{"_id":"68e2d724ffb4c0faf20a7711","slug":"there-was-a-commotion-during-the-cremation-of-the-body-aligarh-news-c-64-1-sali1007-102174-2025-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: शव के दाह संस्कार कराने के समय हुआ हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: शव के दाह संस्कार कराने के समय हुआ हंगामा
विज्ञापन
कस्बे के मढ़ैया निवासी चंद्रपाल सिंह (48) की दो अक्तूबर को नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शनिवार रात उनका शव मुरसान पहुंचा। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया था, जिसके बाद देर रात तक हंगामा होता रहा।
मुरसान नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष गिर्राज किशोर शर्मा और रजनीश कुशवाहा ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। जिसके बाद शव का दाह संस्कार किया गया। भोले पुत्र जमुना प्रसाद ने बताया कि उनके चाचा चंद्रपाल को 21 सितंबर को पास के रहने वाले करीब 10 लोग जबरन नेपाल के एक मेले में ले गए थे। भोले का आरोप है कि दो अक्तूबर की शाम करीब पांच बजे चंद्रपाल सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, लेकिन उनके साथियों ने इस बात की जानकारी परिवार को नहीं दी। परिवार को इसकी सूचना किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से रात नौ बजे मिली। चाचा चंद्रपाल नवरात्र के दौरान नेपाल के देड़मधुरा जिले में लगने वाले मेले में हलवाई का काम कर रहे थे।
तीन अक्तूबर को नेपाल की स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और चंद्रपाल के साथ गए सभी लोगों को वहीं रोक लिया। तीन अक्तूबर को ये लोग चुपके से शव को लेकर मुरसान आ रहे थे, लेकिन नेपाल बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया और शव को अस्पताल भेज दिया। शनिवार सुबह शव को नेपाल से एंबुलेंस से मुरसान भेजा गया था। कोतवाली प्रभारी ममता सिंह ने कहा है कि घटनाक्रम नेपाल का है, इसलिए इससे संबंधित कार्रवाई वहीं पर होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुरसान नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष गिर्राज किशोर शर्मा और रजनीश कुशवाहा ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। जिसके बाद शव का दाह संस्कार किया गया। भोले पुत्र जमुना प्रसाद ने बताया कि उनके चाचा चंद्रपाल को 21 सितंबर को पास के रहने वाले करीब 10 लोग जबरन नेपाल के एक मेले में ले गए थे। भोले का आरोप है कि दो अक्तूबर की शाम करीब पांच बजे चंद्रपाल सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, लेकिन उनके साथियों ने इस बात की जानकारी परिवार को नहीं दी। परिवार को इसकी सूचना किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से रात नौ बजे मिली। चाचा चंद्रपाल नवरात्र के दौरान नेपाल के देड़मधुरा जिले में लगने वाले मेले में हलवाई का काम कर रहे थे।
विज्ञापन
तीन अक्तूबर को नेपाल की स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और चंद्रपाल के साथ गए सभी लोगों को वहीं रोक लिया। तीन अक्तूबर को ये लोग चुपके से शव को लेकर मुरसान आ रहे थे, लेकिन नेपाल बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया और शव को अस्पताल भेज दिया। शनिवार सुबह शव को नेपाल से एंबुलेंस से मुरसान भेजा गया था। कोतवाली प्रभारी ममता सिंह ने कहा है कि घटनाक्रम नेपाल का है, इसलिए इससे संबंधित कार्रवाई वहीं पर होगी।
विज्ञापन