राज्य स्तरीय निगरानी समिति के विशिष्ट सदस्य राम भरोसी लाल वाल्मीकि ने कहा कि देश में अब सिर पर मैला ढोने जैसी कुप्रथा समाप्ति की ओर है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार इस कार्य में लगे स्वच्छकारों के लिए लाभकारी योजनाएं संचालित करने के साथ ही उन्हें पुनर्वासित करने का काम कर रही हैं।
उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सीवर में कार्य करते हुए मृतक स्वच्छकारों के आश्रितों को 10 लाख मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। वह मंगलवार को कमिश्नरी स्थित सर्किट हाउस सभागार में अपर नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, जिले की सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों, प्रतिनिधियों एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
उन्होंने निर्देश दिए कि स्वच्छकारों की बस्ती में शिविर लगाकर जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें ऋण वितरित कराया जाए। उन्होंने जनपद में आउटसोर्सिंग, ठेका एवं अन्य माध्यमों से नगर निकायों में तैनात सफाई कार्मिकों के वेतन भुगतान, पीएफ, ईएसआई एवं साप्ताहिक अवकाश की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि किसी भी कार्मिक का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर स्वच्छकारों के नियमानुसार भुगतान एवं प्रदत्त सुविधाओं में गड़बड़ी मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।