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पुलिस खोजती रह गई: टाइगर ग्रुप का सरगना हेमू पहुंचा राजस्थान जेल, नाटकीय अंदाज में ऐसे पकड़ा गया

Sat, 09 Aug 2025 01:42 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 09 Aug 2025 01:42 PM IST
सार

25 जुलाई को प्रापर्टी डीलर सोनू चौधरी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सोनू के बड़े भाई देवेंद्र सिंह ने गांव की रंजिश में 4 नामजद व तीन अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कराया था। मगर पुलिस ने जांच के आधार पर 5 अगस्त को शूटर शिवा चौधरी को हत्या के आरोप में दबोचा था। उसी से पूछताछ के आधार पर सोनू के पार्टनर दिनेश को साजिश के आरोप में पकड़ा था। 
 

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Tiger group leader Hemu reached Rajasthan jail
(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलीगढ़ सांसद के करीबी भाजयुमो के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष प्रॉपर्टी डीलर सोनू चौधरी की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता हेमू को पुलिस खोजती रह गई। मगर टाइगर ग्रुप का सरगना हेमू दो दिन पहले राजस्थान के कुम्हेर थाना पुलिस ने नाटकीय ढंग से तमंचे सहित पकड़ लिया गया। हालांकि इस सुनियोजित गिरफ्तारी पर सवाल उठ रहे हैं। मगर अब उससे पुलिस टीम पूछताछ के लिए जाएगी। साथ में वी वारंट पर यहां तलब कराया जाएगा।

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कोंडरा के ही रहने वाले हेमेंद्र उर्फ हेमू के विषय में राजस्थान के डींग जनपद के कुम्हेर थाने से सूचना जारी की गई है। जिसमें 6 अगस्त को उसे तमंचे सहित पकड़ा जाना उल्लेखित किया है। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। इधर, बता दें कि 25 जुलाई को प्रापर्टी डीलर सोनू चौधरी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सोनू के बड़े भाई देवेंद्र सिंह ने गांव की रंजिश में 4 नामजद व तीन अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कराया था। मगर पुलिस ने जांच के आधार पर 5 अगस्त को शूटर शिवा चौधरी को हत्या के आरोप में दबोचा था। उसी से पूछताछ के आधार पर सोनू के पार्टनर दिनेश को साजिश के आरोप में पकड़ा था। 
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उसी से टागइर ग्रुप सरगना हेमू का नाम उजागर हुआ। इसके बाद हेमू के तीन अन्य साथी भी पकड़े गए। साथ में यह भी उजागर हुआ कि शिवा के साथ हत्या में शामिल रहा दूसरा शूटर संजू पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया है। इन सभी से पूछताछ में उजागर हुआ कि हेमू व दिनेश ने प्रापर्टी कारोबार व जरायम क्षेत्र में वर्चस्व के लिए यह हत्या कराई है। तभी से पुलिस हेमू को तलाश रही थी। सर्विलांस की मदद से राजस्थान तक पुलिस गई। मगर हत्थे नहीं लगा। इधर, सीओ राजीव द्विवेदी ने हेमू के राजस्थान में नाटकीय अंदाज में पकड़े जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि अब उसे रिमांड पर लाया जाएगा।

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ये मामला बेहद गंभीर है। हेमू को राजस्थान में पुलिस ने पकड़ा है। इस विषय में वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से राजस्थान के अधिकारियों को भी सूचना भेजी जाएगी। बाकी अन्य कार्रवाई भी होंगी।-संजीव सुमन, एसएसपी

पहले भी राजस्थान में हुईं ऐसे गिरफ्तारी

जिले के अपराधियों की हत्या सरीखे संगीन अपराध के बाद राजस्थान में नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी का यह पहला मामला नहीं। इससे पहले वर्ष 2011-12 में दीवानी परिसर में पुलिस अभिरक्षा में हत्या के नामजद राजस्थान के भरतपुर में हत्या के समय पकड़े दिखाए थे। इसी तरह 2021 में गांधी आई तिराहे पर कारोबारी संदीप की हत्या में शामिल दो शूटर राजस्थान के भरतपुर में पिस्टल सहित पकड़े दिखाए थे।

मुठभेड़ से बचने को गिरफ्तारी का अंदेशा
हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार टाइगर गैंग के सरगना हेमू चौधरी की गिरफ्तारी के लिए जनपद पुलिस प्रयासरत थी। अब तक पांच लोग पकड़े गए। मगर हेमू अचानक से राजस्थान की जेल चला गया। इसे लेकर अंदेशा है कि वह शिवा के मुठभेड़ में पकड़े जाने के बाद कहीं इसी डर से तो इस तरह सुनियोजित तरीके से जेल तो नहीं चला गया।

जमीन हड़पने व वर्चस्व के लिए मारा चाचा को:सुमित
इस हत्या के बाद मृत प्रॉपर्टी डीलर के भतीजे सुमित चौधरी ने शुक्रवार को पहली बार मीडिया के सामने अपनी बात रखी। सुमित ने कहा कि चाचा द्वारा दिनेश की 7 लाख की बेईमानी की बात सरसर गलत है। 10 - 20 लाख तो उसके चाचा ने दिनेश को जमीन में दे रखे थे। चुनावों से पहले ही ग्राम सभा में 10 लाख रुपये के काम कराए। गरीब कन्याओं की शादी करा दी। ऐसे में सात लाख का आरोप निराधार है। बल्कि करोड़ों रुपये कीमत की संपत्ति को कब्जाने व प्रापर्टी कारोबार में वर्चस्व के लिए दिनेश व हेमू ने एक होकर हत्या की है। हाल में कुछ जमीन ऐसी भी खरीदी हैं, जो दिनेश के नाम हैं। दिनेश ने ही हेमू को प्रापर्टी व्यापार में शामिल किया था। दूसरा हेमू के अंदर डॉन बनाने की ख्वाहिश रहती थी। वह कहता था कि एक दिन गांव कोंडरा को उसके नाम से जाना जाएगा।

सोनू से 1 लाख लेकर हेमू गया था उज्जैन

सुमित के अनुसार हेमू के पिता और ताऊ सरिया फैक्टरी में उनके ट्रैक्टर चलाते थे। चाचा सोनू ने हमेशा हेमू की मदद की। जब जरूरत होती हेमू रुपये ले जाता था। घटना से 5 दिन पहले 19 जुलाई की रात करीब साढ़े 9 बजे हेमू कार से उनके घर आया और चाचा से उज्जैन जाने की कहकर एक लाख रुपये उधार ले गया। ये पता नहीं था कि हेमू आस्तीन का सांप निकलेगा। इसके बाद जब हत्या के अगले दिन उसकी इंस्टा आईडी बंद हुई। तब उस पर शक गहराया था। उससे पहले तक हर दिन का अपडेट डाल रहा था। इन सभी बातों को पुलिस के साथ साझा किया।

नामजद को छोड़ने पर हैरत
इधर, सुमित ने हत्या में नामजद मेघराज को 7 अगस्त को छोडऩे पर चिंता जताई है। इस मामले में सीओ से भी शिकायत की गई है। विपक्षियों की संलिप्तता के साक्ष्यों को पुलिस ने कैसे नकार दिया। न इस बारे मे उनके परिवार को पुलिस ने कोई जानकारी दी। हालांकि सीओ राजीव द्विवेदी का यही कहना है कि अभी जांच चल रही है।

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