{"_id":"57e4436d4f1c1b5e63a827e8","slug":"the-two-hour-rain-disturbed-situation-of-waterlogging","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो घंटे की बारिश... शहर में जलभराव से बिगड़े हालात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो घंटे की बारिश... शहर में जलभराव से बिगड़े हालात
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Sep 2016 02:22 AM IST
विज्ञापन
दो घंटे की बारिश... शहर में जलभराव से बिगड़े हालात
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभी तक देहात के इलाकों में कहर बरपा रहा चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया बुखार आदि अब शहर की घनी आबादी वाले इलाकों तक फैल गया है। मोहल्ला छिपैटी में दो लोगों को डेंगू संभावित मरीजों की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा गांधी पार्क बस स्टैंड के चौकी इंचार्ज राजेश यादव को भी चिकनगुनिया हो गया है।
वह सारसौल इलाके में रहते हैं। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला मलेरिया विभाग की टीम वहां पहुंचेगी। दूसरी ओर डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर मलखान सिंह जिला अस्पताल में स्थिति बेहद खराब है।
शासन और प्रशासन के फरमानों को नजर अंदाज कर मलखान सिंह जिला अस्पताल में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया से निपटने की व्यवस्थाएं नहीं दिखाई दे रही हैं। गुरुवार को छर्रा के गांव बिहारीपुर से आए महेश सिंह को इमरजेंसी के बाहर ही जमीन पर लेटा दिया।
विज्ञापन
महेश सिंह ने बताया कि वह 12 दिन से बुखार से पीड़ित है। इसके अलावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डेंगू और चिकनगुनिया के लिए बनाई गई हेल्प डेस्क में स्टाफ नहीं रहता है। इसके चलते मरीज यहां पर परमर्श के लिए भटकते रहते हैं।
विज्ञापन
वह सारसौल इलाके में रहते हैं। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला मलेरिया विभाग की टीम वहां पहुंचेगी। दूसरी ओर डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर मलखान सिंह जिला अस्पताल में स्थिति बेहद खराब है।
विज्ञापन
शासन और प्रशासन के फरमानों को नजर अंदाज कर मलखान सिंह जिला अस्पताल में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया से निपटने की व्यवस्थाएं नहीं दिखाई दे रही हैं। गुरुवार को छर्रा के गांव बिहारीपुर से आए महेश सिंह को इमरजेंसी के बाहर ही जमीन पर लेटा दिया।
विज्ञापन
महेश सिंह ने बताया कि वह 12 दिन से बुखार से पीड़ित है। इसके अलावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डेंगू और चिकनगुनिया के लिए बनाई गई हेल्प डेस्क में स्टाफ नहीं रहता है। इसके चलते मरीज यहां पर परमर्श के लिए भटकते रहते हैं।