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मेडिकल से लेकर दी पोस्टमार्टम तक की टिप्स
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Sat, 06 Feb 2016 01:41 AM IST
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रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के अंतर्गत शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में लैंगिक उत्पीड़न एवं एसिड अटैक के पीड़ितों के मेडिकोलीगल परीक्षण एवं उपचार विषय पर कार्यशाला में दूसरे दिन आगरा और अलीगढ़ मंडल के चिकित्साधिकारियों को मेडिकोलीगल की विधियां डेमो के जरिए सिखाई गईं।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के निदेशक डॉ. एसबी उपाध्याय, संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. एचके अग्रवाल, उप निदेशक एवं मेडिकोलीगल विशेषज्ञ डॉ. गयासुद्दीन खान ने महिला और पुरुष की डमी के जरिए बताया कि मेडिको लीगल एग्जामिनेशन क्या-क्या ध्यान रखने जरूरत है।
कैसे बेहतर साक्ष्य एकत्रित करें। सेंपल की क्वालिटी पर ध्यान दें न कि क्वांटिटी पर। बताया गया कि सही तरीके से दो मिली लीटर खून का नमूना भी अपराधी को सजा दिलाने के लिए काफी है। केस में प्रभावी सेंपल लेना ही न्याय का आधार बनता है। डाक्टर अपनी ओपीनीयन खुलकर दें ताकि कोई ऊहापोह की स्थिति न बने।
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ट्रेनिंग के कोआर्डिनेटर सुधीर कुमार राय ने बताया कि ट्रेनिंग के अंतिम सत्र में महिला कल्याण विभाग द्वारा यूनीसेफ के सहयोग से प्रतिभागियों को ट्रेनिंग के लिए मेडिकल किट प्रदान की। इससे वह अपने जनपद के बाकी चिकित्साधिकारियों को ट्रेनिंग दे सकेंगे। प्रशिक्षण से 90 डाक्टर और पुलिस के 15 नोडल आफिसर लाभांवित हुए। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी बांटे गए। जिला प्रोवेशन अधिकारी कुलदीप कुमार चंदेल कार्यक्रम के आयोजन में लगे रहे।
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विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के निदेशक डॉ. एसबी उपाध्याय, संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. एचके अग्रवाल, उप निदेशक एवं मेडिकोलीगल विशेषज्ञ डॉ. गयासुद्दीन खान ने महिला और पुरुष की डमी के जरिए बताया कि मेडिको लीगल एग्जामिनेशन क्या-क्या ध्यान रखने जरूरत है।
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कैसे बेहतर साक्ष्य एकत्रित करें। सेंपल की क्वालिटी पर ध्यान दें न कि क्वांटिटी पर। बताया गया कि सही तरीके से दो मिली लीटर खून का नमूना भी अपराधी को सजा दिलाने के लिए काफी है। केस में प्रभावी सेंपल लेना ही न्याय का आधार बनता है। डाक्टर अपनी ओपीनीयन खुलकर दें ताकि कोई ऊहापोह की स्थिति न बने।
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ट्रेनिंग के कोआर्डिनेटर सुधीर कुमार राय ने बताया कि ट्रेनिंग के अंतिम सत्र में महिला कल्याण विभाग द्वारा यूनीसेफ के सहयोग से प्रतिभागियों को ट्रेनिंग के लिए मेडिकल किट प्रदान की। इससे वह अपने जनपद के बाकी चिकित्साधिकारियों को ट्रेनिंग दे सकेंगे। प्रशिक्षण से 90 डाक्टर और पुलिस के 15 नोडल आफिसर लाभांवित हुए। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी बांटे गए। जिला प्रोवेशन अधिकारी कुलदीप कुमार चंदेल कार्यक्रम के आयोजन में लगे रहे।