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अलीगढ़ : घंटेभर दर्द से कराहते रहे मरीज, नहीं पहुंचे डॉक्टर
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में मरीजों की भीड़।
- फोटो : CITY OFFICE
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से है। दर्द से कराहते मरीज तय वक्त से पहले ओपीडी पहुंच गए, कई तो दर्द से कराह रहे थे। लेकिन उनको देखने के लिए वहां पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं थे। अधिकतर डॉक्टर साढ़े नौ-दस बजे तक ओपीडी में नहीं पहुंचे थे। इसको लेकर मरीजों में नाराजगी भी देखने को मिली।
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में शुक्रवार को 934 नए मरीज उपचार कराने पहुंचे। सुबह आठ बजे पहुंचे मरीज डेढ़ से दो घंटे तक डॉक्टरों के आने का इंतजार करते रहे। एक से 12 नंबर कमरे तक मरीजों की भीड़ लगी थी। सुबह साढ़े नौ बजे तक ओपीडी के निचले तल पर डॉॅ. मुकुल भारद्वाज (जिला सीएनडी क्लीनिक) एवं डॉ. ममता सिंह चौधरी (एमओ) को छोड़कर कोई अन्य डॉक्टर अपने कक्ष में मौजूद नहीं थे। कुछ मरीज तो ओपीडी ब्लाक में कुर्सी पर बैठे थे। लाइन में लगे मरीज डॉक्टरों के इंतजार में जमीन पर बैठे थे। उन्हें भय था कि लाइन से हटने पर उनका नंबर छूट जाएगा।
अधिकतर डॉक्टर ओपीडी के पहले वार्ड में देखते हैं मरीज
अमर उजाला की टीम जब वार्ड में पहुंची तो डॉ. एसके सिंघल मरीजों को देख रहे थे। वार्ड मरीजों से भरा था। दूसरे वार्ड में डॉ. राजेंद्र वार्ष्णेय मरीजों से जानकारी ले रहे थे। बताया कि आज उनकी छुट्टी है। इसलिए ओपीडी में नहीं बैठते, सिर्फ भर्ती मरीजों को देखने आते हैं। डॉ. एसके उपाध्याय एक वार्ड से दूसरे वार्ड में मरीज देखने जा रहे थे। उन्होंने बताया कि आज एक डॉक्टर का अवकाश है। उनके मरीज भी मेरे जिम्मे है। चिकित्सकों ने बताया कि डॉ. अनिरुद्ध माहेश्वरी की ड्यूटी स्वास्थ्य मेले में लगी है।
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सालाना ओपीडी 1.79 लाख और डॉक्टर सिर्फ 17
मरीजों की परेशानी का बड़ा कारण चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सालय में डॉक्टरों के 33 पद है, जिसमें 16 रिक्त हैं। 17 डॉक्टर सेवा दे रहे हैं। ईएनटी के डॉक्टर स्वयं बीमार हैं और अवकाश पर हैं। आईसीयू है लेकिन एनेस्थेटिक का पद रिक्त है। जनरल सर्जन, स्किन, ईएनटी सर्जन नहीं हैं। एक-एक बालरोग विशेषज्ञ एवं रेडियोलॉजिस्ट हैं। अवकाश पर जाने पर सुविधा बाधित होती है।
लैब में जांच के लिए हंगामा
अस्पताल स्थित लैब कर्मी सुबह 11 बजे के बाद जांच के लिए सैंपल नहीं ले रहे थे। कुछ लोग शिकायत करने सीएमएस के पास पहुंच गए। लैब कर्मी का कहना था कि दो बजे तक सैंपल लेंगे तो जांच कर रिपोर्ट कब देंगे। हंगामे के बाद सीएमएस ने लैब कर्मियों को ओपीडी चलने तक सैंपल लेने का निर्देश दिया।
कमर, हाथ और पैर में लगातार दर्द रहता है। 40 रुपये खर्च कर ई-रिक्शा से यहां आई हूं। एक घंटे से डॉक्टर साहब का इंतजार कर रही हूं। - नूरबानो, मरीज, नीवरी मोड़
कान में दर्द है। सहा नहीं जा रहा है। कई बार दिखा चुकी हूं। सांस भी उखड़ती है। डॉक्टर साहब का इंतजार कर रही हूं। - रामलली, मरीज, तुर्कमान गेट, हड्डीगोदाम के पास
घर में गिर गई थी, परिवार के सदस्य इमरजेंसी में लेकर आए। वहां इंजेक्शन लगाकर हड्डी के डॉक्टर के पास भेज दिया गया। बहुत दर्द है। डॉक्टर नहीं आए हैं। - सुशीला देवी, मरीज, इब्राहिमाबाद, हरदुआगंज
शाम को बछड़े ने टक्कर मार दी। पसली में चोट लगी है। बहुत दर्द हो रहा है। डेढ़ घंटे से हड्डी के डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूं। डॉक्टर को हमारी चिंता नहीं है। - मामतराज सिंह, मरीज, सुरेंद्र नगर
चिकित्सकों की कमी की वजह से दिक्कत है। चिकित्सक सुबह वार्ड में राउंड लगाते हैं। उसमें कम से कम एक घंटा लग जाता है। अभी 100 बेड का अस्पताल संचालित हो रहा है और मरीज क्षमता से अधिक हैं। फिर भी ओपीडी में सुबह आठ बजे से चिकित्सक को लगाकर मरीजों की समस्या दूर कराने का प्रयास करेंगे।
