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नाली का तो बहाना, हत्या का लिया बदला
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दोहरा हत्याकांड कोई इत्तेफाक नहीं। इसे बाकायदा सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया। पुलिस की मानें तो दो वर्ष पूर्व इसी नाली के विवाद में शकुंतला की हत्या हुई थी, जिसमें आज की घटना में मृत सर्वेश व उसके दो बेटे जेल गए। पांच माह पहले जमानत पर छूटकर आने के बाद ये सभी गांव से बाहर रामघाट रोड स्थित तालसपुर में जाकर बस गए। डेढ़ माह पूर्व वापस यह परिवार गांव में आकर रहने लगा था। सोमवार को मौका देखकर बदले की आग में सुलग रहे शकुंतला के परिवार ने इस कांड को अंजाम दे दिया। इस घटना के बाद में गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी तैनात कर दी गई है।
पुलिस जांच के अनुसार ये घटना वर्ष 2020 की है। जब पड़ोस में रहने वाले एक ही जाति के जोगेंद्र व एवन सिंह के परिवार में नाली को लेकर झगड़ा हुआ था। इस झगड़े में दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट के दौरान एवन सिंह की पत्नी शकुंतला देवी की मौत हो गई थी। उस समय दर्ज मुकदमे में सर्वेश व उसके दो बेटे जेल गए थे। गांव में तनाव व खुद को कमजोर मानते हुए जोगेंद्र ने गांव छोड़ दिया और तालसपुर में आकर बस गया। पांच माह पहले उसके परिजन जमानत पर छूटकर आ गए। वे भी तालसपुर पर ही रहने लगे। डेढ़ माह पहले अचानक माहौल को सामान्य समझकर यह परिवार गांव में वापस पहुंच गया। मगर उसे अंदाजा न था कि इस घटना से उसका सामना होगा।
जानबूझकर नाली तोड़ने का है आरोप
देर रात पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार आरोपी पक्ष को यह जानकारी लगी कि जोगेंद्र अपनी बीमार पत्नी को अस्पताल से लेकर आ रहा है। उसी समय जानबूझकर नाली तोड़ी गई। जिसमें जोगेंद्र गिर गया। हालांकि उसने ईंट लगा दी और बात कहासुनी तक सीमित रही। इस मामले में उसने किसी का न तो नाम लिया और न आक्रामक हुआ। बावजूद इसके साजिश रचाए बैठा दूसरा पक्ष हमलावर हो गया और घटना को अंजाम दे दिया।
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एक महिला के अलावा कोई नहीं मिला हमलावरों के घर में
इस घटना को एक दर्जन से अधिक हमलावरों ने अंजाम दिया। इस घटना के बाद जब पुलिस ने दबिश के दौरान घर की तलाशी ली तो सिर्फ एक महिला मिली। बाकी सभी लोग घर से गायब थे। इस पर पुलिस उनके रिश्तेदारियों व संभावित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है।
स घटना के मूल में पुरानी रंजिश समाने आ रही है। मृत दंपती के बेटे रवि की ओर से देर रात तहरीर दी गई है, जिसमें एवन सिंह पक्ष पर साजिश के तहत हत्या का आरोप है। इस मामले में अजय और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
मौत के घाट उतारने तक पीटते रहे
अलीगढ़। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि हमलावर आक्रामक थे। वे जब तक ईंट पत्थरों से महिला को पीटते रहे, तब तक कि वह मर नहीं गई। इस दौरान बच्चों को घर से बाहर खींचकर लाया गया। उन पर ईंटों से प्रहार किया गया। जब दंपति अचेत हो गए, जब उन्हें मृत समझकर छोड़ा गया। इधर, हमलावरों ने पुलिस के आने से पहले अपने घरों में खुद लूट का नाटक रचते हुए तोड़फोड़ कर ली। जब पुलिस उनके घर पहुंची तो वहां मौजूद महिला ने मृत पक्ष पर लूट का आरोप मढ़ दिया।
एक बेटी की हालत नाजुक
