फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   After all who is tainting the hem of AMU

Aligarh News: आखिर एएमयू के दामन को कौन कर रहा दागदार

Fri, 30 Dec 2022 08:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो इकराम वारिस
इकराम वारिस Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Fri, 30 Dec 2022 08:30 AM IST
सार

एएमयू के एमएम हॉल के प्रोवोस्ट प्रो. मोहम्मद अली जौहर ने छह दिन के बाद शांति की अपील की।  शनिवार की रात एमएम हॉल में गाजीपुर के छात्र बैडमिंटन खेल रहे थे, तभी शोधार्थी कश्मीरी छात्र जिब्रान ने शोरगुल होने के चलते खेल खत्म करने के लिए कहा। इस पर जिब्रान और गाजीपुर के छात्रों के बीच बहस होने लगी और मारपीट हो गई थी।

विज्ञापन
After all who is tainting the hem of AMU
एएमयू - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

‘मैं एएमयू हूं, जो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के नाम से भी जाना जाता हूं। दुनियाभर में मुझे इल्म का मरकज कहा जाता है। यही मेरी शिनाख्त है। इस इदारे में अब इल्म की शमा लौ के बीच दहशत और जुल्म ने बसेरा कर लिया है। आखिर मेरे दामन को दागदार कौन रहा है। इसको भी जानना हर एक के लिए उतना ही जरूरी है, जितना मेरा खैरख्वाह बनना। यह दहशत और जुल्म की दास्तां गुजरे दिनों, महीनों और वर्षों की नहीं है, बल्कि काफी पुरानी है, जब मेरे इदारे में एक छात्र को गोली मारकर कत्ल कर दिया जाता है। मैं गवाह कश्मीरी और गैर कश्मीरी के बीच होने वाली लड़ाई का बनता हूं, तो कभी मेरे ही आंगन में मेरी आंखों के सामने केवल अना की खातिर एक तालिब-ए-इल्म दूसरे पर फायरिंग कर देता है। इन सबको देखकर मेरा दिल रो उठता है। सर सैयद ने मुझे इल्म का मरकज बनाया था, मगर अफसोस हो रहा जो इन दिनों देख रहा हूं। कश्मीरी और गैर कश्मीरी के बीच जो कुछ हुआ, उस पर मुझे अपना दर्द बयां करना पड़ रहा है’।

विज्ञापन


कश्मीरी छात्रों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाकर यूनिवर्सिटी इंतजामिया के भरोसे पर सवालिया निशान लगा दिया है। एएमयू प्रशासन ने कभी हॉल में सर्च ऑपरेशन नहीं चलाया है। तत्कालीन कुलपति लेफ्टिनेंट जमीर उद्दीन शाह के कार्यकाल में सभी हॉल का पुलिस के साथ सर्च ऑपरेशन किया था। इसमें कुछ अवैध हथियार भी मिले थे। हॉल में औसत से ज्यादा छात्रों के रहने की बातें कही जा रही हैं। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि हॉल में जितने छात्रों की क्षमता है, उतने ही रहते हैं, लेकिन कुछ प्रतीक्षा सूची में भी रहते हैं, जो इधर-उधर हॉल में रहते हैं। समय-समय पर जरूरत के हिसाब से हॉल की चेकिंग की जाती है।
विज्ञापन


1400 रुपये हॉस्टल का फीस
हॉस्टल में छात्र को 1400 रुपये फीस देनी पड़ती है। इनमें नाश्ता, दोपहर और रात का खाना शामिल है। एक-दो वक्त नॉनवेज मिलता है। मिठाई का भी इंतजाम है।

पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज

बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस के थानाध्यक्ष ने प्रॉक्टर ऑफिस में सीसीटीवी फुटेज खंगाले। वीडियो फुटेज पुलिस अपने साथ ले गई। एएमयू के शताब्दी गेट पर तमंचा लहराने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। डक पॉन्ड, शताब्दी गेट सहित अन्य वीडियो फुटेज भी लिया गया है।

छह दिन के बाद प्रोवोस्ट ने की शांति की अपील
एएमयू के एमएम हॉल के प्रोवोस्ट प्रो. मोहम्मद अली जौहर ने छह दिन के बाद शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन की पहली प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा है। यह नहीं भूलना चाहिए कि एएमयू ने न केवल अपनी अकादमिक उपलब्धियों के लिए बल्कि अपनी अनूठी परंपराओं और संस्कृति के लिए भी दुनिया भर में ख्याति अर्जित की है। विवि की परंपराओं और संस्कृति को छोटे-छोटे मतभेदों के कारण बर्बाद नहीं होने दें।

कश्मीरी छात्रों ने कहा था कि प्रोवोस्ट को शिकायत करने के बाद उसका हल नहीं निकालते थे। शनिवार की रात एमएम हॉल में गाजीपुर के छात्र बैडमिंटन खेल रहे थे, तभी शोधार्थी कश्मीरी छात्र जिब्रान ने शोरगुल होने के चलते खेल खत्म करने के लिए कहा। इस पर जिब्रान और गाजीपुर के छात्रों के बीच बहस होने लगी और मारपीट हो गई थी। रविवार को गुस्साए कश्मीरी छात्रों ने एएमयू के शताब्दी गेट को बंद करके नारेबाजी और प्रदर्शन किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed