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अलीगढ़ : कोरोना काल में दवाओं का बाजार 50 फीसदी तक सिमटा

Mon, 22 Jun 2020 01:45 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 22 Jun 2020 01:45 AM IST
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The market for other drugs in the Corona era was reduced to 50 percent
शैलेंद्र सिंह टिल्लू - फोटो : अमर उजाला
दवा बाजार का सन्नाटा बता रहा है कि कारोबार 30 से 50 प्रतिशत तक सिमट चुका है। दांत, आंख, कान, नाक और गला आदि के मरीजों की ओपीडी अस्पतालों में बंद होने से डॉक्टरों के पर्चे मेडिकल स्टोर तक नहीं पहुंच रहे हैं। ऑपरेशन कम होना भी एक कारण है। हालांकि, इस दौरान सैनिटाइजर, मास्क, पीपीई किट, डिटॉल एवं अन्य कुछ उत्पादों की खपत बढ़ी। डायबिटिज, ब्लड प्रेशर, स्किन, खांसी, बुखार और एलर्जी आदि की दवाओं की पूर्व से कुछ बेहतर बिक्री होने से भी असर कम हुआ है।
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कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश को लॉकडाउन किया गया था। लॉकडाउन के बाद स्वास्थ्य सेवाएं (सरकारी एवं प्राइवेट) कोरोना वायरस के इर्द-गिर्द सिमट गईं। इस दौरान डॉक्टर अन्य मरीजों को देख ही नहीं रहे थे या बहुत कम देख रहे थे। इस कारण मेडिकल स्टोर में अन्य दवाओं की बिक्री प्रभावित हुई।

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अनलॉक होने के बाद शासन द्वारा सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के अतिरिक्त दूसरी बीमारी से पीड़ित मरीजों को देखने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन डॉक्टर एवं प्रशासन के बीच कुछ ऐसी बातें फंसी हैं, जिसकी वजह से डॉक्टर खुलकर ओपीडी नहीं चला रहे हैं। यही कारण है कि अनलॉक के बाद भी कोरोना को छोड़कर दूसरे मरीजों के उपचार में दिक्कत हो रही है। ऑपरेशन आदि तो बहुत कम हो रहे हैं या टाल दिए जा रहे हैं।

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लॉकडाउन के पहले फफाला में प्रतिदिन 60 से 70 लाख से अधिक के काम होता था। वर्तमान में मुश्किल से 30 से 40 प्रतिशत काम हो रहा है। मास्क, सैनिटाइजर एवं पीपीई किट आदि से जान बची हुई है। आंख, कान, नाक, गला एवं दांत आदि के डॉक्टर तो बैठ ही नहीं रहे हैं।

- शैलेंद्र सिंह टिल्लू, अध्यक्ष, जिला अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन


वर्तमान समय में करीब 50 प्रतिशत कारोबार बचा है। ओपीडी नहीं चल रही है। दवा नहीं बिक रही है। डॉक्टर के पर्चें बहुत कम आ रहे हैं। कुछ डॉक्टर तो ऐसे है जिनके यहां 100 से लेकर 300 या उससे अधिक मरीज आते थे। आज उनके भी पर्चे बहुत कम दिख रहे हैं। सैनिटाइजर, मास्क व किट से खर्च निकल रहे।
- आलोक वात्सल्य, दवा कारोबारी


दवा कारोबार करीब 40 प्रतिशत प्रभावित हुआ है। डायबिटिज, ब्लड प्रेशर, एलर्जी, स्किन, खांसी, बुखार आदि की दवाएं पहले की तरह अच्छी बिक रही है। गलत नीतियों के कारण डॉक्टर ओपीडी नहीं कर रहे या डर-डर कर रहे हैं। आंख, दांत, ईएनटी आदि के डॉक्टर प्रैक्टिस से बच रहे हैं।


-भूपेंद्र वार्ष्णेय, पूर्व चेयरमैन, केमिस्ट एसोसिएशन


रिटेल कारोबार तो 30-40 प्रतिशत रह गया है। मास्क, सैनिटाइजर आदि बेचकर दुकानदार खर्चे निकाल रहे हैं। डिटॉल की तो बाजार में किल्लत है। सैनिटाइजर के अतिरिक्त लोग नहाने एवं कपड़े धोने के दौरान भी डिटॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ बड़े थोक विक्रेता स्वयं सैनिटाइजर बनवा कर बेच रहे हैं।
- उमेश श्रीवास्तव, महामंत्री अलीगढ़ रिटेलर्स केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन

उमेश श्रीवास्तव।

उमेश श्रीवास्तव।- फोटो : CITY OFFICE

 

भूपेंद्र वार्ष्णेय।

भूपेंद्र वार्ष्णेय।- फोटो : CITY OFFICE

 

आलोक वात्सल्य।

आलोक वात्सल्य।- फोटो : CITY OFFICE

 

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