इस घटना में जख्मी हुई बेटी डौली की हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि दंपती का सबसे बड़ा बेटा रवि बाहर रहता है। उसे इस घटना की सूचना पहुंचा दी गई है। इसके अलावा परिवार में अभी और कोई देख रेख करने वाला नहीं है। यहां तक कि घायलों की कोई तीमारदारी करने वाला नहीं। इस खबर पर जोगेंद्र का भाई जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंच गया। वही घायलों की तीमारदारी में लगा हुआ था। उससे जब इस घटना के विषय में जानकारी ली गई तो वह इतना बता पाया कि पहले से रंजिश चल रही है। उसी रंजिश में यह घटना हुई है।
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पुलिस जांच के अनुसार ये घटना वर्ष 2020 की है। जब पड़ोस में रहने वाले एक ही जाति के जोगेंद्र व एवन सिंह के परिवार में नाली को लेकर झगड़ा हुआ था। इस झगड़े में दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट के दौरान एवन सिंह की पत्नी शकुंतला देवी की मौत हो गई थी। उस समय दर्ज मुकदमे में सर्वेश व उसके दो बेटे जेल गए थे। गांव में तनाव व खुद को कमजोर मानते हुए जोगेंद्र ने गांव छोड़ दिया और तालसपुर में आकर बस गया। पांच माह पहले उसके परिजन जमानत पर छूटकर आ गए। वे भी तालसपुर पर ही रहने लगे। डेढ़ माह पहले अचानक माहौल को सामान्य समझकर यह परिवार गांव में वापस पहुंच गया। मगर उसे अंदाजा न था कि इस घटना से उसका सामना होगा।
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जानबूझकर नाली तोड़ने का है आरोप
देर रात पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार आरोपी पक्ष को यह जानकारी लगी कि जोगेंद्र अपनी बीमार पत्नी को अस्पताल से लेकर आ रहा है। उसी समय जानबूझकर नाली तोड़ी गई। जिसमें जोगेंद्र गिर गया। हालांकि उसने ईंट लगा दी और बात कहासुनी तक सीमित रही। इस मामले में उसने किसी का न तो नाम लिया और न आक्रामक हुआ। बावजूद इसके साजिश रचाए बैठा दूसरा पक्ष हमलावर हो गया और घटना को अंजाम दे दिया।
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एक महिला के अलावा कोई नहीं मिला हमलावरों के घर में
इस घटना को एक दर्जन से अधिक हमलावरों ने अंजाम दिया। इस घटना के बाद जब पुलिस ने दबिश के दौरान घर की तलाशी ली तो सिर्फ एक महिला मिली। बाकी सभी लोग घर से गायब थे। इस पर पुलिस उनके रिश्तेदारियों व संभावित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है।
स घटना के मूल में पुरानी रंजिश समाने आ रही है। मृत दंपती के बेटे रवि की ओर से देर रात तहरीर दी गई है, जिसमें एवन सिंह पक्ष पर साजिश के तहत हत्या का आरोप है। इस मामले में अजय और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
मौत के घाट उतारने तक पीटते रहे
अलीगढ़। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि हमलावर आक्रामक थे। वे जब तक ईंट पत्थरों से महिला को पीटते रहे, तब तक कि वह मर नहीं गई। इस दौरान बच्चों को घर से बाहर खींचकर लाया गया। उन पर ईंटों से प्रहार किया गया। जब दंपति अचेत हो गए, जब उन्हें मृत समझकर छोड़ा गया। इधर, हमलावरों ने पुलिस के आने से पहले अपने घरों में खुद लूट का नाटक रचते हुए तोड़फोड़ कर ली। जब पुलिस उनके घर पहुंची तो वहां मौजूद महिला ने मृत पक्ष पर लूट का आरोप मढ़ दिया।
एक बेटी की हालत नाजुक
इस घटना में जख्मी हुई बेटी डौली की हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि दंपती का सबसे बड़ा बेटा रवि बाहर रहता है। उसे इस घटना की सूचना पहुंचा दी गई है। इसके अलावा परिवार में अभी और कोई देख रेख करने वाला नहीं है। यहां तक कि घायलों की कोई तीमारदारी करने वाला नहीं। इस खबर पर जोगेंद्र का भाई जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंच गया। वही घायलों की तीमारदारी में लगा हुआ था। उससे जब इस घटना के विषय में जानकारी ली गई तो वह इतना बता पाया कि पहले से रंजिश चल रही है। उसी रंजिश में यह घटना हुई है।

घायल डॉली जेएन मेडिकल में भर्ती।- फोटो : CITY OFFICE