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अनुसूचित ग्रामीण पर हमले में तीन को उम्रकैद
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खैर क्षेत्र के गांव रसूलपुर में जमीनी रंजिश में अनुसूचित ग्रामीण पर हमला और गोली मारने की घटना में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे एससीएसटी एक्ट विशेष न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार अग्रवाल की अदालत ने सुनाया है।
विशेष लोक अभियोजक चमन प्रकाश शर्मा एडवोकेट के अनुसार वाकया 28 सितंबर 2003 का है, जब गांव का अनुसूचित जाति का महेंद्र सिंह, अपनी पत्नी व मां के साथ सुबह खेतों पर गया था। तभी देखा कि पड़ोसी आरोपी उसकी मेंड़ काट रहे हैं। चूंकि पहले से उनसे विवाद चल रहा था, इसलिए महेंद्र पक्ष ने मेंड़ काटने पर ऐतराज जताया।
इस पर आरोपियों पर हमला बोल दिया और मारपीट करते हुए तमंचे से गोली मारी। इस हमले में महेंद्र जख्मी हुआ, जिसका काफी समय तक इलाज चला। मामले में पुलिस स्तर से मुकदमा दर्ज न किए जाने पर न्यायालय में महेंद्र की पत्नी मीना की ओर से अर्जी दायर की गई।
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कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। मगर उसमें भी पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी। बाद में न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट पर आपत्ति लगाई गई, जिस पर आरोपियों को तलब किया गया। मामले में न्यायालय में सुनवाई के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीन आरोपी दिनेश, रोशनलाल व चरन सिंह को हमला, साजिश व एससीएसटी का दोषी करार देते हुए तीनों को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये से दंडित किया है। साथ में जुर्माने में से 40 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
हत्या व अन्य आरोपों में जमानत खारिज
एडीजे प्रथम शाहिद रजा के न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज की गई हैं। एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार टप्पल के गांव ऊटासानी के सत्यपाल शर्मा की हत्या में जमानत खारिज की गई है। वहीं फर्जी कॉल सेंटर मामले में हाथरस के नाई नगला निवासी अंसार व अरमान की व एक अन्य धोखाधड़ी में चंडौस के राहुज रंजन की जमानत खारिज की गई है।
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विशेष लोक अभियोजक चमन प्रकाश शर्मा एडवोकेट के अनुसार वाकया 28 सितंबर 2003 का है, जब गांव का अनुसूचित जाति का महेंद्र सिंह, अपनी पत्नी व मां के साथ सुबह खेतों पर गया था। तभी देखा कि पड़ोसी आरोपी उसकी मेंड़ काट रहे हैं। चूंकि पहले से उनसे विवाद चल रहा था, इसलिए महेंद्र पक्ष ने मेंड़ काटने पर ऐतराज जताया।
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इस पर आरोपियों पर हमला बोल दिया और मारपीट करते हुए तमंचे से गोली मारी। इस हमले में महेंद्र जख्मी हुआ, जिसका काफी समय तक इलाज चला। मामले में पुलिस स्तर से मुकदमा दर्ज न किए जाने पर न्यायालय में महेंद्र की पत्नी मीना की ओर से अर्जी दायर की गई।
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कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। मगर उसमें भी पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी। बाद में न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट पर आपत्ति लगाई गई, जिस पर आरोपियों को तलब किया गया। मामले में न्यायालय में सुनवाई के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीन आरोपी दिनेश, रोशनलाल व चरन सिंह को हमला, साजिश व एससीएसटी का दोषी करार देते हुए तीनों को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये से दंडित किया है। साथ में जुर्माने में से 40 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
हत्या व अन्य आरोपों में जमानत खारिज
एडीजे प्रथम शाहिद रजा के न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज की गई हैं। एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार टप्पल के गांव ऊटासानी के सत्यपाल शर्मा की हत्या में जमानत खारिज की गई है। वहीं फर्जी कॉल सेंटर मामले में हाथरस के नाई नगला निवासी अंसार व अरमान की व एक अन्य धोखाधड़ी में चंडौस के राहुज रंजन की जमानत खारिज की गई है।