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Aligarh News: इनामी शाका पुलिस को तीसरी बार चकमा देकर भागा
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50 हजार का इनामी बदमाश शाका सोमवार को एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर आंखों के सामने से पिस्टल लेकर फरार हो गया। हद तो तब हो गई, जबकि शाका के गुर्गे ने अकेले ही गाड़ी के सामने खड़ा होकर पुलिस टीम को रोक दिया और वह हाथ मलती रह गई। यह तीसरा मौका है जब शाका पुलिस को खुली चुनौती देते हुए भाग निकला है, जिसमें दो बार मुठभेड़ हुई है और एक सिपाही घायल भी हुआ है।
थाना पुलिस के मुताबिक सोमवार को दोपहर करीब 13:37 बजे टप्पल थाना पुलिस जररौली बाईपास पर वाहन चेकिंग कर रही थी। शाम चार बजे करीब पुलिस को बंबे की तरफ मुख्य रोड से करीब 400 मीटर दूर एक खाली प्लॉट पर एक व्यक्ति बाइक पर बैठा और दूसरा खड़ा होकर बात करते हुए दिखाई दिए।
पुलिस को अपनी तरफ आते देखकर बाइक सवार संदिग्ध व्यक्ति भाग निकला। पुलिस ने वहां खड़े संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया, पूछताछ में उसने अपना नाम सचिन कुमार (35) पुत्र विनय कुमार, निवासी बुलाकीपुर प्रेमपुर, थाना पिसावा बताया।
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पुलिस की गाड़ी के आगे खड़ा हो गया गुर्गा
पुलिस ने सचिन से सख्ती से भागने वाले के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह ओमप्रकाश उर्फ शाका था, जिसे पुलिस ढूंढ़ रही है। इस पर पुलिस जैसे ही शाका का पीछा करने के लिए आगे बढ़ी, सचिन पुलिस की गाड़ी के आगे खड़ा हो गया और पुलिस गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया। इतनी देर में शाका पुलिस की पकड़ से काफी दूर निकल चुका था।
जमानत की बात करने और पिस्टल-कारतूस लेने आया था
पुलिस ने मौके से भागे सचिन को दोबारा दबिश देकर पकड़ा, उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर 8 एमएम के 2 जिंदा कारतूस, 9 एमएम का एक जिंदा कारतूस और 1070 रुपये बरामद हुए। पूछताछ में सचिन ने बताया कि वह ओमप्रकाश उर्फ शाका का साथी है, शाका उससे अपनी जमानत के बारे में बात करने और पिस्टल-कारतूस लेने आया था। सचिन ने शाका को पिस्टल दे दी थी और जैसे ही वह उसे कारतूस दे रहा था, पुलिस को देखकर शाका भाग गया, लेकिन कारतूस सचिन के पास ही रह गए। टप्पल थाना पुलिस ने शाका के साथी सचिन कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सरकारी कार्य में बाधा डालने और अवैध कारतूस रखने के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी है।
टप्पल पुलिस की हो रही है किरकिरी
सोमवार को थाना टप्पल की पुलिस ने शाका को पकड़ने का प्रयास किया उसमें दो दरोगा अनिल कुमार, शुकन सोम, कांस्टेबल गौरव और सन्नी साथ थे लेकिन शाका को मौके से भागा ही एक साथी सचिन पर भी पूरी तरह से काबू नहीं पा सके। ज्ञात रहे जलालपुर निवासी शाका जानलेवा हमले, पुलिस पर गोली चलाने, जिसमें सिपाही देव दीक्षित के घायल होने के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर है, पुलिस ने उसके ऊपर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया हुआ है। लेकिन पकड़ में नहीं आने से टप्पल पुलिस की खासी किरकिरी हो रही है।
वांछित ओमप्रकाश उर्फ शाका को पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई हैं। सोमवार को उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की गई थी लेकिन वह बच निकला, उसका साथी गिरफ्तार कर लिया गया है।-अमृत जैन, एसपी देहात
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थाना पुलिस के मुताबिक सोमवार को दोपहर करीब 13:37 बजे टप्पल थाना पुलिस जररौली बाईपास पर वाहन चेकिंग कर रही थी। शाम चार बजे करीब पुलिस को बंबे की तरफ मुख्य रोड से करीब 400 मीटर दूर एक खाली प्लॉट पर एक व्यक्ति बाइक पर बैठा और दूसरा खड़ा होकर बात करते हुए दिखाई दिए।
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पुलिस को अपनी तरफ आते देखकर बाइक सवार संदिग्ध व्यक्ति भाग निकला। पुलिस ने वहां खड़े संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया, पूछताछ में उसने अपना नाम सचिन कुमार (35) पुत्र विनय कुमार, निवासी बुलाकीपुर प्रेमपुर, थाना पिसावा बताया।
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पुलिस की गाड़ी के आगे खड़ा हो गया गुर्गा
पुलिस ने सचिन से सख्ती से भागने वाले के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह ओमप्रकाश उर्फ शाका था, जिसे पुलिस ढूंढ़ रही है। इस पर पुलिस जैसे ही शाका का पीछा करने के लिए आगे बढ़ी, सचिन पुलिस की गाड़ी के आगे खड़ा हो गया और पुलिस गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया। इतनी देर में शाका पुलिस की पकड़ से काफी दूर निकल चुका था।
जमानत की बात करने और पिस्टल-कारतूस लेने आया था
पुलिस ने मौके से भागे सचिन को दोबारा दबिश देकर पकड़ा, उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर 8 एमएम के 2 जिंदा कारतूस, 9 एमएम का एक जिंदा कारतूस और 1070 रुपये बरामद हुए। पूछताछ में सचिन ने बताया कि वह ओमप्रकाश उर्फ शाका का साथी है, शाका उससे अपनी जमानत के बारे में बात करने और पिस्टल-कारतूस लेने आया था। सचिन ने शाका को पिस्टल दे दी थी और जैसे ही वह उसे कारतूस दे रहा था, पुलिस को देखकर शाका भाग गया, लेकिन कारतूस सचिन के पास ही रह गए। टप्पल थाना पुलिस ने शाका के साथी सचिन कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सरकारी कार्य में बाधा डालने और अवैध कारतूस रखने के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी है।
टप्पल पुलिस की हो रही है किरकिरी
सोमवार को थाना टप्पल की पुलिस ने शाका को पकड़ने का प्रयास किया उसमें दो दरोगा अनिल कुमार, शुकन सोम, कांस्टेबल गौरव और सन्नी साथ थे लेकिन शाका को मौके से भागा ही एक साथी सचिन पर भी पूरी तरह से काबू नहीं पा सके। ज्ञात रहे जलालपुर निवासी शाका जानलेवा हमले, पुलिस पर गोली चलाने, जिसमें सिपाही देव दीक्षित के घायल होने के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर है, पुलिस ने उसके ऊपर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया हुआ है। लेकिन पकड़ में नहीं आने से टप्पल पुलिस की खासी किरकिरी हो रही है।
वांछित ओमप्रकाश उर्फ शाका को पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई हैं। सोमवार को उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की गई थी लेकिन वह बच निकला, उसका साथी गिरफ्तार कर लिया गया है।-अमृत जैन, एसपी देहात