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जीआरपी ने दबोचा शातिर चोर, जेल भेजा
Fri, 20 Nov 2020 12:57 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Nov 2020 12:57 AM IST
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शहवाज उर्फ गर्रा पुलिस की गिरफ्तर में।
- फोटो : amar ujala
राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बृहस्पतिवार को ट्रेनों में लूट-चोरी करने वाले एक शातिर चोर को दबोचकर जेल भेजा। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए। आरोपी से पूछताछ में पता लगा कि उसकी चोरी-लूट की वारदातों को अंजाम देने की हरकतों के चलते परिवार वालों ने उसे बेदखल कर रखा है।
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जीआरपी इंस्पेक्टर यशपाल सिंह तोमर ने बताया कि वैशाली एक्सप्रेस में सवार दिल्ली के एक यात्री से अगस्त माह में मोबाइल चोरी की घटना हुई थी। उक्त घटना में मुकदमा दर्ज करते हुए चोर की तलाश की जा रही थी। बुधवार दोपहर को मुखबिर से सूचना मिली की मोबाइल चोरी करने वाला शातिर मीनाक्षी पुल के पास है। इस पर टीम ने जाकर उसे मौके से दबोच लिया।
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पूछताछ में उसकी पहचान शहवाज उर्फ गर्रा पुत्र शकील निवासी जंगलगढ़ी मौमीन मस्जिद वाली गली, देहलीगेट के तौर पर हुई। उसके पास से चोरी के दो मोबाइल भी बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि पिता ने उसकी आपराधिक हरकतों के चलते घर से बेदखल कर दिया है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। उसे गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई राजेंद्र कुमार, कांस्टेबल हेमंत कुमार, मो. असलम, धर्मेंद्र सिंह शामिल रहे।
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रेल ई-टिकट की कालाबाजारी करने वाले दलाल को भेजा जेल
रेलवे सुरक्षा बल की टीम द्वारा बुधवार को अतरौली के बड़ा बाजार से पकड़ा गया रेल ई-टिकट बनाने वाला दलाल बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया गया। उसके पास से मिले 12 लाख रुपये की ई-टिकट ब्योरे, पांच अग्रिम यात्रा की ई-टिकट, लैपटॉप, मोबाइल आदि को लेकर जांच जारी है।
आरपीएफ पोस्ट कमांडर चमन सिंह तोमर ने बताया कि आरोपी ई-टिकट दलाल रविंद्र जीत सिंह उर्फ मौनी पुत्र हरजीत सिंह छाबड़ा निवासी मोहल्ला गांधी गली, अतरौली संत फोटो स्टेट के नाम से साइबर कैफे चला रहा था। इसकी आड़ में वह पर्सनल आईडी से रेल ई-टिकट बनाने का खेल कर रहा था।
दलाल के पास से पांच अग्रिम यात्रा की टिकट व 12 लाख रुपये की टिकट बिक्री का ब्योरा मिला है। दो साल से वह इस काम को कर रहा था। साथ ही उसके पास से आईआरसीटीसी की एक अधिकृत आईडी भी मिली है। पूछताछ में पता लगा है कि वह एक ई-टिकट बनाने के नाम पर ग्राहक से 100 से 150 रुपये की कमीशन लेता था।