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संडे की मस्ती में बिजली बनी विलेन
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Mon, 10 Aug 2015 01:48 AM IST
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कई दिनों से लगातार पटरी से उतर रही बिजली आपूर्ति की व्यस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। रखरखाव और नई लाइनें बिछाने का काम, लोकल फाल्ट और कम हो रही आपूर्ति के चलते स्थानीय स्तर पर हालात सुधरने के नाम नहीं ले रहे हैं। जनता और विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन सबके बीच बिजली ने संडे का मजा किरकिरा ही किया है।
अब रविवार की ही स्थिति लें। रविवार को सामान्यत: यह माना जाता है कि फैक्ट्रियां बंद रहती हैं। लोड कम होता है। इस दिन बिजली संकट से थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम भी उतना गर्म नहीं था। लेकिन रविवार को तड़के सुबह साढ़े पांच से साढ़े छह बजे तक कटौती रही। इसको झेलने में कोई दिक्कत नहीं थी। लेकिन सुबह 11.40 से और दोपहर बाद 2 बजे तक बिजली ने अपनी गैरमौजूदगी दर्ज कराई।
इसके बाद शाम को भी आंख मिचौली का क्रम जारी रहा। रात को भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। बिजली विभाग से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि कोई लोकल फॉल्ट नहीं है। लेकिन इसके बाद भी बिजली की आपूर्ति सुचारू क्यों नहीं है, इसका उनके पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता बीएस गंगवार कहते हैं कि एक तो कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण उत्पादन इकाइयों में सिल्ट आ गई है।
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जिसकी बजह से उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा बाहर से बिजली खरीदने में दिक्कत आ रही है। लेकिन यह बात तय है कि इन स्थितियों से निपटने के लिए काम चल रहा हैा। इनमें एलईएडी लाइटें लगवाने, सोलर प्लांट लगाने और नए सब स्टेशन बनाने का कम शामिल है। यह काम हो गए तो बिजली व्यवस्था काफी हद तक पटरी पर आ जाएगी।
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अब रविवार की ही स्थिति लें। रविवार को सामान्यत: यह माना जाता है कि फैक्ट्रियां बंद रहती हैं। लोड कम होता है। इस दिन बिजली संकट से थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम भी उतना गर्म नहीं था। लेकिन रविवार को तड़के सुबह साढ़े पांच से साढ़े छह बजे तक कटौती रही। इसको झेलने में कोई दिक्कत नहीं थी। लेकिन सुबह 11.40 से और दोपहर बाद 2 बजे तक बिजली ने अपनी गैरमौजूदगी दर्ज कराई।
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इसके बाद शाम को भी आंख मिचौली का क्रम जारी रहा। रात को भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। बिजली विभाग से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि कोई लोकल फॉल्ट नहीं है। लेकिन इसके बाद भी बिजली की आपूर्ति सुचारू क्यों नहीं है, इसका उनके पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता बीएस गंगवार कहते हैं कि एक तो कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण उत्पादन इकाइयों में सिल्ट आ गई है।
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जिसकी बजह से उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा बाहर से बिजली खरीदने में दिक्कत आ रही है। लेकिन यह बात तय है कि इन स्थितियों से निपटने के लिए काम चल रहा हैा। इनमें एलईएडी लाइटें लगवाने, सोलर प्लांट लगाने और नए सब स्टेशन बनाने का कम शामिल है। यह काम हो गए तो बिजली व्यवस्था काफी हद तक पटरी पर आ जाएगी।