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अलीगढ़ः कृते जिलाधिकारी की परंपरा समाप्त, अफसर-बाबू को जिक्र करना होगा

Wed, 18 Aug 2021 12:27 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 12:27 AM IST
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The end tradition of the District Magistrate, officer-babu will have to mention
जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने फाइलों में नीचे की ओर कृते जिलाधिकारी लिखने की परंपरा को समाप्त कर दिया है। अब सभी फाइलों पर संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी अपना नाम, पद नाम, विभाग, दिनांक लिखने के बाद हस्ताक्षर करेंगे। फाइल या पत्रावली के प्रत्येक पृष्ठ पर क्रमांक भी दर्ज होगा। यदि फाइल किसी विभाग के बाबू के माध्यम से अग्रसारित हुई है तो उसको भी यही क्रम पूरा करना होगा। विभागीय बैठकों के दौरान बुकलेट और फाइलों में अधिकारियों के नाम, पदनाम नहीं होने पर नाराज हुई डीएम ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
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गौर हो कि आम जनता को भी फाइलों में कृते जिलाधिकारी के फेर में संबंधित अधिकारी या बाबू की जानकारी बहुत मुश्किल से होती थी। अब जनता को भी इससे बड़ी राहत मिलेगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मुख्यमंत्री को भेजी जाने वाली शिकायतें समय से नहीं निस्तारित करने वाले संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी को सुबह दस बजे कलक्ट्रेट बुलाया जाएगा। उससे ये पूछा जाएगा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री के निर्देश से बड़ा क्या है..? अगर उनके स्तर से शिकायत पर कार्यवाही का स्पष्ट निर्देश है और आख्या मांगी जा रही है, तो फिर विलंब क्यों हो रहा है। उन शिकायतों को समय से निस्तारित करने में क्या दिक्कत है। अब ऐसी शिकायतें अगर तयशुदा समय में निस्तारित न होकर डिफाल्ट हुईं तो संबंधित विभाग के जिलास्तरीय अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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क्या आप लोग शर्म महसूस नहीं करते हैं : डीएम
उन्होंने एक अधिकारी को आड़े हाथ भी लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री संदर्भों के डिफॉल्ट होने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या आप लोग शर्म महसूस नहीं करते हैं। क्या मुख्यमंत्री से ऊपर भी कोई है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देशित किया कि ऐसे अधिकारी जो शिकायतों का निस्तारण समय से नहीं कर रहे हैं। उन्हें शिकायत डिफॉल्ट होने से पूर्व उनके सम्मुख सुबह दस बजे कलक्ट्रेट में खड़ा करें। सभी अधिकारियों को समय-समय पर सीएम संदर्भित शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता जांचने के भी निर्देश दिये गए हैं।
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