- डॉ. अनुपम भास्कर, सीएमएस, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय।
वार्डों की स्थिति
100 बेड के अस्पताल में 123 मरीज भर्ती हैं। इसमें 36 बुखार, 28 डायरिया के मरीज हैं। 14 वर्ष से कम के 20 मरीज हैं, जिसमें 14 डायरिया से पीड़ित हैं।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में शुक्रवार को 934 नए मरीज उपचार कराने पहुंचे। सुबह आठ बजे पहुंचे मरीज डेढ़ से दो घंटे तक डॉक्टरों के आने का इंतजार करते रहे। एक से 12 नंबर कमरे तक मरीजों की भीड़ लगी थी। सुबह साढ़े नौ बजे तक ओपीडी के निचले तल पर डॉॅ. मुकुल भारद्वाज (जिला सीएनडी क्लीनिक) एवं डॉ. ममता सिंह चौधरी (एमओ) को छोड़कर कोई अन्य डॉक्टर अपने कक्ष में मौजूद नहीं थे। कुछ मरीज तो ओपीडी ब्लाक में कुर्सी पर बैठे थे। लाइन में लगे मरीज डॉक्टरों के इंतजार में जमीन पर बैठे थे। उन्हें भय था कि लाइन से हटने पर उनका नंबर छूट जाएगा।
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अधिकतर डॉक्टर ओपीडी के पहले वार्ड में देखते हैं मरीज
अमर उजाला की टीम जब वार्ड में पहुंची तो डॉ. एसके सिंघल मरीजों को देख रहे थे। वार्ड मरीजों से भरा था। दूसरे वार्ड में डॉ. राजेंद्र वार्ष्णेय मरीजों से जानकारी ले रहे थे। बताया कि आज उनकी छुट्टी है। इसलिए ओपीडी में नहीं बैठते, सिर्फ भर्ती मरीजों को देखने आते हैं। डॉ. एसके उपाध्याय एक वार्ड से दूसरे वार्ड में मरीज देखने जा रहे थे। उन्होंने बताया कि आज एक डॉक्टर का अवकाश है। उनके मरीज भी मेरे जिम्मे है। चिकित्सकों ने बताया कि डॉ. अनिरुद्ध माहेश्वरी की ड्यूटी स्वास्थ्य मेले में लगी है।
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सालाना ओपीडी 1.79 लाख और डॉक्टर सिर्फ 17
मरीजों की परेशानी का बड़ा कारण चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सालय में डॉक्टरों के 33 पद है, जिसमें 16 रिक्त हैं। 17 डॉक्टर सेवा दे रहे हैं। ईएनटी के डॉक्टर स्वयं बीमार हैं और अवकाश पर हैं। आईसीयू है लेकिन एनेस्थेटिक का पद रिक्त है। जनरल सर्जन, स्किन, ईएनटी सर्जन नहीं हैं। एक-एक बालरोग विशेषज्ञ एवं रेडियोलॉजिस्ट हैं। अवकाश पर जाने पर सुविधा बाधित होती है।
लैब में जांच के लिए हंगामा
अस्पताल स्थित लैब कर्मी सुबह 11 बजे के बाद जांच के लिए सैंपल नहीं ले रहे थे। कुछ लोग शिकायत करने सीएमएस के पास पहुंच गए। लैब कर्मी का कहना था कि दो बजे तक सैंपल लेंगे तो जांच कर रिपोर्ट कब देंगे। हंगामे के बाद सीएमएस ने लैब कर्मियों को ओपीडी चलने तक सैंपल लेने का निर्देश दिया।
कमर, हाथ और पैर में लगातार दर्द रहता है। 40 रुपये खर्च कर ई-रिक्शा से यहां आई हूं। एक घंटे से डॉक्टर साहब का इंतजार कर रही हूं। - नूरबानो, मरीज, नीवरी मोड़
कान में दर्द है। सहा नहीं जा रहा है। कई बार दिखा चुकी हूं। सांस भी उखड़ती है। डॉक्टर साहब का इंतजार कर रही हूं। - रामलली, मरीज, तुर्कमान गेट, हड्डीगोदाम के पास
घर में गिर गई थी, परिवार के सदस्य इमरजेंसी में लेकर आए। वहां इंजेक्शन लगाकर हड्डी के डॉक्टर के पास भेज दिया गया। बहुत दर्द है। डॉक्टर नहीं आए हैं। - सुशीला देवी, मरीज, इब्राहिमाबाद, हरदुआगंज
शाम को बछड़े ने टक्कर मार दी। पसली में चोट लगी है। बहुत दर्द हो रहा है। डेढ़ घंटे से हड्डी के डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूं। डॉक्टर को हमारी चिंता नहीं है। - मामतराज सिंह, मरीज, सुरेंद्र नगर
चिकित्सकों की कमी की वजह से दिक्कत है। चिकित्सक सुबह वार्ड में राउंड लगाते हैं। उसमें कम से कम एक घंटा लग जाता है। अभी 100 बेड का अस्पताल संचालित हो रहा है और मरीज क्षमता से अधिक हैं। फिर भी ओपीडी में सुबह आठ बजे से चिकित्सक को लगाकर मरीजों की समस्या दूर कराने का प्रयास करेंगे।
- डॉ. अनुपम भास्कर, सीएमएस, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय।
वार्डों की स्थिति
100 बेड के अस्पताल में 123 मरीज भर्ती हैं। इसमें 36 बुखार, 28 डायरिया के मरीज हैं। 14 वर्ष से कम के 20 मरीज हैं, जिसमें 14 डायरिया से पीड़ित हैं।