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Aligarh News: ईसी की बैठक में उठेगा गांधी नेत्र चिकित्सालय के भवन पर कब्जा का मुद्दा
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का गांधी नेत्र चिकित्सालय के भवन पर 11 साल से कब्जा है। यूनिवर्सिटी और गांधी नेत्र चिकित्सालय ट्रस्ट के बीच करार की मियाद खत्म हो चुकी है। 13 अक्तूबर को यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में भवन को खाली करने का मुद्दा उठेगा।
रामघाट रोड स्थित गांधी नेत्र चिकित्सालय की स्थापना वर्ष 1952 में चिकित्सालय और यूनिवर्सिटी के सहयोग से हुई थी। इसकी आधारशिला तीन जनवरी 1952 को भारत सरकार की तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर ने रखी थी। चिकित्सालय परिसर के एक भवन में यूनिवर्सिटी का नेत्र विभाग संचालित था, जो वर्ष 2014 में जेएन मेडिकल कॉलेज के ऑप्थलमोलॉजी डिपार्टमेंट में शिफ्ट हो गया।
गांधी नेत्र चिकित्सालय के अधीक्षक मधुप लहरी ने बताया कि यूनिवर्सिटी और चिकित्सालय ट्रस्ट के बीच यह करार हुआ था, जब जेएन मेडिकल कॉलेज के ऑप्थलमोलॉजी डिपार्टमेंट में यूनिवर्सिटी का नेत्र विभाग शिफ्ट हो जाएगा, तब यह भवन खाली कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। भवन खाली कराने के लिए डीएम, एसीएम के जरिये यूनिवर्सिटी को कई बार पत्राचार किए जा चुके हैं। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि 13 अक्तूबर को होने वाली ईसी की बैठक में भवन खाली कराने का बिंदु रखा जाएगा।
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ये भी होंगे मुद्दे
-फिजिकल एजूकेशन में फिजिकल इंस्ट्रक्टर का मुद्दा
-सेवानिवृत्त शिक्षक द्वारा फर्जी प्रमाणपत्र जमा करना
-महिला शिक्षिका के उत्पीड़न के संबंध में रिपोर्ट रखी जाएगी
-इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में पूर्व तकनीकी सहायक स्टोर द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र का मुद्दा
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रामघाट रोड स्थित गांधी नेत्र चिकित्सालय की स्थापना वर्ष 1952 में चिकित्सालय और यूनिवर्सिटी के सहयोग से हुई थी। इसकी आधारशिला तीन जनवरी 1952 को भारत सरकार की तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर ने रखी थी। चिकित्सालय परिसर के एक भवन में यूनिवर्सिटी का नेत्र विभाग संचालित था, जो वर्ष 2014 में जेएन मेडिकल कॉलेज के ऑप्थलमोलॉजी डिपार्टमेंट में शिफ्ट हो गया।
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गांधी नेत्र चिकित्सालय के अधीक्षक मधुप लहरी ने बताया कि यूनिवर्सिटी और चिकित्सालय ट्रस्ट के बीच यह करार हुआ था, जब जेएन मेडिकल कॉलेज के ऑप्थलमोलॉजी डिपार्टमेंट में यूनिवर्सिटी का नेत्र विभाग शिफ्ट हो जाएगा, तब यह भवन खाली कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। भवन खाली कराने के लिए डीएम, एसीएम के जरिये यूनिवर्सिटी को कई बार पत्राचार किए जा चुके हैं। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि 13 अक्तूबर को होने वाली ईसी की बैठक में भवन खाली कराने का बिंदु रखा जाएगा।
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ये भी होंगे मुद्दे
-फिजिकल एजूकेशन में फिजिकल इंस्ट्रक्टर का मुद्दा
-सेवानिवृत्त शिक्षक द्वारा फर्जी प्रमाणपत्र जमा करना
-महिला शिक्षिका के उत्पीड़न के संबंध में रिपोर्ट रखी जाएगी
-इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में पूर्व तकनीकी सहायक स्टोर द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र का मुद्दा