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अलीगढ़ : लूट के बाद आपस में भिड़े लुटेरे, साथी को गोली मार सरगना फरार
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महानगर के क्वार्सी क्षेत्र के सुरेंद्र नगर तिराहा पर टिर्री पार्ट्स गोदाम में हुई 1.32 लाख की लूट के राज से पर्दा उठ गया है। इस लूट को किसी और ने नहीं, बल्कि गोदाम संचालक के ड्राइवर ने ही अंजाम दिलाया था। खास बात है कि लूट के बाद भागते साथियों में बंटवारे को लेकर विवाद हुआ और सरगना अपने साथी को गोली मार लूट की रकम लेकर भाग गया। जब पुलिस ने इस हमले की जांच शुरू की तो लूट के राज तक पहुंच गई। फिलहाल, दो लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि तीसरा घायल मेडिकल में भरती है। सरगना अभी फरार है।
हुआ यूं कि शनिवार रात टिर्री पार्ट्स गोदाम में लूट के चंद घंटे बाद रोरावर के शाहजमाल क्षेत्र से युवक को गोली मारने की सूचना मिली। कंट्रोल रूम की सूचना के आधार पर घायल नदीम को जेएन मेडिकल कालेज भेज दिया गया। कुछ देर बाद इसी इलाके का अहमद नाम का व्यक्ति अज्ञात के खिलाफ रोरावर थाने तहरीर लेकर पहुंचा, जिसमें कहा कि बौनेर से घर जाते समय अज्ञात बाइक सवार गोली मारकर भाग गए। इसके बाद रोरावर पुलिस जब घायल का बयान लेने पहुंची तो उसने घटना मीनाक्षी पुल के पास होना बताया। इस तरह दो तरह के बयान होने और घटना क्वार्सी क्षेत्र में होना बताने पर कुछ संदेह हुआ। फिर तहरीर लेकर आए व्यक्ति से सख्ती से पूछताछ हुई तो वह मीनाक्षी पुल वाले घटनास्थल को पुलिस को दिखाने को तैयार हो गया।
इसी बीच पुलिस ने तहरीर देने वाले अहमद की पहचान टिर्री पार्ट्स संचालक गोदाम से कराई तो उसने स्वीकारा कि यह उसका ड्राइवर है। बस यहीं से घटना की कड़ी खुलती चली गईं। अहमद ने पूछताछ में सच उगल दिया। बताया कि उसने अपने साथी गुलफाम, नदीम और असरफ संग इस लूट को अंजाम दिया है। घटना के समय एक व्यक्ति सुरेंद्र नगर तिराहे पर था। एक बाइक पर, एक अंदर और एक गोदाम की गैलरी में रहा। वे लूट करके दो बाइकों पर जा रहे थे। उन्हें अंदाजा था कि बमुश्किल 20-25 हजार रुपये मिलेंगे। मगर बैग में 1.32 लाख होने पर उनके सरगना असरफ की नीयत बिगड़ गई और विवाद में उसने नदीम को गोली मार दी। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार इंस्पेक्टर क्वार्सी की टीम ने अहमद व गुलफाम को दबोच लिया है। नदीम घायल हालत में मेडिकल में है। इनसे बाइक व 4400 रुपये भी मिले हैं। बाकी असरफ की तलाश है।
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यहां से पहले लूटा डिस्टलरी अधिकारी
सीओ के अनुसार इन दोनों ने इस घटना से पहले रामघाट रोड गंदा नाला के पास डिस्टलरी अधिकारी चंद्रकांत त्यागी को भी लूटा था। उन्होंने इस लूट को भी स्वीकारते हुए बताया है कि वे इस लूट को अंजाम देने जाने से पहले रामघाट रोड पर घूम रहे थे। तभी इस वारदात को भी अंजाम दिया था।
गोली मारकर पहले मौसी के घर ले गए, फिर किया फोन
नदीम को गोली लगने के बाद उसके साथी उसे पहले उसकी मौसी के घर शाहजमाल ले गए। जहां कुछ देर बिस्तर पर रखने के बाद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया। जब वहां एंबुलेंस की मदद से उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे।
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हुआ यूं कि शनिवार रात टिर्री पार्ट्स गोदाम में लूट के चंद घंटे बाद रोरावर के शाहजमाल क्षेत्र से युवक को गोली मारने की सूचना मिली। कंट्रोल रूम की सूचना के आधार पर घायल नदीम को जेएन मेडिकल कालेज भेज दिया गया। कुछ देर बाद इसी इलाके का अहमद नाम का व्यक्ति अज्ञात के खिलाफ रोरावर थाने तहरीर लेकर पहुंचा, जिसमें कहा कि बौनेर से घर जाते समय अज्ञात बाइक सवार गोली मारकर भाग गए। इसके बाद रोरावर पुलिस जब घायल का बयान लेने पहुंची तो उसने घटना मीनाक्षी पुल के पास होना बताया। इस तरह दो तरह के बयान होने और घटना क्वार्सी क्षेत्र में होना बताने पर कुछ संदेह हुआ। फिर तहरीर लेकर आए व्यक्ति से सख्ती से पूछताछ हुई तो वह मीनाक्षी पुल वाले घटनास्थल को पुलिस को दिखाने को तैयार हो गया।
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इसी बीच पुलिस ने तहरीर देने वाले अहमद की पहचान टिर्री पार्ट्स संचालक गोदाम से कराई तो उसने स्वीकारा कि यह उसका ड्राइवर है। बस यहीं से घटना की कड़ी खुलती चली गईं। अहमद ने पूछताछ में सच उगल दिया। बताया कि उसने अपने साथी गुलफाम, नदीम और असरफ संग इस लूट को अंजाम दिया है। घटना के समय एक व्यक्ति सुरेंद्र नगर तिराहे पर था। एक बाइक पर, एक अंदर और एक गोदाम की गैलरी में रहा। वे लूट करके दो बाइकों पर जा रहे थे। उन्हें अंदाजा था कि बमुश्किल 20-25 हजार रुपये मिलेंगे। मगर बैग में 1.32 लाख होने पर उनके सरगना असरफ की नीयत बिगड़ गई और विवाद में उसने नदीम को गोली मार दी। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार इंस्पेक्टर क्वार्सी की टीम ने अहमद व गुलफाम को दबोच लिया है। नदीम घायल हालत में मेडिकल में है। इनसे बाइक व 4400 रुपये भी मिले हैं। बाकी असरफ की तलाश है।
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यहां से पहले लूटा डिस्टलरी अधिकारी
सीओ के अनुसार इन दोनों ने इस घटना से पहले रामघाट रोड गंदा नाला के पास डिस्टलरी अधिकारी चंद्रकांत त्यागी को भी लूटा था। उन्होंने इस लूट को भी स्वीकारते हुए बताया है कि वे इस लूट को अंजाम देने जाने से पहले रामघाट रोड पर घूम रहे थे। तभी इस वारदात को भी अंजाम दिया था।
गोली मारकर पहले मौसी के घर ले गए, फिर किया फोन
नदीम को गोली लगने के बाद उसके साथी उसे पहले उसकी मौसी के घर शाहजमाल ले गए। जहां कुछ देर बिस्तर पर रखने के बाद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया। जब वहां एंबुलेंस की मदद से उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे।