Aligarh: निवेशक-किसान से धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, 60 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति हो चुकी है कुर्क
ग्रेटर नोएडा निवासी अजीत कुमार रमण, गौतमबुद्ध नगर निवासी श्रवण कुमार और प्रवीन कुमार पटेल को गिरफ्तार किया गया है । तीनों आरोपियों पर थाना टप्पल में आधा दर्जन से अधिक धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं।
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अलीगढ़ की टप्पल पुलिस ने निवेशकों और किसानों से धोखाधड़ी करने के तीन आरोपियों को प्रतापगढ़ के कस्बा कुंडा से गिरफ्तारी किया है। पुलिस ने आरोपियों की 60 करोड़ 89 लाख 49 हजार एक सौ 95 रुपये की 40,596.613 वर्गमीटर भूमि को कुर्क किया जा चुका है।
पुलिस ने ग्रेटर नोएडा निवासी अजीत कुमार रमण, गौतमबुद्ध नगर निवासी श्रवण कुमार और प्रवीन कुमार पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों पर थाना टप्पल में आधा दर्जन से अधिक धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं।
तीन आरोपी हुए गिरफ्तार
- अजीत कुमार रमण पुत्र लक्ष्मी नारायण मंडल उम्र 45 वर्ष निवासी खसरा न0 51 गांव यूसुफपुर चक सबेरी साई उपवा सोसाइटी के पास पुराना हैबदपुर ग्रेटर नोएडा (गैंग लीडर)
- श्रवण कुमार पुत्र चौधरी राय उम्र 47 वर्ष निवासी एफ 53ए 11 धर्म कांपलेक्स मेमोरियल विद्यालय विशनपुर नोएडा जनपद गौतमबुद्धनगर (गैंग सदस्य)
- प्रवीन कुमार पटेल पुत्र हरिहर पटेल उम्र 45 वर्ष निवासी 110ए दुर्गापुर नजदीक साई मन्दिर शान्ति विहार चिपयाना खुर्द तिगरी जनपद गौतमबुद्धनगर (गैंग सदस्य)
यूपी और आस-पास के राज्यों के निवेशकों को ऐसे ठगा
गैंग के सदस्यों ने यूपी व आस–पास के राज्यों के निवेशकों को गलत नक्शा में प्लाट दिखाकर उनसे एग्रीमेन्ट करके पैसा इकट्ठा कर लिया, जब निवेशक प्लाट पर कब्जा लेने गए तो न मौके पर कोई प्लाट मिला और न ही कोई जमीन मिली। जमीन पर किसान खेती कर रहे थे। निवेशकों की शिकायत पर जेएसएम कंपनी के खिलाफ 2023 में थाना टप्पल में मुकदमा लिखा गया।
यमुना एक्सप्रेस वे-औद्योगिक विकास प्राधिकरण के साथ धोखाधड़ी
जेएसएम कंपनी व उसके मालिकों ने यमुना एक्सप्रेस वे के निकट ग्राम गौरोला के किसानों की जमीन को अपनी जमीन दिखाते हुये बिना यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की अनुमति के अवैध तरीके से प्लॉटिंग कर यूपी व आस–पास के राज्यों के निवेशकों को बेच दिए गए। जब निवेशक मौके पर कब्जा लेने पहुंचे तो किसानों ने बताया कि जेएसएम कंपनी की कोई जमीन वहां नहीं है। न ही उन नंबरों पर कोई कालोनी काटी गई। जो नक्शा कंपनी ने दिखाया, उसमें किसान खेती करते मिले।
किसानों के साथ धोखाधड़ी
जेएसएम कंपनी व उसके मालिकों ने गौरोला गांव के किसानों के साथ धोखाधड़ी करते हुए अवैध तरीके से जमीन खरीदी । कुछ मामलों में किसानों को उनकी कुल जमीन का रुपया भी नहीं दिया गया। कुछ मामलों में फर्जी बैनामा तैयार करके किसानों से अवैध तरीके से जमीने हड़प ली गई ।
निवेशकों संग धोखाधड़ी
निवेशकों को जमीन दिखाई जाती थी। जमीने कृषि भूमि दर्ज पाई गई। अवैध तरीके से प्लाटिंग कर जमीन को बेच दिया। कई निवेशकों के साथ नान-रजिस्टर्ड एग्रीमेन्ट किया गया। जब जमीन नहीं मिली तो निवेशकों ने पैसा वापस मांगा गया तो निवेशकों को डरा धमकाकर भगा दिया गया।