकिंग कम कर रहे हैं।
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ठा. अजय पाल सिंह, अध्यक्ष, दि गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन
वर्तमान में काम बहुत कम है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर माल भाड़ा बढ़ाना पड़ेगा। बुकिंग काफी कम हैं, क्योंकि कच्चे माल पर दामों में काफी तेजी आई है। अगर अब ईंधन पर दाम बढ़े तो ट्रांसपोर्टर सड़क पर आ जाएंगे। अब दस मार्च के बाद ही हालात पता चलेेंगे।
रोबिन डंग, स्वामी, ग्रीन टांसपोर्ट