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जयपुर में हो रही आईआईएम की वार्षिक सभा में भाग लेने को उद्यमी रवाना
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जयपुर में पांच से सात अगस्त तक आयोजित आईआईएम की वार्षिक साधारण सभा में भाग लेने के लिए अलीगढ़ चैप्टर से नौ उद्यमी बृहस्पतिवार सुबह छह बजे रवाना हुए। उनकी गाड़ी को भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, नीति एवं शोध विभाग उत्तर प्रदेश के सह संयोजक डॉ. राजीव अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
फैसिलिटेशन काउंसिल के सदस्य मनोज अग्रवाल ने बताया कि सभा में अलीगढ़ के उद्योगों की समस्याएं उठाई जाएंगी। इसके अलावा शासन से घोषित अत्यंत महत्व की योजनाएं धरातल पर उतर एमएसएमई के हित में प्रभावी कैसे हो समेत अन्य विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि देश में उद्योगों के विकास को मुख्यमंत्री योगी ने 14 अक्टूबर 2020 को उद्योगों की अनुमतियों के सरलीकरण को एमएसएमई स्थापना व संचालन अधिनियम पारित किया। इसके अंतर्गत प्रदेश में उद्योगों की स्थापना, विस्तार या परिवर्तन के लिए उद्योग के पंजीकरण का केवल एक आवेदन उत्तर प्रदेश सरकार की उद्योग साइट निवेश मित्र पर व केवल एक फार्म जिला उद्योग केंद्र पर प्रपत्र अपलोड कर देना है। उसके बाद उद्यमी को अलग-अलग विभाग जैसे प्रदूषण, फायर, श्रम, विद्युत, धारा 80 के अंतर्गत लैंड यूज़ कृषि से बाहर करना आदि के लिए विभागों में चक्कर नहीं लगाने।
आवेदन के 72 घंटे में सभी विभागों को प्रपत्र उपलब्ध कराने व अनापत्ति व स्वीकृति प्रदान करने का कार्य जिला उद्योग केन्द्र का है। 72 घंटे में सभी स्वीकृति के उपरांत 1000 दिन उत्तर प्रदेश सरकार का कोई भी विभाग इकाई पर भ्रमण नहीं करेगा। बावजूद इसके विभागीय अफसरों की तानाशाही से यह योजना मूर्तरूप नहीं ले पा रही है। इसके अलावा सभा में एमएसएमई के लंबित भुगतानों के विवाद व प्रकरण जल्द हल करने को मंडल में आर्बिटेशन एक्ट के तहत गठित फैसिलिटेशन काउंसिल को प्रभावी व सक्रिय बनाने पर भी विचार होगा।
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जयपुर जाने वाले उद्यमियों में अनुपमा अग्रवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, वैशालिनी जिंदल, शलभ जिंदल शैलजा इंटरनेशनल, चैप्टर चैयरमेन रश्मि गोयल, जितेंद्र गोयल गणपति कंसल्टेंट, मनीषा अग्रवाल, राजेश अग्रवाल ट्रैक्टर एंड एग्रो इंडस्ट्रीज, अलीगढ़ चैप्टर कार्यकारिणी सदस्य व आईआईएम रोहतक से व्यावसायिक प्रबंधन की छात्रा श्रष्टि अग्रवाल सहित 9 उद्यमी शामिल हैं।
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फैसिलिटेशन काउंसिल के सदस्य मनोज अग्रवाल ने बताया कि सभा में अलीगढ़ के उद्योगों की समस्याएं उठाई जाएंगी। इसके अलावा शासन से घोषित अत्यंत महत्व की योजनाएं धरातल पर उतर एमएसएमई के हित में प्रभावी कैसे हो समेत अन्य विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि देश में उद्योगों के विकास को मुख्यमंत्री योगी ने 14 अक्टूबर 2020 को उद्योगों की अनुमतियों के सरलीकरण को एमएसएमई स्थापना व संचालन अधिनियम पारित किया। इसके अंतर्गत प्रदेश में उद्योगों की स्थापना, विस्तार या परिवर्तन के लिए उद्योग के पंजीकरण का केवल एक आवेदन उत्तर प्रदेश सरकार की उद्योग साइट निवेश मित्र पर व केवल एक फार्म जिला उद्योग केंद्र पर प्रपत्र अपलोड कर देना है। उसके बाद उद्यमी को अलग-अलग विभाग जैसे प्रदूषण, फायर, श्रम, विद्युत, धारा 80 के अंतर्गत लैंड यूज़ कृषि से बाहर करना आदि के लिए विभागों में चक्कर नहीं लगाने।
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आवेदन के 72 घंटे में सभी विभागों को प्रपत्र उपलब्ध कराने व अनापत्ति व स्वीकृति प्रदान करने का कार्य जिला उद्योग केन्द्र का है। 72 घंटे में सभी स्वीकृति के उपरांत 1000 दिन उत्तर प्रदेश सरकार का कोई भी विभाग इकाई पर भ्रमण नहीं करेगा। बावजूद इसके विभागीय अफसरों की तानाशाही से यह योजना मूर्तरूप नहीं ले पा रही है। इसके अलावा सभा में एमएसएमई के लंबित भुगतानों के विवाद व प्रकरण जल्द हल करने को मंडल में आर्बिटेशन एक्ट के तहत गठित फैसिलिटेशन काउंसिल को प्रभावी व सक्रिय बनाने पर भी विचार होगा।
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जयपुर जाने वाले उद्यमियों में अनुपमा अग्रवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, वैशालिनी जिंदल, शलभ जिंदल शैलजा इंटरनेशनल, चैप्टर चैयरमेन रश्मि गोयल, जितेंद्र गोयल गणपति कंसल्टेंट, मनीषा अग्रवाल, राजेश अग्रवाल ट्रैक्टर एंड एग्रो इंडस्ट्रीज, अलीगढ़ चैप्टर कार्यकारिणी सदस्य व आईआईएम रोहतक से व्यावसायिक प्रबंधन की छात्रा श्रष्टि अग्रवाल सहित 9 उद्यमी शामिल हैं।