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Aligarh News: हाईकोर्ट ने एएमयू छात्र सहित दो की गिरफ्तारी व रिमांड आदेश को दिया अवैध करार

Thu, 21 May 2026 02:46 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2026 02:46 AM IST
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The High Court declared the arrest and remand orders of two people, including an AMU student, as illegal
बाब-ए-सैयद। 
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने डकैती की योजना बनाते हुए व अवैध हथियारों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के एक छात्र शहवान सहित दो की गिरफ्तारी को अवैध ठहराया है। साथ ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा जारी रिमांड आदेश को अवैध ठहराते हुए उसे निरस्त कर दिया है।
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जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों को तुरंत रिहा करने का आदेश जारी किया है, साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को संबंधित विवेचक के खिलाफ लापरवाही की विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। छह महीने के भीतर जांच पूरी कर अनुपालन रिपोर्ट हाईकोर्ट को प्रेषित करनी होगी।
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पुलिस ने गत सात मई 2026 को अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एएमयू के दो छात्र भी शामिल थे। गिरफ्तार छात्र फिरोजाबाद निवासी शहवान खान और एक अन्य आरोपी अर्सलान की गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई। उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद पाया कि पुलिस की गिरफ्तारी और मजिस्ट्रेट के रिमांड आदेश, दोनों में ही गंभीर कानूनी खामियां थीं।
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अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार का अभाव है। पुलिस के गिरफ्तारी मेमो और मजिस्ट्रेट के रिमांड आदेश में कहीं भी इस बात का स्पष्ट उल्लेख नहीं था कि याचिकाकर्ताओं को किन ठोस आधारों पर गिरफ्तार किया जा रहा है। पुलिस द्वारा तैयार किए गए बरामदगी (रिकवरी) मेमो पर याचिकाकर्ताओं के हस्ताक्षर नहीं थे।




अदालत ने साफ किया कि यदि निचली अदालत या मजिस्ट्रेट द्वारा रिमांड आदेश बिना किसी कानूनी आधार के, यांत्रिक तरीके से पारित किया जाता है, तो उच्च न्यायालय को उसमें हस्तक्षेप करने और उसे रद्द करने का पूरा अधिकार है।
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